Cabinet डॉ. रमन सिंह रायपुर

मुख्यमंत्री के अध्यक्षता म मंत्रिपरिषद के बैठक

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के अध्यक्षता म आज बिहनिया ऊंखर निवास कार्यालय म आयोजित मंत्रिपरिषद के बैठक म कई महत्वपूर्ण निर्णय लेहे गीस। बैठक के बाद डॉ. रमन सिंह ह केबिनेट के फैसला मन के जानकारी दीन। उमन बताइन कि मंत्रिपरिषद ह एक नवम्बर 2018 ले शुरू होवइया धान खरीदी के बेरा म किसान मन ल धान के समर्थन मूल्य के संगें-संग प्रति क्विंटल 300 रूपिया के बोनस देहे के निर्णय लेहे हे।
डॉ. सिंह ह बताइस कि ए पइत किसान मन ल धान म करीबन 2400 करोड़ रूपिया के बोनस मिलही। ए खरीफ विपणन साल 2018-19 बर केन्द्र सरकार कोति ले ए-ग्रेड धान म 1770 रूपिया अऊ कॉमन धान म 1750 रूपिया प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य निरधारित करे गए हे। राज्य सरकार के तरफ ले 300 रूपिया प्रति क्विंटल बोनस देहे म किसान मन ल प्रति क्विंटल क्रमशः 2070 रूपिया अऊ 2050 रूपिया मिलही। ए प्रकार ओ मन ल प्रति क्विंटल 2000 रूपिया ले जादा राशि मिलही। मुख्यमंत्री ह बताइस कि प्राथमिक सहकारी समिति मन के उपार्जन केन्द्र मन म धान बेचइया किसान मन ल समर्थन मूल्य संग बोनस के राशि ऑन लाइन देहे जाही, जऊन सीधा ऊंखर खाता म जमा हो जाही।
उमन बताइन के विधानसभा के विशेष सत्र 11 अऊ 12 सितमबर के दिन होवइया हे। पहिली दिन प्रदेश के दिवंगत राज्यपाल श्री बलरामजी दास टंडन अऊ छत्तीसगढ़ राज्य के सिरजइया पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटलबिहारी वाजपेयी ल श्रद्धांजलि देहे जाही। दूसर दिन दूसर अनुपूरक पेश करे जाही।
मंत्रिपरिषद ह 31 दिसम्बर 2016 तक भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत दर्ज वसूली होवइया 19 हजार 832 प्रकरण मन ल वनवासि मन के व्यापक हित म अपलेखित (समाप्त) करे के घलोक निर्णय लेहे हे। ये अइसे प्रकरण हे, जेमा 20 हजार रूपिया तक जुर्माना के प्रावधान हे। अपलेखित करे म अब ये जुर्माना ओ मन ल नइ दे ल परय।
आप मन ल बता देवन के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व म राज्य सरकार ह एखर पहिली 30 जून 2004 के स्थिति म वन अधिनियम के तहत दर्ज ए प्रकार के दू लाख 57 हजार 226 प्रकरण मन ल घलोक अपलेखित (समाप्त) कर दे रहिन। ए प्रकरण मन ल खतम करे के निर्णय मंत्रिपरिषद के 14 अकटूबर 2005 के बैठक म ले गए रहिस। एमां 12 करोड़ 91 लाख रूपिया के राशि के अपलेखन करत वन अपराध के प्रकरण मन ल जनहित म खतम कर दे गए रहिस। एमां ले कई प्रकरण 50 साल ले घलोक जुन्ना रहिन। ओ समय राज्य सरकार के ए फैसला ले अनुसूचित जाति अउ जनजाति वर्ग के एक लाख 06 हजार 630 मनखे लाभान्वित होए रहिन। आज लेहे गए निर्णय ले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अऊ आर्थिक रूप ले कमजोर वर्ग मन के लगभग 12 हजार मनखे मन ल लाभ मिले के संभावना हे।

मुहाचाही:  प्रधानमंत्री आवास योजना म छत्तीसगढ़ देश म सबले अव्वल