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छंद गुरू अरूण निगम ल ‘महाकवि कपिलनाथ कश्यप’ सम्मान

भिलाई के संगी मन करिन सुरता महाकवि कपिलनाथ कश्यप के

भिलाई, 08.03.2018। महाकवि कपिलनाथ कश्यप के 112 वीं जयंती 6 फरवरी के दिन कूर्मि भवन सेक्टर – 7 भिलाई मा सम्‍पन्‍न होइस। मुख्य आयोजक कूर्मि सेवा समिति भिलाई अउ छत्तिसगढ़ी साहित्यिक संस्था ‘गुड़ीचौरा’ के सहयोग ले भव्य अउ गरिमापूर्ण माहौल मा सम्पन्न होइस। ये बेरा म मंच ले संजीव तिवारी ह कश्यप जी के जीवन के अनछुए पहलू मन ला रखके छत्तीसगढ़ी साहित्य बर उनकर योगदान ला नीव के पत्थर बताइन। संगीतकार के.के. पाटिल के उद्बोधन ले श्रोता अउ पहुना मन घलो प्रभावित होइन। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. सुधीर शर्मा हा छत्तीसगढ़ी मा बोलचाल, लिखई अउ पढ़ई बर जोर दीन। कार्यक्रम के माई पहुना श्रीमती सरला शर्मा अपन उद्बोधन मा कपिल नाथ कश्यप जी के साहित्य मा स्त्री पक्ष के बात ला वर्तमान मा जोंड़ के बताइन कि महाकवि ह आज से 50 साल पहिली कइसे स्त्री सशक्तिकरण के बात करें हें।





ए बेरा मा छत्तीसगढ़ी साहित्य मा छंद ला पुनर्स्थापित करे के उदिम अउ समरपन बर वरिष्ठ साहित्यकार ‘अरुण कुमार निगम’ ला
“महाकवि कपिलनाथ कश्यप सम्मान” पहुना अउ सामाजिक पदाधिकारी मन के हाथ प्रदान करे गीस। ये कार्यक्रम म छंदमय कवि गोष्ठी घलव होइस जेमा हतबंद के छंदकार चोवाराम वर्मा ‘बादल’, बलौदाबाजार के दिलीप कुमार वर्मा, दुर्ग के सूर्यकान्त गुप्ता दुर्ग, श्रीमती सपना निगम अउ भिलाई के बलराम चंद्राकर मन अलग-अलग छंद मा अपन रचना के पाठ करके जनता के बीच छंदमय कवि सम्मेलन के एक नवा अउ सफल इतिहास बनाइन।



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