डॉ. रमन सिंह

किसान मन के आमदनी दुगुना करे म वनौषधि के खेती के होही महत्वपूर्ण योगदान: डॉ. रमन सिंह

रायपुर, 07 मार्च 2018। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह कहिन कि किसान मन के आमदनी दुगुना करे म वनौषधि मन के खेती अऊ वनोपज मन के महत्वपूर्ण योगदान हो सकत हे। मुख्यमंत्री आज इहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर कोति ले औषधीय सुगंधित फसल अउ अकाष्ठीय वनोपज के माध्यम ले उद्यमिता विकास’ विसय म आयोजित दू दिवस के राष्ट्रीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र ल संबोधित करत रहिन। उमन कहिन कि वनौषधि मन के खेती अऊ वनोपज मन के उत्पादन ल बढ़ावा देहे अउ किसान मन अऊ वनवासि मन ल एखर से जोरे के जरुरत हे। ए काम म इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि महाविद्यालय मन, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि वैज्ञानिक, पढ़ईया लईका मन अउ कृषि विभाग के मैदानी अमला के महत्वपूर्ण भूमिका होही। डॉ. सिंह ह दीप प्रज्जवलित करके कार्यशाला के शुभारम्भ करिन।




कार्यशाला स्‍वामी विवेकानंद सभागार, कृषि महाविद्यालय, रायपुर म आयोजित करे गीस। उमन ए अवसर म विश्वविद्यालय कोति ले प्रकाशित स्मारिका के विमोचन तको करिन। ए राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि अउ जैव प्रौद्योगिकी विभाग अऊ लघु उद्योग भारती छत्तीसगढ़ के सहयोग ले करे गीस। मुख्यमंत्री ह कहिन कि आज दुनिया म वनौषधि मन के व्यापार करीबन 20 प्रतिशत वृद्धि दर के संग बाढ़त हे। छत्तीसगढ़ के समृद्ध वन संपदा अऊ जैवविविधता के सेती एमा बड़े भागीदारी हमार प्रदेश के हो सकत हे।




ए दू दिवसीय कार्यशाला म राष्ट्रीय स्तर के ख्यातिप्राप्त संस्थान जइसे केन्द्रीय औषधीय अउ सुगंध पौध संस्थान लखनऊ, भारतीय वन प्रबंध संस्थान भोपाल, प्राकृतिक राल अउ गोंद संस्थान रांची, वन अनुसंधान संस्थान देहरादून, भारतीय समवेत औषध संस्थान जम्मू, सुगंध अउ सुरस विकास केन्द्र कन्नौज आदि के वैज्ञानिक अउ विशेषज्ञ, उद्योगपति, बनइया अऊ व्यापारी, किसान विश्वविद्यालय के शिक्षक अउ विद्यार्थी ए अवसर म उपस्थित रहिन। डॉ सिंह ह सुगंधित फसल, औषधीय अउ अकाष्ठीय वनोपज के माध्यम ले उद्यमिता विकास उपर केन्द्रित प्रदर्शनी के अवलोकन घलोक करिन।

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