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महिला सुरक्षा बर गृह मंत्रालय ह करिस दू वैबसाईट लाँच

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ह यौन अपराधी मन उपर बने देश के पहिली ऑनलाइन अऊ केन्द्रीयकृत राष्ट्रीय डाटाबेस-एनडीएसओ के उद्घाटन करिन अऊ एखरे संग अइसन सूचना अऊ आंकड़ा रखइया भारत ह नौवां देश बन गीस। ए डाटाबेस म दोषी करार देहे गये यौन अपराधी मन के नाम, फोटो, पता, अंगरी मन के निशान अउ आन जानकारी रहिही। ताकि अपराधी के शिनाख्त हो सकय। ए वेबसाईट ल राष्ट्रीय मिशन महिला सुरक्षा के अंतरगर्त लाए गए हे। एखर डेटाबेस के रख रखाव नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अंतर्गत रखे जाही। ये पोटर्ल केवल सरकारी ऐजेसी मन उपयोग कर सकहीं। ए मौका म गृहमंत्री ह कहिन के ये डेटाबेस जांच ऐजँसी मन ल तेज़ी ले जांच करे म सहायक होही। उमन कहिन कि अभी तक कुल 4.5 लाख सेक्सुअल ओफैंडर के जानकारी ए डेटाबेस म हे। उमन कहिन के सरकार कोति ले ले महिला मन अऊ लइका मन के प्रति अपराध ल रोके बर कई कदम उठाए गए हे।
दुसर वैवसाईट घलोक महिला सुरक्षा ल लेके ही हे जेखर नाम cybercrime.gov.in हे । ए वेबसाईट म नागरिक मन द्आरा महिला अउ लइका मन के उपर होवइया अपराध मन ल दर्ज करवाए जा सकही। महिला मन अऊ लइका मन के प्रति अपराध ल रोके बर सरकार के तरफ ले कई प्रयास करे जात हे। गृहमंत्रालय ह साईबर अऊ फोरेंसिक लैब बनाए बर पहिली ही करीबन 95 करोड़ रुपये दीए हे । जऊन साईबर क्राइम ल रोके के प्रशिक्षण अऊ खोजबीन ल अऊ जादा सहायता प्रदान करही।

मुहाचाही:  बौद्ध धर्म ह देश मन ल एक दूसर के संग जोरे के काम करे हे