अभिषेक सिंह डॉ. रमन सिंह

दिग्विजय कॉलेज के हीरक जयंती समारोह म सामिल होइन मुख्यमंत्री

राजा दिग्विजयदास अऊ वीरेन्द्र बहादुर सिंह ह शिक्षा के पुण्य काम बर महल दान करके पेश करिस अनुपम उदाहरण: डॉ. रमन सिंह
कॉलेज म बीपीएड कक्षा अऊ सिकलसेल अनुसंधान प्रयोगशाला मंजूर करे के घोषणा

रायपुर, 15 फरवरी 2018। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह जिला मुख्यालय राजनांदगांव म आयोजित शासकीय दिग्विजय स्वशासी स्नातकोत्तर कॉलेज के हीरक जयंती समारोह म सामिल होइन। महाविद्यालय प्रशासन के आग्रह म मुख्यमंत्री ह उहां बीपीएड के पढ़ाई शुरू करे अऊ सिकल सेल अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापना के घलोक स्वीकृति देहे के घोषणा करिन। उमन कहिन कि राजनांदगांव जिला के तत्कालीन रियासत मन के राजा मन ह जनता ल शिक्षा के सुविधा देवाए बर सराहनीय योगदान देहे हें। उमन कहिन – जब हम देश के कई ठन पर्यटन स्थल मन म जाथन त देखथन कि वो क्षेत्र मन के तत्कालीन राजा मन के महल म थ्री स्टार, फाइव स्टार होटल बन गए हे फेर राजनांदगांव म महंत राजा दिग्विजय दास ह क्षेत्र के युवा मन के कॉलेज शिक्षा बर अऊ खैरागढ़ म राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह ह अपन महल संगीत शिक्षा बर दान करके अनुपम उदाहरण पेश करे रहिन। ए दुनों भवन मन के सेती आज राजनांदगांव के ख्याति संस्कारधानी के रूप म वैश्विक स्तर म हे।





मुख्यमंत्री ह कहिन कि मोला दिग्विजय कॉलेज के परिसर म आए म गौरव होथे। ए परिसर म प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ह अपन मूल्यवान समय देहे रहिन। मुक्तिबोध जइसे हिंदी साहित्य के शीर्षस्थ कवि मन ह अध्यापन करे रहिन। ये शख्सियत दिग्विजय कॉलेज बर लाइफ टाइम एचीवमेंट के जइसे हे। ए बेरा म मुख्यमंत्री ह कहिन कि अतेक बड़े कॉलेज म पहिली 400 पढ़ईया लईका मन बर ही सेटअप रहिस। प्राध्यापक मन के कमी ले कोन कॉलेज कइसे बेहतर तरीका ले शिक्षा दे सकत हे। ते खातिर सेटअप बढ़ाए गीस अऊ पहिली के 46 पद मन के तुलना म 96 पद मन के सेटअप दे गीस। मुख्यमंत्री ह अपन आस्ट्रेलिया यात्रा के अनुभव मन के घलोक जानकारी दीन। उमन बताइन कि आस्ट्रेलिया म डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर जइसे प्रमुख पद मन म कई भारतीय कार्यरत हें। भारत अब घलोक विश्वगुरु हे। भारतीय मन के डीएनए म ज्ञान के भंडार हे। उमन कहिन कि यूरोप जब डार्क एज म रहिस तब भारत म श्रेष्ठ वैदिक ऋचा मन के रचना करे जात रहिस।




डॉ. रमन सिंह ह युवा मन के प्रशंसा करत कहिन कि आप मन के पीढ़ी हमर पीढ़ी ले यादा ऊर्जावान हे अऊ आप मन उज्ज्वल भारत के भविष्य के प्रणेता हव। उमन युवा मन ल सीख देवत कहिन कि किताब मन के ज्ञान के अलावा अपन परिवेश के समझ घलोक रखव। आप मन ग्लोबल सिटीजन बनच। कहूं आप मन दुनिया के ज्ञान अऊ तकनीक के संग कदमताल नइ करहू त आप मन पिछड़ जाहू। उमन कहिन कि स्मार्ट फोन म लुकाय ज्ञान अकूत हे एसका सकारात्मक उपयोग आप मन ल दिशा देही। लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह ह कहिन कि उच्‍च शिक्षा के प्रसार अंदरूनी क्षेत्र मन तक होए म अब मनखे मन ल कम दूरी तय करना परत हे। एखर बर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व म राज्य सरकार ह नवा कॉलेज बनाए गए हे। ए बजट म औंधी अऊ ठेलकाहीड म कॉलेज के स्थापना के घोषणा करे गइस। साल्हेवारा ले औंधी तक हर जगह महाविद्यालय मन के सुविधा ले उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र म एक नवा क्रांति के शुरूआत हो गए हे। महापौर श्री मधुसूदन यादव ह घलोक अपन विचार व्यक्त करिन। ए अवसर म कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरएन सिंह ह महाविद्यालय के उपलब्धि मन ल मुख्यमंत्री के आघू रखिन। उमन शासन कोति ले महाविद्यालय ल समय-समय म नवाचार बर दे जाय वाले सहायता बर आभार घलोक प्रस्तुत करिन। ए मौका म महाविद्यालय के भूतपूर्व प्राचार्य, प्राध्यापक अउ महाविद्यालय ले पढ़ाई कर डरे पूर्व विद्यार्थी, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक अउ खेल जगत म उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करइया पूर्व विद्यार्थी मन के सम्मान करे गीस।




ए अवसर म राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामजी भारती, राज्य समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्रीमती शोभा सोनी, राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, राज्य उर्दू अकादमी के अध्यक्ष श्री अकरम कुरैशी, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री खूबचंद पारख, नागरिक आपूर्ति निगम के पहिली अध्यक्ष श्री लीलाराम भोजवानी, पाठ्य पुस्तक निगम के पहिली अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा, विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती सरोजनी बंजारे, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राज्य खाद्य आयोग के सदस्य श्री अशोक चौधरी, राज्य गृह निर्माण मंडल के सदस्य श्री नरेश डाकलिया, राज्य महिला आयोग के सदस्य डॉ. लकीर मेश्राम, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष श्री रमेश पटेल, नगर निगम के सभापति श्री शिव वर्मा, राज्य अंत्यावसायी विŸा विकास निगम के सदस्य श्री पवन मेश्राम, पूर्व सांसद श्री प्रदीप गांधी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री भरत वर्मा अउर श्री दिनेश गांधी, पूर्व महापौर श्री विजय पाण्डे, श्री सुरेश एचलाल, पूर्व मंडी उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत संग पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के. पाण्डे, महाविद्यालय के भूतपूर्व छात्र अउर पूर्व मंत्री श्री धनेश पाटिला अउर श्री गोवर्धन नेताम, पùश्री सम्मानित पुखराज बाफना, रिटायर्ड आईएएस श्री भरत अग्रवाल, शिक्षाविद् डॉ. हेमलता मोहबे, डॉ. गणेश खरे, प्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती कविता वासनिक संग महाविद्यालय के भूतपूर्व अऊ विद्यार्थी कलेक्टर श्री भीम सिंह संग आन कई वरिष्ठजन उपस्थित रहिन।



मुहाचाही:  उद्योग अऊ व्यापार के क्षेत्र म युवा मन बर खुलत हे अवसरों के नवा दरवाजा : डॉ. रमन सिंह