डॉ. रमन सिंह

कभू साइकिल चलाय ले डेरइया बेटी मन आज फाइटर प्लेन उड़ावत हें: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 5 मार्च 2018। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह कहिन कि बेटी मन ल जब-जब मौका मिलीस, उमन अपन प्रतिभा अऊ क्षमता ल साबित करके देखाइन। कभू साइकिल चलाय ले डेरइया बेटी मन आज फाइटर प्लेन उड़ावत हें। मुख्यमंत्री आज इहां साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार म ‘महिला संसद अऊ महिला सशक्तिकरण उपर राष्ट्रीय कार्यशाला’ ल संबोधित करत रहिन। डॉ. सिंह ह कहिन – आज 21 वीं सदी म बेटी अऊ बेटा के बीच भेदभाव उचित नइ हे। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग कोति ले ये आयोजन करे गीस। मुख्यमंत्री ह दीप प्रज्जवलित करके एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ करिन। कार्यक्रम के अध्यक्षता विधानसभा के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ह करिन। मुख्यमंत्री ह ए अवसर म छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग कोति ले प्रकाशित संक्षेपिका ‘सशक्त महिला-सशक्त राष्ट्र’ के विमोचन करिन।




डॉ. सिंह ह महिला संसद अऊ राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन के सराहना करत कहिन कि महिला मन ल ऊंखर अधिकार मन खातिर सजग करे अऊ लैंगिक भेदभाव, भ्रूण हत्या अउ दहेज प्रताड़ना जइसे कुरीति मन के खिलाफ जनजागृति लाय म ये आयोजन सार्थक होही। मुख्यमंत्री ह प्रदेश म महिला सशक्तिकरण बर करे जात प्रयास मन के जानकारी देवत कहिन कि प्रदेश म त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था म महिला मन ल 50 प्रतिशत आरक्षण दे गए हे अऊ पंचायतीराज व्यवस्था म करीबन 56 प्रतिशत महिला मन चुनकर आए हें। स्नातक स्तर तक बेटि मन के शिक्षा के निःशुल्क व्यवस्था करे गए हे। सबो कन्या अऊ बालक विद्यालय मन म शौचालय बनवाए गए हे। सबो स्कूल अऊ कॉलेज मन म रियायती दर म सेनेटरी नैपकिन देवाए जात हे। पूर्व माध्यमिक शाला उत्तीर्ण करइया छात्रा मन ल सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत निःशुल्क सायकल दे गए हे। एखर से हाईस्कूल जवइया छात्रा मन के संख्या म उल्लेखनीय वृद्धि होए हे। मुख्यमंत्री ह कहिन कि लिंग अनुपात के मामला म छत्तीसगढ़ देश म चार अग्रणी राज्य मन म सामिल हे। छत्तीसगढ़ म पिछड़े समझे जाय वाले बस्तर अंचल म ये अनुपात सबले जादा हे। अपेक्षाकृत शिक्षित अऊ प्रगतिशील समाज मन म भ्रूण हत्या, लैंगिक असमानता अऊ दहेज जइसे सामाजिक कुरीति मन के चलन जादा हे। कानून के संगें-संग सामाजिक जागरूकता ले ही ए कुरीति मन ल दूर करे जा सकत हे। जइसे-जइसे समाज म जागरूकता आवत हे, हर क्षेत्र म महिला मन के नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आवत हे।




विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ह अध्यक्षीय आसंदी ले कार्यक्रम ल संबोधित करत कहिन कि ए आयोजन के उददेश्य समाज के हर क्षेत्र म महिला मन के जनसंख्या के अनुपात म उंखर प्रतिनिधित्व बढ़ाए के उपाय मन म जागरूकता लाय के हे। उमन उम्मीद जताइन कि ए महिला संसद म एखर संबंध म प्रस्ताव तइयार करे जाही। उमन कहिन कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व म छत्तीसगढ़ म महिला सशक्तिकरण के बहुत अकन काम करे जात हे। शिक्षा ही महिला सशक्तिकरण के सबले बड़े जरिया हे। उमन छत्तीसगढ़ म संचालित नोनी सुरक्षा योजना अऊ महतारी जतन योजना के विशेष रूप ले उल्लेख करिन। श्री अग्रवाल ह कहिन कि आज महिला संसद अऊ राष्ट्रीय कार्यशाला म महिला सशक्तिकरण बर जऊन घलोक निर्णय लिए जाही ओ मन मील के पत्थर साबित होही। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय ह स्वागत भाषण दीन। उमन कहिन कि देश के संसदीय प्रणाली के प्रति जागरूकता लाय के उददेश्य ले महिला संसद के आयोजन करे गए हे। पंचायत अउ ग्रामीण विकास मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, महिला अउ बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू , राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष श्रीमती लकीर शर्मा, संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी अऊ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री धरमलाल कौशिक संग गुजरात, उत्तराखण्ड, उत्तरप्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर अऊ महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ महिला आयोग के सदस्य अउ महिला मन बड़ संख्या म ए अवसर म उपस्थित रहिन।



मुहाचाही:  डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ स्कवैश एसोसिएशन के फेर अध्यक्ष निर्वाचित