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गांव मन म म कानूनी सहायता देहे बर टेली-लॉ प्रणाली के शुभारंभ

  • प्रायोगिक परियोजना उत्तर प्रदेश अउ बिहार म 1000 सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के संग संचालित करे जाही
  • ए कार्यक्रम के संग 1000 महिला अर्द्ध-विधिक स्वयंसेवक मन के क्षमता निर्माण म मदद मिलही
  • टेली-लॉ सेवा मन के कारगर संचालन बर 1000 सामान्य सेवा केंद्र मन म वीएलईज़ ल प्रशिक्षण देहे गए हे

नई दिल्‍ली, 12 जून 2017। अलग-थलग हो गए समुदाय मन अउ गांव मन म रहइया नागरिक मन ल कानूनी सहायता आसानी ले देहे खातिर भारत सरकार ह ‘टेली-लॉ’ प्रणाली के शुभारंभ करे हवय। ये कार्यक्रम विधि अउ न्याय मंत्रालय अउ इलेक्ट्रानिक्स अउ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय मिल के संचालित करहीं। एखर खातिर डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत इलेक्ट्रोनिक्स अउ सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ले देशभर म पंचायत स्तर म संचालित करे जात सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के उपयोग करे जाही। पहिली चरण के समय ‘टेली-लॉ’ कार्यक्रम परयोग के तौर म उत्तर प्रदेश अउ बिहार म 500 सामान्य सेवा केंद्र मन म चलाय जाही ताकि ए दिशा म आवईया चुनौती मन ल समझे जा सकय अउ चरणबद्ध ढंग ले देशभर म ए कार्यक्रम ल लागू करे के पहिली जरूरी सुधार करे जा सकय।
इलेक्ट्रानिक्स अउ आईटी मंत्रालय अउ कानून एवं न्याय मंत्रालय कोति ले पत्र सूचना कार्यालय ले संघरा जारी विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम के अंतर्गत ‘टेली-लॉ’ नाम के एक पोर्टल शुरू करे जाही, जऊन कॉमन सर्विस सेंटर नेटवर्क म मिलही। ये पोर्टल प्रौद्योगिकी सक्षम प्लेटफार्म मन के सहायता ले नागरिक मन ल कानून सेवा प्रदाता मन के संग जोड़ही। ‘टेली-लॉ’ के संग मनखे वीडियो कांफ्रेंसिंग के संग सामान्य सेवा केंद्र मन म वकील मन से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकही। एखर अलावा लॉ स्कूल, जिला विधि सेवा प्राधिकारी, स्वयंसेवी सेवा प्रदाता अउ कानूनी सहायता आन अधिकारिता के क्षेत्र म काम करत गैर-सरकारी संगठन मन ल घलोक सीएससीज़ के संग जोड़े जाही। राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण (नाल्सा) राज्य मन के राजधानी मन से वकीलों के एक पैनल खड़ा करही, जऊन आवेदक मन ल वीडियो कांफ्रेंसिंग के संग कानूनी सलाह अउ परामर्श प्रदान करहीं।
‘टेली-लॉ’ सेवा के शुभारंभ करत करत माननीय इलेक्ट्रोनिक्स आईटी विधि अउ न्याय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद हर कहिस कि ये सेवा शुरू करके सरकार ह न्याय अउ अधिकारिता के पहुंच समाज के गरीब मनखे तक सुनिश्चित करे के अपन वादा ल निभाए हावय। ए कार्यक्रम के अंतर्गत हर एक सामान्य सेवा केंद्र म एक पैरा-लीगल वालंटियर (पीएलवी) के नियुक्ति होही, जऊन ग्रामीण नागरिक मन बर सम्पर्क के पहला बिंदु होही अउ कानूनी मुद्दा समझे म उंखर सहायता करही। एखर अंतर्गत चुने गए पीएलवीज़ ल जरूरी प्रशिक्षण घलोक प्रदान करे जाही ताकि ओ मन अपन दायित्व के कारगर ढंग ले निर्वाह कर सकंय।
ये कार्यक्रम झारखंड अउ राजस्थान म कमजोर वर्ग के पहुंच न्याय तक कायम करे बर न्याय विभाग अउ संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) कोति ले चलाए जात एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट के हिस्सा के रूप म तैयार करे गए हे। एखर अंतर्गत झारखंड म तीन जिला के दस सामान्य सेवा केंद्र अउ राजस्थान म 11 जिला के 500 सामान्य सेवा केंद्र मन के संग लोगन ल कानूनी सहायता देहे जात हे। एखर अंतर्गत राजस्थान म 500 स्वयंसेवी विधि विशेषज्ञ मन ल सामाजिक न्याय के कानून मन के प्रशिक्षण घलोक प्रदान करे गए हे।

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