आज से शुरू होगा तीन चरणों में प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान

 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया जनभागीदारी का आव्हान








  • प्रथम चरण में आज से तीन दिनों तक ग्राम पंचायतों और शहरों में आवेदन संकलन शिविर
    दूसरे चरण में एक माह तक होगा आवेदनों का निराकरण
    तीसरे चरण में तीन अप्रैल से 20 मई तक प्रदेश भर में होंगे समाधान शिविर


मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कल 26 फरवरी से तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान में व्यापक जनभागीदारी का आव्हान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों के साथ ही सांसदों, विधायकों, पंच-सरपंचों, जनपद और जिला पंचायत अध्यक्षों और सदस्यों, नगरीय निकायों के महापौरों, अध्यक्षों और पार्षदों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने आज यहां जारी अपील में कहा है कि लोक सुराज अभियान राज्य में सुशासन के लिए लगातार किए जा रहे हमारे प्रयासों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष के लोक सुराज अभियान में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं, ताकि इसे समाधान की दृष्टि से और भी ज्यादा उपयोगी और सार्थक बनाया जा सके। डॉ. सिंह ने कहा है कि यह अभियान राज्य स्तरीय समाधान पर्व है। इसका ध्येय वाक्य ही ’लक्ष्य समाधान का’ रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा-नये स्वरूप में इस बार का लोक सुराज अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है। डॉ. रमन सिंह ने कहा - पहला चरण कल 26 फरवरी से 28 फरवरी तक सम्पन्न होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी, लगभग 11 हजार ग्राम पंचायत मुख्यालयों और 168 शहरी निकायों के वार्डों में निर्धारित स्थानों पर शिविर लगाकर नोडल अधिकारियों द्वारा लोगों से आवेदन संकलित किए जाएंगे। लोगों को आवेदन पत्रो की पावती भी दी जाएगी।




उन्होंने कहा कि 26 से 28 फरवरी तक आवेदन संकलित करने के लिए लगाए गए शिविरों में लोग निर्धारित प्रारूप में अपनी समस्या के निराकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन का प्रारूप अथवा फार्म संबंधित नोडल अधिकारी से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अपनी हर समस्या के लिए अलग-अलग आवेदन फार्म भरें, ताकि आवेदन पत्रों को विभागवार अलग-अलग चिन्हांकित कर संबंधित विभागों को भेजा जा सके। इससे निराकरण में आसानी होगी। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों और विकासखण्ड मुख्यालयों सहित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में ’समाधान पेटी’ रखी जा रही है। लोग तीन दिनों की इस अवधि में ’समाधान पेटियों में भी अपने आवेदन डाल सकते हैं। इसी अवधि में आवेदक अगर चाहे तो अपना आवेदन राज्य सरकार को वेबसाइट- http://cg.nic.in/loksuraj/Reports/login.aspx# में भी सीधे भेज सकते हैं। प्राप्त सभी आवेदन पत्रों को स्केन कर साफ्टवेयर में डाला कर उनका पंजीयन किया जाएगा। साथ ही सभी आवेदन पत्र भौतिक रूप से भी संबंधित विभागों के दफ्तरों को भेजे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिन तक आवेदन संकलित करने के बाद लोक सुराज अभियान के दूसरे चरण में आगामी एक माह तक (एक मार्च से 02 अप्रैल तक) नियमानुसार उनके निराकरण के लिए विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मांगों से संबंधित आवेदन पत्रों का निराकरण बजट प्रावधानों के अनुरूप किया जाएगा। अभियान का तीसरा चरण तीन अप्रैल से 20 मई तक सम्पन्न होगा।




मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को अलग से भेजी गई चिट्ठी में निर्देश दिए हैं कि लोक सुराज अभियान के तीसरे चरण में सभी जिलों में प्रत्येक आठ से दस ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाए। शहरी क्षेत्रों में भी समाधान शिविर लगाया जाए। समाधान शिविरों में आवेदकों को आमंत्रित कर उनकी समस्या के निराकरण के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को समाधान शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए हैं। लोक सुराज अभियान के तीसरे चरण में मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न जिलों का आकस्मिक दौरा करेंगे और शासकीय काम-काज का निरीक्षण करेंगे। डॉ. सिंह स्वयं कुछ शिविरों में जाएंगे और आवेदकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं तथा निराकरण की स्थिति की जानकारी लेंगे। अभियान की समीक्षा भी करेंगे। प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव भी अपने-अपने प्रभार जिलों का आकस्मिक दौरा और निरीक्षण करेंगे। समाधान शिविरों में लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए आवेदन भी प्राप्त किए जाएंगे। समाधान शिविरों में विभिन्न विभागों के विकासखण्ड और अनुविभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे। जिला स्तर के भी कुछ अधिकारी वहां मौजूद रहेंगे। डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि इस आयोजन में सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए और उन्हें समय पर समुचित जानकारी दी जाए।



Yaden 2015





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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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