छत्तीसगढ़ के बजट 2017, मुख्यमंत्री के मूल अभिभाषण

माननीय अध्यक्ष महोदय

आज मैं वर्ष 2017-18 का बजट प्रस्तुत करने के लिए खड़ा हूँ।







1.1 यह बजट न सिर्फ हमारे विकास की दिशा इंगित करता है, बल्कि यह हमारे प्रयासों के परिणामों का प्रतिबिम्ब भी है। समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास, प्रगति की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी एवं राज्य के चतुर्दिक् विकास को सुनिश्चित करने के साथ ही, यह धरातल पर साकार होती हुई जन आकांक्षाओं का दस्तावेज है।
1.2 हमारी सरकार के विगत 13 वर्ष समाज के सबसे कमजोर वर्गों के उत्थान को समर्पित रहे हैं। समाज के सबसे गरीब का कल्याण तथा अंत्योदय के माध्यम से सर्वोदय हमारे प्रयास का केन्द्र रहा है। राज्य ने विगत वर्षों में कई उल्लेखनीय सामाजिक और आर्थिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं तथा मानव पूंजी के विकास के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है।
1.3 अंत्योदय के मुख्य लक्ष्य पर केन्द्रित हमारी सरकार ने किसान, मजदूर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिलाएँ, युवा, निःशक्तजन एवं बेरोजगारों को समर्पित अनेक कल्याणकारी कदम उठाए हैं। इनसे हमारे नवोदित राज्य को पूरे भारत में एक सशक्त पहचान मिली है। एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में हम इनके विचारों की प्रेरणा से राज्य के उत्थान के लिए समन्वित प्रयास करेंगे।
1.4 राज्य की 2 करोड़ 9 लाख आबादी को खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। 16 लाख लोगों को सामाजिक सुरक्षा एवं 53 प्रकार के असंगठित कर्मकारों को जीविकोपार्जन से जुड़ी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। किसानों को ब्याजमुक्त कृषि ऋण, सिंचाई के लिए निःशुल्क विद्युत व्यवस्था, कृषि श्रमिकों की दक्षता उन्नयन, महिलाओं को मातृत्व एवं पोषण सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा योजना तथा गरीबों को आवास तथा जीविकोपार्जन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। असुरक्षित एवं वंचित वर्गों, जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाएँ, तृतीय लिंग एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवा वर्ग का कौशल उन्नयन कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास सतत् रूप से जारी है।
1.5 सुदृढ़ अधोसंरचना, आर्थिक विकास एवं औद्योगीकरण की नींव है। यह सर्वजन के लिए विकास के सुअवसर पैदा करती है। अधोसंरचना में निवेश गुणात्मक आर्थिक विकास का सबसे कारगर उपाय है, जो आर्थिक अवसरों को सुधारने के साथ-साथ असमानता को भी कम करता है। रोजगार सृजन तथा उद्यमिता की भावना बढ़ाने के जरिए यह स्वालंबन को प्रोत्साहित करता है।
विगत वर्षों में सड़कों का निर्माण, सिंचाई के साधन, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के भवन, स्वास्थ्य अधोसंरचना तथा संचार के साधन विकसित करने के लिए बड़ा पूंजी निवेश किया गया है। इस बजट में भी मूलभूत एवं आधुनिक अधोसंरचनाओं के लिए 14 हजार 454 करोड़ पूंजीगत व्यय का प्रावधान है, जो कुल व्यय का 19 प्रतिशत है।
1.6 माननीय प्रधानमंत्रीजी के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का गहरा संबंध समावेशी विकास की अवधारणा से भी है। डिजिटल समावेशन का प्रयास आम नागरिकों को दी जाने वाली सेवाओं के बेहतर एवं पारदर्शी क्रियान्वयन तथा राज्य को डिजिटली सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य आई.टी. रोड मैप बनाने वाला देश का पहला राज्य है। हम इस बजट में सूचना क्रांति योजना (स्काई) के माध्यम से राज्य के 45 लाख गरीबों, महिलाओं एवं कॉलेज विद्यार्थियांे को निःशुल्क स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ कर रहे हैं।
1.7 मैं इस सदन के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्रीजी का आभार व्यक्त करना चाहता हूँ कि उन्होंने पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को एक नये सिरे से आकार देने का प्रयास किया है। ’’नागरिक पहले’’ के मंत्र को आधार मानकर सरकारी प्रक्रियाओं को सरल, प्रभावी तथा तार्किक बनाए जाने के लिए हमारी सरकार ने भी अनेक कदम उठाए हैं। इस बजट में भी ’’सुशासन’’ को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण पहल व इन्हें  क्रियान्वित करने के लिए संसाधन प्रदान किए जाएंगे।
1.8 विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन के क्षेत्र में हमारे राज्य ने विगत वर्षों में उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। विकासशील राज्य की निवेश की आवश्यकताएँ, वंचित क्षेत्रों एवं वर्गों के जीवन-स्तर में सुधार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता तथा भविष्य के लिए एक समृद्ध राज्य बनाने के ध्येय को लेकर चलते हुए, हमने राज्य की वित्तीय स्थिति को बेहतर रखते हुए एक संतुलन कायम किया है। राजकोषीय उत्तरदायित्व का पालन करते हुए वित्तीय वर्ष 2015-16 मंे 2 हजार 367 करोड़ का राजस्व आधिक्य एवं सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 1.82 प्रतिशत राजकोषीय घाटा प्राप्त किया गया। भारतीय रिजर्व बैंक के राज्यों की आर्थिक स्थिति पर अध्ययन प्रतिवेदन, वर्ष 2016 के अनुसार, विकासमूलक तथा सामाजिक क्षेत्र पर व्यय में छत्तीसगढ़ अव्वल है। शिक्षा के क्षेत्र में व्यय में भी हमारा राज्य दूसरे स्थान पर है।
आर्थिक स्थिति
2. अध्यक्ष महोदय, अब मैं राज्य की आर्थिक स्थिति का विवरण पेश करता हूँ।
2.1 विगत दिवस विधानसभा के पटल पर वर्ष 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया था। स्थिर भाव पर वर्ष 2016-17 के अग्रिम अनुमान अनुसार राज्य की जी.एस.डी.पी. विकास दर 7.14 प्रतिशत होना अनुमानित है।
2.2 वर्ष 2016-17 में स्थिर भाव पर कृषि क्षेत्र में 5.87 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 6.11 प्रतिशत एवं सेवा क्षेत्र में 9.90 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016-17 में देश की कृषि क्षेत्र में विकास दर 4.1 प्रतिशत, औद्योगिक विकास दर 5.2 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र विकास दर 8.8 प्रतिशत होना अनुमानित है।
2.3 स्थिर भाव पर वर्ष 2015-16 के संशोधित अनुमान अनुसार राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 6.63 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है।
2.4 प्रचलित भाव पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2015-16 के संशोधित अनुमान अनुसार 2 लाख 60 हजार 776 करोड़ की तुलना में वर्ष 2016-17 के लिए 2 लाख 90 हजार 140 करोड़ होना अनुमानित है।
2.5 वर्ष 2016-17 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र का योगदान 17.6 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र का योगदान 46.2 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र का योगदान 36.2 प्रतिशत है।
2.6 वर्ष 2016-17 में प्रचलित भाव पर प्रति व्यक्ति आय 91 हजार 772 रुपये संभावित है जो गत वर्ष की तुलना में 8.26 प्रतिशत अधिक है।
भाग-एक
अंत्योदय तथा समावेशी विकास
खाद्यान्न सुरक्षा

3. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हैं। जहाँ एक ओर इस क्षेत्र में हमारी सरकार के प्रयास ने आम आदमी को लोक सेवा प्रदाय के क्षेत्र में राज्य को अग्रणी पंक्ति में खड़ा किया   है, वहीं दूसरी ओर इससे बड़ी उपलब्धि यह है कि गरीब और वंचित वर्ग को खाद्य और पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसका सकारात्मक प्रभाव मानव विकास के कई महत्वपूर्ण संकेतकों पर भी हुआ है। छत्तीसगढ़ खाद्य और पोषण सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य की 84 प्रतिशत जनसंख्या को खाद्य सुरक्षा मुहैया कराई गई है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना में 3 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।
3.1 अंत्योदय अन्न योजना के लिए 90 करोड़, नमक वितरण के लिए 76 करोड़ तथा अनुसूचित क्षेत्रों में चना प्रदाय हेतु 400 करोड़ का प्रावधान है।
सामाजिक सुरक्षा
4. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत लगभग 16 लाख वृद्ध, निराश्रित तथा विधवा, परित्यक्ता महिलाओं को पंेशन प्रदान किया जा रहा है। बजट में 709 करोड़ का प्रावधान है। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के  लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना एवं छात्र गृह योजना संचालित की जा रही है। निःशक्तजन छात्रवृत्ति योजना में छात्रवृत्ति की राशि को दोगुना करने का निर्णय लिया गया है। इससे 14 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे।
4.1 निरामय बीमा योजना के अंतर्गत बौद्धिक मंदता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पॉल्सी एवं बहुनिःशक्तता के दिव्यांग व्यक्तियों का चिकित्सा बीमा कराने हेतु राज्य शासन द्वारा प्रीमियम की राशि दी जाएगी।
4.2 दिव्यांग विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान को दृष्टिगत रखते हुए राजधानी रायपुर में दिव्यांग महाविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। गंभीर बिमारी से पीड़ित असमर्थ व्यक्तियों की सेवा के उद्देश्य से रायपुर में देख-रेख गृह की स्थापना की जाएगी।
श्रमिक कल्याण
5. असंगठित क्षेत्र के 53 प्रकार के कर्मकारों को अधिसूचित किया गया है तथा 8 लाख 40 हजार कर्मकारों का पंजीयन किया गया है। असंगठित कर्मकारों हेतु छात्रवृत्ति, सेफ्टी किट प्रदाय, सिलाई मशीन, साइकिल तथा ई-रिक्शा वितरण आदि योजनाएँ संचालित हैं। इन योजनाओं हेतु 39 करोड़ 75 लाख का प्रावधान किया गया है।
5.1 जनवरी 2017 से मुख्यमंत्री श्रम अन्न सहायता योजना प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत रायपुर शहर में लगभग 1 हजार 400 श्रमिकों को प्रतिदिन गरम भोजन प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का विस्तार दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, कवर्धा, जांजगीर, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में भी किया जाएगा।
कृषक कल्याण
6. किसानों की समृद्धि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्रीजी की मंशा के अनुरूप किसानों की आय को सुरक्षित करना तथा वर्ष 2022 तक इसे दुगुना करना हमारा लक्ष्य है। वर्ष 2017-18 में कृषि बजट के लिए 10 हजार 433 करोड़ 42 लाख का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 26 प्रतिशत अधिक है।
6.1 इस बजट में कृषि के लिए 2 हजार 279 करोड़, पशुपालन के लिए 517 करोड़, मछलीपालन के लिए 100 करोड़ तथा सहकारिता के लिए 298 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों को सिंचाई सुविधा देने के लिए 5 हजार 242 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
6.2 चार बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त करने वाले हमारे छत्तीसगढ़ राज्य ने खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। विगत 12 वर्षों में चावल उत्पादन में 39 प्रतिशत, गेहूं उत्पादन में 24 प्रतिशत तथा दलहन एवं तिलहन में 13-13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मैं सदन को अवगत कराना 8 चाहूंगा कि खरीफ विपणन वर्ष 2016-17 में 13 लाख 70 हजार किसानों से 70 लाख मिट्रिक टन धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया है।
6.3 सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड पोषित सूक्ष्म सिंचाई योजना के अंतर्गत 131 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
6.4 रामतिल, गन्ना, अक्ती बीज और तिवड़ा के विस्तार तथा उच्च गुणवत्ता के बीजों के उत्पादन एवं उपयोग को प्रोत्साहन देने के लिए कृषक समग्र विकास योजना अंतर्गत 81 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है। जैविक खेती मिशन के लिए बजट में 25 करोड़ का प्रावधान है।
6.5 नारायणपुर में नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। उद्यानिकी महाविद्यालय, राजनांदगांव में 3 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर को आदर्श कृषि विज्ञान केन्द्र में विकसित किया जाएगा। कृषि विश्वविद्यालय परिसर, रायपुर में कन्या छात्रावास का विस्तार किया जाएगा तथा कृषि महाविद्यालय, भाटापारा में 100 सीटर बालक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा।
6.6 कृषि श्रमिकों की दक्षता उन्नयन हेतु 5 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है। इस योजना में 10 कृषि मजदूरों के समूह को 42 हजार तक के उपकरण/किट निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
6.7 स्वाएल हेल्थ मैनेजमेंट योजना में 33 स्थायी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएँ एवं 111 मिनी प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। लगभग 26 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 13 करोड़ 81 लाख का प्रावधान किया गया है।
6.8 अल्पकालीन कृषि ऋण पर ब्याज अनुदान के लिए 197 करोड़ 30 लाख का प्रावधान किया गया है। इस लाभकारी योजना से 11 लाख किसान प्रतिवर्ष लाभान्वित हो रहे हैं।
6.9 पंडरिया शक्कर कारखाना रिकार्ड समय मंे तैयार कर उत्पादन प्रारंभ किया गया है। सहकारी शक्कर कारखानों द्वारा किसानों से गन्ना क्रय करने के लिए 70 करोड़ कार्यशील पूंजी का प्रावधान किया गया है। किसानों को 50 रुपया प्रति क्विंटल की दर से 12 हजार से अधिक किसानों को गन्ना बोनस दिए जाने हेतु 40 करोड़ का प्रावधान है।
उद्यानिकी
7. बागवानी फसलों के लिए 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई पद्धति से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत 44 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है, जो गत वर्ष की तुलना में 166 प्रतिशत अधिक है।
7.1 एकीकृत बागवानी विकास मिशन में 164 करोड़ 33 लाख का प्रावधान किया गया है। सूरजपुर और जशपुर जिलों की जलवायु को देखते हुए पिपरमिंट विस्तार की योजना प्रारंभ जाएगी। इसके लिए 40 लाख का प्रावधान किया गया है।
7.2 नेशनल मिशन ऑन ऑइलसीड्स एवं ऑईलपाम योजना के लिए 19 करोड़ 12 लाख का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन
8. पशुधन स्वास्थ्य एवं प्रजनन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 25 नये पशु औषधालय की स्थापना की जाएगी। आधुनिक पशुपालन की तकनीक एवं पशु चिकित्सा विशेषज्ञ की सेवायें ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने के लिए 20 पशु औषधालयों का पशु चिकित्सालयों में उन्नयन किया जाएगा।
8.1 दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के परिवहन हेतु पशु रेस्क्यु वाहनों की व्यवस्था सभी संभागीय मुख्यालयों में की जाएगी। पशुओं में होने वाले रोगों के त्वरित निदान के लिए 9 नवीन जिलों में पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी।
मछली पालन
9. छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य बीज आपूर्ति के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है तथा मत्स्य उत्पादन में राज्य का छठवां स्थान है। चालू वर्ष में लगभग 3 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन किया जाएगा। लगभग 2 लाख 10 हजार मछुआरों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इस क्षेत्र के लिए 8 करोड़ 96 लाख का प्रावधान किया गया है।
9.1 नील क्रांति योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन विकास एवं प्रबंधन कार्यक्रम के जरिये मत्स्यपालकों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस हेतु बजट में 26 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
महिला एवं बाल विकास
10. समेकित बाल विकास योजना के साथ-साथ नवा जतन, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, सुपोषण चौपाल, वजन त्योहार, फुलवारी एवं सबला योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से हुए प्रयासों से विगत 10 वर्षों में कुपोषण के स्तर में 10 प्रतिशत की कमी हुई है। चालू वित्तीय वर्ष से महतारी जतन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार तथा मुख्यमंत्री अमृत योजना के अंतर्गत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दूध प्रदान करने की पहल की गई है। सुपोषण हेतु इस बजट में कुल 1 हजार 333 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
10.1 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना में तीन वर्षों में 35 लाख परिवारों को एल.पी.जी. गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें से 9 लाख परिवारों को अब तक गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के अंतर्गत अभिनव प्रयास किए गए हैं। हितग्राही के मात्र 200 रुपये के अंशदान पर राज्य शासन द्वारा डबल बर्नर स्टोव तथा प्रथम गैस रिफिलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य के दूरस्थ एवं दुर्गम जिलों में एल.पी.जी. की सतत् आपूर्ति के लिए 50 सहकारी समितियों को एल.पी.जी. वितरक नियुक्त किया गया है। राज्य की इस पहल पर भारत सरकार द्वारा भी सहकारी समितियों को एल.पी.जी. वितरण के कार्य से जोड़ा गया है।
10.2 जननी सुरक्षा कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप राज्य में कुल प्रसव का 70 प्रतिशत संस्थागत प्रसव होने लगा है, जिसे 90 प्रतिशत तक किए जाने के लिए हमारी सरकार संकल्पित है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए बालोद तथा कोण्डागांव में 100 बिस्तरीय एमसी.एच. अस्पताल तथा कटघोरा, गौरेला, नगरी एवं पंडरिया में 50 बिस्तर एम.सी.एच. अस्पताल की स्थापना के लिए 9 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
10.3 आंगनवाड़ी केन्द्रों को अधिक आकर्षक एवं उपयोगी बनाने के लिए इस वर्ष प्रदेश के 40 केन्द्रों में अतिरिक्त कार्य कराने के लिए 4 करोड़ 85 लाख का प्रावधान किया गया है। आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
10.4 बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए समुचित प्रयास किए जा रहे हैं। 15 जिलों में चाईल्ड लाईन सेवाएँ संचालित हैं। इसका विस्तार करते हुए जांजगीर और महासमंुद मंे भी इसकी सेवाएँ प्रारंभ की जाएंगी। देख-रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए राज्य में 49 बाल गृह संचालित हैं। इन गृहों में रसोई घर और भोजन कक्ष के उन्नयन हेतु 2 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया है।
10.5 किसी भी रूप में पीड़ित एवं संकटग्रस्त महिला को एक ही छत के नीचे आपातकालीन सहायता, चिकित्सकीय, मनोवैज्ञानिक एवं विधिक् परामर्श तथा आपातकालीन आश्रय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रायपुर में ’’सखी वन 13 स्टॉप सेंटर’’ की स्थापना की गई है। शेष 26 जिलों में भी इसकी स्थापना की जाएगी।
10.6 देश भर में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चलाया जा रहा है। नोनी सुरक्षा योजना के संचालन के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण
11. प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के नागरिकांे के लिए शिक्षा का विस्तार हमारी प्राथमिकता रही है। इस प्रयास में आश्रम शालाओं की उपयोगिता को देखते हुए राज्य में इन वर्गों के लिए 1 हजार 226 आश्रम शालाएँ तथा 2 हजार 47 छात्रावास स्थापित किए गए हैं।
11.1 विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना के लिए 110 करोड़ 83 लाख तथा जवाहर उत्कर्ष योजना के लिए 14 करोड़ का प्रावधान है।
11.2 छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 209 करोड़ 58 लाख का बजट प्रावधान है। छात्रावास एवं आश्रम शालाओं में निवासरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों की शिष्यवृत्ति की दर 850 से बढ़ाकर 900 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके लिए 11 करोड़ 29 लाख का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
11.3 अनुसूचित जाति/जनजाति के मेधावी छात्रों को गुणात्मक विज्ञान शिक्षा उपलब्ध कराने में ’’प्रयास’’ आवासीय विद्यालय अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुए हैं। अब प्रयास रायपुर में वाणिज्य तथा बिलासपुर में विधि की कक्षाएँ प्रारंभ की जाएगी।
11.4 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए रायपुर, बिलासपुर एवं जगदलपुर     में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र संचालित हैं। कवर्धा तथा नारायणपुर में नवीन केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। रायपुर में संचालित अखिल भारतीय एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केन्द्र को 50 सीटर से 100 सीटर किया जाएगा।
11.5 बजट में 50 अनुसूचित जनजाति छात्रावास एवं आश्रम निर्माण के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त महिला आश्रम/छात्रावासों की सुरक्षा के लिए 62 अधीक्षिका आवास, 200 महिला नगर सैनिक आवास, 25 अहाता निर्माण एवं 75 कन्या आश्रम/छात्रावासों में शौचालय निर्माण के लिए 19 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
11.6 ग्राम कुई-कुकदूर, जिला कबीरधाम में विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए 500 सीटर छात्रावास तथा कोंडागांव में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास भवन का निर्माण किया जाएगा।
11.7 शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में रायपुर में एक भव्य स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
11.8 बस्तर, सरगुजा तथा अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरणों के माध्यम से किए जाने वाले विकास कार्यों के लिए 106 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
स्कूल शिक्षा
12. स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 में स्कूल शिक्षा के लिए 11 हजार 998 करोड़ का प्रावधान है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत अधिक है। सर्व शिक्षा अभियान के लिए 1 हजार 500 करोड़, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए 722 करोड़, मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के लिए 569 करोड़, निःशुल्क पाठ्य पुस्तक प्रदाय के लिए 100 करोड़ तथा शिक्षाकर्मियों के वेतन हेतु 3 हजार 409
करोड़ का प्रावधान है।
12.1 आगामी शैक्षणिक सत्र से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल से संबद्ध हायर सेकेण्डरी स्कूलों की ग्यारहवीं कक्षा में गणित, विज्ञान, वाणिज्य तथा अर्थशास्त्र विषयों में एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकों के माध्यम से शिक्षण प्रारंभ किया जाएगा। वर्ष 2017-18 में प्रदेश की सभी प्राथमिक शालाओं में अंग्रेजी की किट प्रदान की जाएगी।
12.2 9 जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय तथा बीजापुर, सुकमा एवं नया रायपुर में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना की जाएगी।
12.3 125 पूर्व माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल में एवं 125 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। इसके लिए बजट में 5 करोड़ का प्रावधान है।
12.4 बजट में 44 प्राथमिक शाला, 28 माध्यमिक शाला, 113 हाईस्कूल एवं 45 हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन के निर्माण के लिए 53 करोड़ का प्रावधान है।
स्वास्थ्य सुविधा
13. स्वास्थ्य बीमा सुविधा के लिए 380 करोड़ का प्रावधान है। इन योजनाओं के 55 लाख परिवारांे में से लगभग 18 लाख परिवारों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ लिया है। हमारी सरकार ने निर्णय लिया है कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 30 हजार की राशि को बढ़ाकर 50 हजार किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के अलावा इस सुविधा ने निजी चिकित्सकों को ग्रामीण इलाकों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
13.1 शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य, संक्रमण से बचाव, मलेरिया की रोकथाम, सिकलसेल का उपचार एवं अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए अधिकाधिक संसाधन प्रदाय किए गए हैं। इसके फलस्वरूप आज 1 करोड़ 33 लाख लोग प्रतिवर्ष ओ.पी.डी. का लाभ लेते हैं। इसी प्रकार बिस्तरों की संख्या में निरंतर वृद्धि करने के फलस्वरूप प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख मरीज इसका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
13.2 वर्ष 2017-18 के बजट में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 980 करोड़, स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के लिए 380 करोड़, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेवाओं के लिए 42 करोड़ तथा मितानिन कल्याण निधि हेतु 41 करोड़ 57 लाख का प्रावधान है।
13.3 पोषण पुनर्वास केन्द्र स्वास्थ्य केन्द्र की वह इकाई है जहाँ गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कर चिकित्सकीय एवं पोषण देखभाल प्रदान किया जाता है। 15 केन्द्रों की स्थापना के लिए 4 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
13.4 मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों के ईलाज की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी, बिलासपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। 100 बिस्तरों की वृद्धि कर इसे 200 बिस्तरीय अस्पताल बनाया जाएगा। इसके लिए 18 करोड़ 16 लाख का प्रावधान है।
13.5 दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा हेतु मुख्यमंत्री मेडिकल फेलोशिप कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा, जिसके अंतर्गत राज्य के चिन्हांकित 10 जिलों में विशेषज्ञों को पदस्थ किया जाकर स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसके लिए बजट में 1 करोड़ का प्रावधान है।
13.6 जिला अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने के लिए 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के समुचित अनुश्रवण एवं निगरानी के लिए 5 शहरी मेडिकल कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। 8 जिला अस्पतालों में मरीजों को विभिन्न सुविधाएँ जैसे आपात प्रसव सेवा, साफ-सफाई, भोजन पकाना आदि हेतु 2 करोड़ अनाबद्ध राशि का प्रावधान बजट में किया गया है।
13.7 वर्ष 2017-18 में 25 नये उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाएंगे। इसके लिए 3 करोड़ 25 लाख का प्रावधान किया गया है। 242 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रांे में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी वर्ष में इन केन्द्रों में अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए 10 करोड़ 50 लाख का प्रावधान किया गया
है। कैंसर अस्पताल, मनेन्द्रगढ़ की स्थापना के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
13.8 बजट में 25 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण के लिए 17 करोड़ 35 लाख का प्रावधान है। चिकित्सा महाविद्यालयों तथा संबद्ध चिकित्सालयों में उपकरण क्रय हेतु 68 करोड़ 57 लाख का प्रावधान है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास
14. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए बजट में 9 हजार 429 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें महात्मा गांधी नरेगा के लिए 1 हजार 202 करोड़, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए 2 हजार 841 करोड़, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 1 हजार 171 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1 हजार करोड़, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन हेतु 215 करोड़, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ के लिए 409 करोड़, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन के लिए 40 करोड़ तथा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 360 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
14.1 स्वच्छ भारत मिशन के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। राज्य के 5 जिले, 56 विकासखण्ड एवं 6 हजार 546 ग्राम पंचायत खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। शौचालयों की उपलब्धता वर्ष 2014 में 42 प्रतिशत से बढ़कर अब 72 प्रतिशत हो गई है। राज्य शासन का प्रयास है कि 2
अक्टूबर 2018 तक सभी जिले शौच मुक्त बनाए जाएं।
14.2 प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए बजट में 2 हजार 841 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि निर्मित किए जाने वाले आवासों में कम से कम एक कमरा पक्के निर्माण हेतु प्रोत्साहित किया जाए। क्लस्टर बनाकर एक ’’आवास मित्र’’ की व्यवस्था की गई है।
14.3 ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत 6 लाख 50 हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं। अबतक 1 हजार 460 महिला ग्राम संगठन तथा 50 क्लस्टर संगठन गठित किए गए हैं।
14.4 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अबतक 32 हजार 132 किलोमीटर की सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनमें 26 हजार 779 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। 56 वृहद् पुलों का निर्माण भी किया जा चुका है। अबतक इस योजना में 8 हजार 611 बसाहटें जुड़ चुकी हैं।
14.5 मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना में अबतक 1 हजार 300 करोड़ का व्यय कर 2 हजार 885 किलोमीटर लंबाई की 985 सड़कें निर्मित की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना में 1 हजार 702 किलोमीटर के 5 हजार 733
गौरव पथ निर्मित किए गए हैं।
14.6 1 जुलाई 2016 से ’’हमर छत्तीसगढ़ योजना’’ प्रारंभ की गई है, जिसके अंतर्गत 2 लाख पंचायत प्रतिनिधियों को रायपुर भ्रमण कराया जाएगा। अन्य स्थानों के साथ-साथ विधानसभा तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों का भ्रमण कराकर विकास के प्रति उनकी जागरूकता तथा उनकी नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
14.7 आगामी वित्तीय वर्ष से जनपद पंचायतों के विकास हेतु जनपद पंचायत विकास निधि योजना प्रारंभ की जा रही है। इसमें 73 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
14.8 पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्म शताब्दी के दौरान पंचायतों के माध्यम से कार्यक्रम किए जाएंगे। पंचायत एवं अन्य संस्थाओं को पं. दीनदयाल उपाध्याय संपूर्ण वांड.मय पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इस हेतु बजट में 13 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
वन
15. प्रदेश में लगभग 12 लाख 55 हजार तेंदुपत्ता संग्राहक परिवार हैं। वर्ष 2017-18 में तेंदुपत्ता संग्रहण दर 1 हजार 500 रु. से बढ़ाकर 1 हजार 800 रु. प्रति मानक बोरा होगी। इनके एक-एक सदस्य को साड़ी एवं चरण पादुका वितरण किया जाएगा।
15.1 कैम्पा निधि से क्षतिपूर्ति वनीकरण विशेष प्रजाति वृक्षारोपण, वन्यप्राणी प्रबंधन एवं संरक्षण के अलावा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, जंगल सफारी, बाटनिकल गार्डन, विशेष पिछड़ी जनजातियांे के लिए पेयजल एवं कंबल प्रदाय तथा सौर सुजला योजना के क्रियान्वयन हेतु भी राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
15.2 इस वर्ष 10 करोड़ पौधा रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अबतक 8 करोड़ 10 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। हरियाली प्रसार योजना के लिए 63 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बिगड़े वनों के सुधार कार्य के लिए 164 करोड़ का प्रावधान है।
15.3 नया रायपुर में विश्वस्तरीय वन्यप्राणी संरक्षण केन्द्र के रूप में जंगल सफारी का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण माननीय प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर किया गया है। इस सफारी में 33 प्रजातियों के वन्यप्राणियों को रखा जाएगा।
15.4 विगत वर्ष से मुख्यमंत्री बाड़ी बांस योजना संचालित की जा रही है।इसके अंतर्गत हितग्राहियों की बाड़ियों में उच्च गुणवत्ता के टिशुकल्चर एवं सामान्य प्रचलित प्रजाति के 2 लाख 83 हजार बांस पौधों को रोपण कराया गया है। इस योजना के आबंटन में चार गुना वृद्धि करते हुए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
भाग-दो
विकास के सुअवसर

16. विकास का मजबूत ढांचा बुनियादी अधोसंरचनाओं पर खड़ा होता है। सड़क, पुल, रेल सुविधा, बांध, संचार, आवागमन के साधन, बिजली आदि, ऐसी आर्थिक अधोसंरचनाएँ हैं, जिनकी उपलब्धता से निवेश तथा उद्यमिता के लिए उपयुक्त वातावरण निर्मित होता है। इसके फलस्वरूप आर्थिक विकास को गति मिलती है तथा रोजगार के बेहतर अवसर सृजित होते हैं। कौशल विकास तथा निवेश को प्रोत्साहन हमारी नीति का मुख्य हिस्सा है। मेरा मानना है कि आर्थिक विकास का सकारात्मक प्रभाव मानव संसाधन के विकास पर भी पड़ता है।
16.1 प्रदेश के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में अधोसंरचना उन्नयन हमारी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। बस्तर तथा सरगुजा क्षेत्र में 10 हजार करोड़ की लागत से 2 हजार 400 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु 2 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिसमें बस्तर क्षेत्र के 480 गांवों का विद्युतीकरण तथा सौर सुजला के माध्यम से सिंचाई के कार्य शामिल है। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में 146 नये मोबाईल टावर स्थापित करके तथा 800 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाकर संपर्क सुविधा को मजबूत किया जा रहा है। अनुसूचित क्षेत्र में 550 किलोमीटर रेल नेटवर्क का कार्य प्रारंभ किया गया है।
सुदृढ़ अधोसंरचना
ऊर्जा
17. वर्ष 2016-17 के बजट सत्र में मैंने प्रदेश के सभी अविद्युतीकृत बसाहटों को मार्च 2018 तक विद्युतीकृत करने की घोषणा की थी। मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। 575 बसाहटों को विद्युतीकृत कर लिया गया है तथा शेष 7 हजार 872 में से 4 हजार 272 बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। शेष बसाहटों के विद्युतीकरण हेतु इस बजट में 140 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
17.1 किसानों को सिंचाई पंप हेतु कृषक जीवन ज्योति योजना अंतर्गत निर्धारित सीमा तक निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराने हेतु राज्य शासन प्रतिबद्ध है। 4 लाख 26 हजार किसानों को इस योजना के अंतर्गत लाभ मिल रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 1 लाख 6 हजार कृषकों को इस योजना में निःशुल्क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है।
17.2 प्रदेश के उन क्षेत्रों में जहाँ बिजली उपलब्धता कम है, किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयोजन से राज्य शासन द्वारा 51 हजार सिंचाई पंप प्रदाय हेतु ’’सौर सुजला योजना’’ का क्रियान्वयन किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में सोलर ऊर्जा आधारित 20 हजार पम्प स्थापित किए जाने के लिए 554 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 17.3 5 एच.पी. के कृषि पंपों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु 2 हजार 171 करोड़ 66 लाख, एकल बत्ती कनेक्शन हेतु अनुदान के लिए 419 करोड़ 33 लाख, मुख्यमंत्री मजरा टोला विद्युतीकरण योजना के लिए 140 करोड़, उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में राहत हेतु सब्सिडी के लिए 200 करोड़ एवं मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
लोक निर्माण
18. सड़क एवं पुलों के निर्माण के लिए 5 हजार 63 करोड़ का प्रावधान है, जो गतवर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है। रेलवे ओवरब्रिज के लिए 200 करोड़, वृहद् पुलों के लिए 434 करोड़ 92 लाख, राज्य मार्गों के निर्माण के लिए 208 करोड़ तथा ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के लिए 640 करोड़ का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय सड़क निधि के माध्यम से सड़क और पुल निर्माण हेतु 350 करोड़ का प्रावधान है, जिसमें रायपुर रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट की यात्रा सुगम बनाने हेतु पुरानी नेरोगेज लाईन के स्थान पर फोरलेन सड़क बनाने की स्वीकृती शामिल है।
18.1 छत्तीसगढ़ के विकास में राष्ट्रीय राजमार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में 1 हजार 583 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग सुदृढ़ीकरण एवं उन्न्यन का कार्य 10 हजार 615 करोड़ की लागत से प्रचलित है, जिसमें रायपुर-बिलासपुर तथा रायपुर-धमतरी को 6 लेन /4 लेन करने का कार्य सम्मिलित है। हमारे प्रयास से विगत 3 वर्षों में भारत सरकार ने राज्य के 1 हजार 700 किलोमीटर लंबाई के मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धांतिक सहमति दी है, जिससे अब सभी जिला मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ गए हैं।
18.2 उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में आर.आर.पी. 1 योजना के तहत 1 हजार 224 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। इस योजना के दूसरे चरण में सुदूर पहंुच विहीन क्षेत्रों में 891 किलोमीटर सड़कों तथा 11 पुल बनाने हेतु 2 हजार 400 करोड़ की स्वीकृती प्राप्त हुई है।
18.3 छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के माध्यम से 22 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण किए जाने हेतु 792 करोड़ का प्रावधान है। ए.डी.बीवित्त पोषित परियोजना के तहत 1 हजार 223 करोड़ की लागत से 1 हजार 187 किलोमीटर सड़कांे का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है तथा आगामी वर्ष में 855 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन का कार्य किया जाएगा। ए.डी.बीसहायित निर्माण के लिए 900 करोड़ का प्रावधान है।
18.4 समस्त विकासखंड मुख्यालय को दो लेन मार्ग से जोड़ने की कार्ययोजना बनाई गई है, जिनके कार्य प्रगति पर हैं।
18.5 इस वर्ष 396 करोड़ की लागत से 302 भवनों का निर्माण किया गया है। अगले वर्ष 305 भवनों को पूर्ण किया जाएगा। चालू वर्ष में 248 करोड़ के 35 पुल/आर.ओ.बी. पूर्ण किए गए हैं। आगामी वर्ष मंे 92 पुल/आर.ओ.बी. का निर्माण करना लक्षित है।
सिंचाई
19. सिंचाई योजनाओं के लिए 2 हजार 367 करोड़ 31 लाख का प्रावधान है। यह गतवर्ष की तुलना में 11.37 प्रतिशत अधिक है। राज्य गठन के समय प्रदेश की सिंचाई क्षमता लगभग 13 लाख हेक्टेयर थी, जो 2016 में बढ़कर 19 लाख 51 हजार हेक्टेयर हो गई है।
19.1 ’’अभियान लक्ष्य भागीरथी योजना’’ के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में 38 पुरानी योजनाओं को पूर्ण किया जाकर 60 हजार हेक्टेयर रकबा में नवीन सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। वर्ष के अंत तक पूर्व वर्षों की तुलना में सिंचाई क्षमता में 2 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
19.2 वृहद् सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1 हजार 29 करोड़ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अरपा भैंसाझार परियोजना हेतु 275 करोड़, महानदी परियोजना हेतु 179 करोड़ 98 लाख एवं सोंढूर जलाशय के लिए 96 करोड़ का प्रावधान है। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 530 करोड़ तथा मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए 81 करोड़ 53 लाख का प्रावधान है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों की नवीन लघु सिंचाई योजनाओं के लिए 40 करोड़ 35 लाख तथा इसी क्षेत्र में प्रगतिरत योजनाओं के लिए 241 करोड़ 65 लाख का प्रावधान है।
19.3 लांग टर्म इरिगेशन फण्ड के अंतर्गत केलो, खारंग तथा मनियारी में तीन वृहद सिंचाई परियोजना की स्वीकृती दी गई है। इसके लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं से 42 हजार हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता सृजित होगी।
पेयजल सुविधा
20. राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के लिए 160 करोड़, राज्य के नगरीय निकायों के क्षेत्र मंे जल प्रदाय योजना के लिए 190 करोड़ तथा समूह ग्रामीण जल प्रदाय योजनाओं के लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
20.1 मैं सदन को अवगत कराना चाहूंगा कि हमारे राज्य में 74 की जनसंख्या पर 1 हैंडपंप उपलब्ध है, जबकि राष्ट्रीय औसत 166 की जनसंख्या पर 1 हैंडपंप है। राज्य द्वारा स्वयं के संसाधन से आर्सेनिक एवं सैलेनिटी प्रभावित क्षेत्रों में सतही स्त्रोत पर आधारित जल प्रदाय योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। मुझे विश्वास है कि इन जल प्रदाय योजनाओं के संचालन में पंचायती राज संस्थाओं का भी सार्थक योगदान होगा।
20.2 नलजल तथा समूह जल प्रदाय योजनाओं के संचालन में बिजली की खपत को देखते हुए हमारी सरकार के द्वारा सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में अबतक 2 हजार 477 सोलर पंपों के माध्यम से पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में इसके लिए 96 करोड़ 58 लाख का प्रावधान हैं। इसके अतिरिक्त, सौर सुजला योजना की 5 प्रतिशत राशि से प्रत्येक विधानसभा की 10-10 समस्याग्रस्त बसाहटों में पेयजल प्रदाय हेतु सोलर पम्पों की व्यवस्था की जाएगी।
नगरीय विकास
21. स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत मिशन अवधि 5 वर्ष में 2.81 लाख निजी शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 20 माह में 2.01 लाख निजी शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया है। नगर निगम अंबिकापुर सहित 5 नगरीय निकायों को खुले में शौचमुक्त घोषित किया गया है। समस्त नगरीय निकायों को इसी वर्ष खुले में शौचमुक्त किया जाएगा। इसके लिए बजट में 316 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
21.1 नगरीय निकाय में ऊर्जा की खपत में कमी करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में 6 नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, भिलाई, कोरबा एवं धमतरी में 1 लाख 15 हजार पारंपरिक स्ट्रीट लाईटों को एल.ई.डी. स्ट्रीट लाईट में परिवर्तन करने की योजना है। इसके लिए 28 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
21.2 सबके लिए आवास मिशन अंतर्गत शहरी गरीबों एवं अल्प आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए 2022 तक शहरी क्षेत्रों में 3.10 लाख पक्के मकान बनाए जाने का लक्ष्य है। इसके अंतर्गत 50 परियोजनाओं के तहत 28 हजार 968 आवास निर्माण हेतु राशि रु. 1 हजार 605 करोड़ की स्वीकृती प्रदान की गई है। वर्ष 2017-18 में 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
21.3 नगरीय क्षेत्रों के विकास के लिए अमृत मिशन संचालित किया जा रहा है। बजट में इसके लिए 210 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नगरीय निकाय क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था के लिए 45 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
21.4 नगरीय क्षेत्रों में वैवाहिक, मांगलिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना प्रारंभ की जाएगी। मांगलिक भवन के निर्माण हेतु नगर पालिक निगमों को 3 करोड़, नगर पालिका परिषद् को 1 करोड़ 50 लाख तथा नगर पंचायतों को 75 लाख की राशि स्वीकृत की जाएगी।
आवास एवं पर्यावरण
22. नया रायपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण, विकास तथा जनसुविधा विस्तार के लिए 366 करोड़ का प्रावधान है।
22.1 प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत विकसित आवासों को विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
22.2 भारत सरकार की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अन्य शहरों की तुलना में रायपुर शहर के प्रदूषण स्तर में सबसे अधिक कमी आई है। यह एक समन्वित रणनीति से संभव हुआ है और भविष्य में इसके बेहतर परिणाम अन्य शहरों में भी देखने को मिलेंगे।
विमानन
23. रीज़नल कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत राज्य के भीतर विमान सेवा प्रारंभ कर आम नागरिक को सस्ती हवाई यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इसके लिए बजट में 10 करोड़ का प्रावधान है।
23.1 नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में विकास की गति को तेजी प्रदान करने के लिए जगदलपुर विमानतल को विकसित किया जा रहा है। बीजापुर एवं दंतेवाड़ा हवाई पट्टी निर्माण के लिए 23 करोड़ का प्रावधान है। रायगढ़ क्षेत्र में रायगढ़ के कोंडातराई विमानतल को भी विकसित करने की योजना है।
रेल आवागमन
24. हमने प्रदेश के वर्तमान रेल नेटवर्क को दोगुना करने की रणनीति बनाई है। खरसिया-धरमजयगढ़, कोरबा-पेण्ड्रा, दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाईन का विकास कार्य द्रुत गति से चल रहा है। रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाईन का कार्य भी आगामी वर्ष प्रारंभ करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, माननीय प्रधानमंत्रीजी की सहकारी संघवाद की परिकल्पना के अंतर्गत राज्य शासन एवं रेल मंत्रालय के द्वारा एक संयुक्त उपक्रम ’’छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड’’ का गठन किया गया है। इस उपक्रम के माध्यम से आवश्यक रेल लाईनों के विकास हेतु कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
खेल एवं युवा कल्याण
25. खेल के क्षेत्र में बच्चों और युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 45 लाख प्रति स्टेडियम की लागत से 31 मिनी स्टेडियम के निर्माण हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों के लिए 22 मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे।
पर्यटन सुविधा
26. आदिवासी संस्कृति से पर्यटकों का परिचय कराने के उद्देश्य से ’’ट्रायबल टूरिज्म सर्किट’’ विकसित किया जाएगा। इस सर्किट में 7 जिले के 14 पर्यटन स्थल शामिल होंगे। इस हेतु 100 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है।
26.1 पर्यटन क्षेत्र में  अधोसंरचना निर्माण के लिए 28 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है। दामाखेड़ा में निर्माण कार्य के लिए 50 लाख तथा राजिम में माँ कर्मा मंदिर निर्माण के लिए 1 करोड़ का प्रावधान है।
सशक्त मानव पूंजी कौशल एवं क्षमता विकास
27. वर्तमान में 9 महिला आई.टी.आई. सहित कुल 172 आई.टी.आईसंचालित हैं। वर्ष 2017-18 में बलरामपुर, सहसपुर लोहारा, छिंदगढ़, मर्दापाल एवं बोड़ला में 5 नये आई.टी.आई. खोले जाएंगे। 7 आई.टी.आई. में अतिरिक्त पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाने के लिए 6 करोड़ 30 लाख का प्रावधान है।
27.1 अगले वर्ष 5 आई.टी.आई. के लिए भवन उपलब्ध कराने हेतु राशि का प्रावधान किया गया है। आई.टी.आई. में 5 नवीन कन्या छात्रावास के निर्माण का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2017-18 में लाइवलीहुड कॉलेज में 15 महिला छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त बालकों के लिए 5 छात्रावास का निर्माण भी किया जाएगा। बजट में 7 करोड़ 68 लाख का प्रावधान किया गया है।
27.2 मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए 105 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 2 लाख 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है एवं इनमें से 72 हजार को रोजगार प्राप्त हुआ है। जेलों को भी व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकृत कर 2000 से अधिक जेल बंदियों को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
27.3 राज्य के नक्सल प्रभावित जिले के 1 हजार 565 युवाओं को सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नालॉजी, रायपुर में लाकर आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसमें से 539 युवा प्रशिक्षित हुए तथा 368 युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थाओं में रोजगार प्राप्त हुआ है।
27.4 राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उनमें व्यक्तित्व, नेतृत्व एवं रचनात्मक क्षमता का विकास किए जाने के उद्देश्य से युवाशक्ति योजना संचालित की जा रही है। इसमें 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा
28. विगत वर्षों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं जिसके फलस्वरूप प्रदेश के सकल नामांकन अनुपात (जी.ई.आर.) में उत्तरोत्तर बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2003 में 3.5 32 प्रतिशत से बढ़कर सकल नामांकन अनुपात प्रदेश में अब लगभग 16 प्रतिशत हो गया है।
28.1 नेशनल एक्रेडिटेशन काउंसिल की तरह राज्य मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् का गठन किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ का प्रावधान है। 28.2 सरिया, चंद्रपुर, बीरगांव, खरोरा, तथा कटेकल्याण में नवीन महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में 1 करोड़ 25 लाख का प्रावधान है।
28.3 50 शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर के नवीन विषय आरंभ करने के लिए 10 करोड़ 75 लाख का प्रावधान है।
28.4 राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के लिए 147 करोड़ 43 लाख का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 35 करोड़ का प्रावधान है।
28.5 राजनांदगांव, कवर्धा, रायपुर, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, अंबिकापुर तथा जांजगीर जिले के महाविद्यालयों में 100 सीटर छात्रावास निर्माण के लिए 5 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है। सरगुजा, बस्तर तथा दुर्ग विश्वविद्यालय में अधोसंरचना निर्माण हेतु 15 करोड़ का प्रावधान है।
तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
29. गुणात्मक तकनीकी शिक्षा एवं शोध के सुनियोजित विकास की दिशा में सार्थक प्रयास करते हुए प्रदेश के इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में नियमित शिक्षकों की भर्ती की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में कोंडागांव, सूरजपुर एवं बेरला में 3 शासकीय पॉलिटेक्निक की स्थापना की गई है। अगले वर्ष बालोद में नवीन शासकीय पॉलिटेक्निक प्रारंभ किए जाने हेतु प्रावधान है।
30. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए बजट में 21 करोड़ 75 लाख का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर में साईंस सिटी की स्थापना हेतु 1 करोड़ का प्रावधान है।


उद्यमिता एवं निवेश प्रोत्साहन
वाणिज्य एवं उद्योग

31. स्टार्ट अप छत्तीसगढ़ कार्यक्रम के जरिये राज्य के निवासियों को सफल उद्यम आरंभ करने के लिए सहायता दी जाएगी। इसके अंतर्गत वैचारिक, वित्तीय, तकनीकी तथा उद्यमिता उत्थान के लिए सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बजट में 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
31.1 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना एवं विकास के लिए बजट में 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है। औरेठी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, लखनपुरी, जिला कांकेर तथा महरूमकला, जिला राजनांदगांव में नये औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
31.2 औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचनात्मक उन्नयन कार्य के लिए 42 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बोरई तथा औद्योगिक मेटल पार्क रावाभाटा में इस वर्ष निर्माण कार्य किए जाएंगे।
31.3 सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित सेवा नीति 2014 से 2019 जारी की गई है। हम देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हैं, जिन्होंने इनोवेशन तथा उद्यमिता नीति बनाई है। अबतक 35 सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा 1 हजार 327 करोड़ के निवेश की पहल की गई है, जिनसे लगभग 9 हजार रोजगार सृजित होना संभावित है। 5 कंपनियों के द्वारा संचालन प्रारंभ कर दिया गया है।
ग्रामोद्योग
32. ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खादी एवं हथकरघा उद्योग का महत्वपूर्ण स्थान है। विक्रय योग्य एवं लोकोपयोगी वस्तुओं का निर्माण कराकर विकेन्द्रीकृत अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित किया जा रहा है। छुईखदान बुनकर सहकारी समिति में बुनकरों के लिए एक सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए बजट में 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
32.1 समग्र हथकरघा विकास योजना के लिए 4 करोड़ 50 लाख का बजट प्रावधान है। इसके अलावा हथकरघा बुनकरों के वर्कशेड हेतु सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ का प्रावधान है। रेशम उद्योग योजनाओं का क्रियान्वयन योजना के लिए 49 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
32.2 छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के द्वारा संचालित परिवारमूलक स्वरोजगार योजना में अनुदान हेतु 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
भाग-तीन
डिजिटल समावेशन
अध्यक्ष महोदय,

33. मैंने हमारी सरकार के द्वारा समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाली अनेक योजनाओं का जिक्र किया है। डिजिटल कार्यक्रम के क्रियान्वयन से समावेशी विकास को भी गति मिलेगी।
33.1 राज्य में मोबाईल फोन की कम उपलब्धता एवं नेटवर्क की समस्या डिजिटल समावेशन के कार्य मंे बाधा बनती है। अतः यह निर्णय लिया गया है कि सूचना क्रांति योजना (स्काई) लागू कर ग्रामीण परिवारों तथा नगरीय क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को स्मार्ट फोन एवं सिम दिया जाएगा।
इस योजना में चरणबद्ध तरीके से 45 लाख स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। वर्ष 2017-18 में सूचना क्रांति योजना के क्रियान्वयन के लिए 200 करोड़ का प्रावधान है।
33.2 हमारे राज्य में विकासखण्ड स्तर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। 3 हजार कॉमन सर्विस सेंटर के द्वारा शासकीय सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। वाणिज्यिक कर अदा करने के लिए ई-चालान तथा ई-रिटर्न सुविधा, ई-ग्राम सुराज परियोजना, च्वाईस, ई-प्रोक्योरमेंट, छत्तीसगढ़ स्वान, वाई-फाई सिटी योजना, छत्तीसगढ़ कैम्पस कनेक्ट पोर्टल आदि अनेक प्रयास किए गए हैं जो डिजिटल समावेशन के उद्देश्य की पूर्ति में सहायक होंगे।


33.3 बस्तर नेट परियोजना के अंतर्गत बस्तर संभाग में राज्य सरकार का डिजिटल इन्फारमेशन हाइवे तैयार किया जाएगा। लगभग 800 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। इंटरनेट सेवा के विस्तार के जरिये बस्तर क्षेत्र के नागरिेकों को आर्थिक गतिविधियों, स्वास्थ्य सेवाओं एवं रोजगार के क्षेत्र में सहायता प्राप्त होगी।
33.4 जनसामान्य को डिजिटल भुगतान हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से एक वृहद् जागरूकता अभियान चलाकर युवाआं,े किसानों तथा छोटे व्यवसायियों को डिजिटल भुगतान के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में 18 लाख से अधिक प्रशिक्षित लोगों की डिजिटल आर्मी बन चुकी है।
33.5 पी.ओ.एस. मशीनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इन पर वैट से छूट दी गई है। हमारे राज्य के सुदूर अंचलों में भी इस अभियान की गति तेज है, जिसका परिणाम है कि दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पलनार, जशपुर जिले के ग्राम झरिया एवं राजनांदगांव जिले के ग्राम भर्रेगांव पूर्ण रूप से कैशलेस हो गए हैं।
33.6 प्रदेश की 12 हजार 348 राशन दुकानों को पूर्णतः पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। टैबलेट के माध्यम से 98 प्रतिशत दुकानों को कम्प्यूटरीकृत किया जा चुका है। 1.89 करोड़ सदस्यों के आधार नंबर प्राप्त कर सीडिंग की कार्यवाही की गई है। पहले चरण में राज्य के 5 जिले धमतरी, महासमुंद, बालोद, रायगढ़ एवं राजनांदगांव में पी.डी.एस. राशन सामग्री वितरण व्यवस्था कैशलेस किए जाने की कार्य योजना है।
33.7 सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के मध्य डिजिटल पद्धति से संवाद का आदान-प्रदान तीव्र गति से किए जाने के उद्देश्य से प्रदेश के 27 जिलों के अग्रणी महाविद्यालयों में इंटरनेट कनेक्टिविटी हेतु लीज़्ड लाईन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु 41 लाख का प्रावधान किया गया है। लैपटॉप व टैबलेट वितरण किए जाने के लिए 80 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
33.8 स्वान परियोजना के विस्तारीकरण हेतु 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है। 20 नये स्थानों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस बजट में 1 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
भाग-चार
सुशासन

34. सुशासन स्थापित करने के प्रयासों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका लोक स्वराज अभियान की रही है। इसके माध्यम से जनता से भेंट कर मैदानी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का आंकलन किया जाता है। इस वर्ष जन समस्या निवारण का यह अभियान ’’समाधान अभियान’’ के तौर पर आयोजित किया जा रहा है।
34.1 मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के अंतर्गत नीति निर्धारण एवं सुशासन के क्षेत्र में योगदान हेतु प्रोफेशनलों की सेवाएँ ली जाएंगी। इसके लिए बजट में 3 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
34.2 शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विकासखंड मुख्यालयों में दो वर्षों में 6 हजार 424 आवासगृहों का निर्माण 800 करोड़ की लागत से किया जाएगा। पुलिसकर्मियों की आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दो वर्ष मंे 10 हजार आवास बनाए जा रहे हैं।
34.3 राजस्व प्रशासन में तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आगामी वर्ष में तहसीलदार के 27, नायब तहसीलदार के 50, राजस्व निरीक्षक के 300 पद तथा पटवारियों के 200 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इस हेतु बजट में 18 करोड़ का प्रावधान है।
34.4 प्रशासनिक कसावट के उद्देश्य से गुरूर, बेरला, कसडोल, मानपुर, गंडई, राजिम, आरंग एवं डौण्डीलोहारा में 8 नये अनुविभाग का गठन किया जाएगा। तहसील एवं उप तहसील भवनों के निर्माण हेतु 2 करोड़ 45 लाख का प्रावधान किया गया है।
34.5 आम जनता को राजस्व अभिलेख सुलभ कराने तथा राजस्व न्यायालयीन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ’’ई-धरती योजना’’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के लिए 52 करोड़ 55 लाख का प्रावधान किया गया है। इसी योजना के अंतर्गत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों की नजूल भूमि तथा व्यपवर्तित भूमि का राजस्व सर्वेक्षण कर 1 अनुपात 500 के पैमाने पर नक्शा तैयार किया जाना है, जिसके लिए 29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
34.6 राष्ट्रीय भू-अभिलेख का आधुनिकीकरण योजना में 123 करोड़ 12 लाख तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के लिए 265 करोड़ का प्रावधान है।
34.7 प्रदेश में पुलिसिंग को मजबूत करने तथा व्यावसायिक कुशलता को बढ़ाने के लिए आवश्यक अधोसंरचना तथा आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को साधन संपन्न बनाया जा रहा है, जिसके लिए 2017-18 में 3 हजार 750 करोड़ 55 लाख बजट प्रावधान रखा गया है।
34.8 वर्ष 2016 में पंजीबद्ध अपराधों की संख्या में 3.40 प्रतिशत की कमी आई है। माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार एफ.आई.आर. 24 से 72 घण्टे मंे पुलिस की वेबसाईट पर पोस्ट किया जा रहा है। भारत सरकार की सी.सी.
टी.एन.एस. योजना के तहत थानों को ऑनलाईन जोड़ने की योजना प्रगति पर है।
34.9 त्वरित पुलिस सहायता हेतु ’’डायल 112 योजना’’ लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में 10 मिनट में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधे घंटे के अंदर पुलिस सहायता पहुंचाई जाएगी। यह सुविधा अपराध, दुर्घटना, आपात चिकित्सा, महिलाओं के विरुद्ध अपराध आदि की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराएगी। इसमें 240 वाहनों तथा 50 मोटरसाइकिल का उपयोग किया जाएगा तथा पूरी व्यवस्था जी.पी.एस. नियंत्रित होगी। इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
34.10 इस वर्ष 8 नवीन थाने, 6 नवीन चौकी व 1 चौकी का उन्नयन किया जाएगा। इस हेतु 13 करोड़ 34 लाख का प्रावधान है। थाना स्तर पर फिंगर प्रिंट की लाइव स्कैनिंग की व्यवस्था हेतु 1.5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
34.11 नक्सली समस्या पर नियंत्रण पाने में बस्तर क्षेत्र में डी.आर.जी. गठन के अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। आगामी वर्ष में डी.आर.जी. के 360 पदों का सृजन किया जाएगा, जिसके लिए 9 करोड़ 26 लाख का प्रावधान है।
34.12 जेलों के लिए 30 बैरक के निर्माण के लिए 13 करोड़ तथा प्रतापपुर एवं बलरामपुर में उप जेलों के निर्माण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान है।
34.13 जनकेन्द्रित सुविधाओं की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह निर्णय लिया गया है कि रायपुर में सेंसर आधारित कम्प्यूटराईज्ड ड्राइविंग ट्रैक (ई-ट्रैक) स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत हल्के और भारी वाहनों के लिए कम्प्यूटराईज्ड ड्राइविंग कौशल परीक्षण किया जाएगा। इस व्यवस्था के लिए 5 करोड़ 22 लाख का प्रावधान किया गया है।
34.14 सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए राज्य के वाहनों में व्हिकल ट्रैकिंग व्यवस्था लागू की जा रही है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल महिलाओं एवं अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी बल्कि परमिट शर्तों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण भी पाया जा सकेगा। इस कदम से शासन के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
34.15 ’’खनिज ऑनलाईन’’ के जरिये खनन संबंधित गतिविधियों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य जारी है। गौण खनिज की 42 खदानों की पारदर्शी तरीके से सफल नीलामी की गई है। खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए जिला खनिज संस्थान न्यासों के माध्यम से 2 हजार 400 करोड़ के कार्य किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि से सड़क निर्माण, रेल कॉरिडोर निर्माण तथा एयरपोर्ट के विकास के लिए 578 करोड़ की राशि प्रदाय की गई है।
वर्ष 2016-17 का पुनरीक्षित अनुमान
35. अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2016-17 का पुनरीक्षित बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ:-
35.1 राजस्व प्राप्ति के बजट अनुमान 61 हजार 427 करोड़ की तुलना में पुनरीक्षित अनुमान 62 हजार 786 करोड़ है। व्यय का बजट अनुमान 70 हजार 59 करोड़ से बढ़कर पुनरीक्षित अनुमान 70 हजार 674 करोड़ है।
35.2 राजस्व आधिक्य का पुनरीक्षित अनुमान 4 हजार 821 करोड़ है।
35.3 बजट में सकल वित्तीय घाटा 8 हजार 111 करोड़ अनुमानित था। यह पुनरीक्षित अनुमान में घटकर 7 हजार 668 करोड़ होगा, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 2.9 प्रतिशत है तथा निर्धारित सीमा के अंदर है।
वर्ष 2017-18 का बजट अनुमान
36. अध्यक्ष महोदय, अब मैं वर्ष 2017-18 के लिए बजट अनुमान प्रस्तुत करता हूँ:-
36.1 वर्ष 2017-18 हेतु कुल राजस्व प्राप्तियाँ 66 हजार 94 करोड़ अनुमानित है, जिसमें केन्द्रीय योजनाओं के अंतर्गत राज्य को प्राप्त होने वाली सहायता राशि 14 हजार 101 करोड़ शामिल है। राज्य का स्वयं का राजस्व 31 हजार 125 करोड़ है, जो कि गत वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है।
36.2 वर्ष 2017-18 के लिए अनुमानित सकल व्यय 80 हजार 959 करोड़ है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी तथा पुनर्प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 76 हजार 32 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 61 हजार 313 करोड़ तथा पूंजीगत व्यय 14 हजार 454 करोड़ है। वर्ष 2017-18 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 19 प्रतिशत है।
36.3 विकासशीर्षों के अंतर्गत प्रावधानित व्यय में विकासात्मक व्यय में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 36 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 12 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
36.4 वर्ष 2017-18 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 41 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिए 38 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए 21 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
राजकोषीय स्थिति
37. अध्यक्ष महोदय, कुशल वित्तीय प्रबंधन के जरिये राज्य के स्वयं के राजस्व में निरंतर वृद्धि के फलस्वरूप इस बजट में पूर्व वर्षों की भांति 4 हजार 781 करोड़ का राजस्व आधिक्य अनुमानित किया गया है।
37.1 राज्य का सकल वित्तीय घाटा 9 हजार 647 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.49 प्रतिशत एवं निर्धारित सीमा के अंदर है।
37.2 वर्ष 2017-18 हेतु कुल प्राप्तियां 75 हजार 952 करोड़ के विरुद्ध शुद्ध व्यय 76 हजार 32 करोड़ अनुमानित है। इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 80 करोड़ का शुद्ध घाटा अनुमानित है। वर्ष 2016-17 के संभावित घाटा 656 करोड़ को शामिल करते हुए वर्ष 2017-18 का कुल बजटीय घाटा 736 करोड़ है।
कर प्रस्ताव
अध्यक्ष महोदय,
38. अब मैं सदन के समक्ष वर्ष 2017-18 के लिए कर प्रस्ताव प्रस्तुत करता हूँ।
38.1 ’’एक-देश, एक-बाजार, एक-कर’’ की अवधारणा पर आधारित सबसे बड़ा कर सुधार जी.एस.टी. लागू करने की दिशा में काफी प्रगति हो चुकी है। हमारे प्रयासों के कारण जी.एस.टी. परिषद् द्वारा करदायित्व सीमा 20 लाख रुपये रखे जाने का निर्णय लिया गया है।
38.2 जी.एस.टी. लागू होने पर केन्द्रीय विक्रय कर एवं प्रवेश कर समाप्त हो जाएगा, जिसका सीधा लाभ यहाँ के उद्योगों, मुख्यतः स्टील उद्योग को प्राप्त होगा, जिससे उनका उत्पादन एवं अंतर्राज्यीय व्यापार बढ़ेगा। अनेक करों के स्थान पर एक-कर तथा समस्त कर प्रक्रियाएँ ऑनलाईन होने से कर-प्रणाली सरल एवं पारदर्शी होगी, जिससे इसका अनुपालन आसान होगा।
38.3 85 प्रतिशत से अधिक व्यवसायियों द्वारा जी.एस.टी. के अंतर्गत नामांकन कराया जा चुका है। इस प्रक्रिया में राज्य के व्यापारियों तथा उद्योगपतियों का अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके कारण राज्य जी.एस.टी. नामांकन में देश
के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
38.4 हमारे प्रधानमंत्रीजी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल मोड से भुगतान को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कुछ निर्धारित वस्तुओं जैसे सीमेंट, स्टील, कोयला, डीजल, पेट्रोल, केरोसिन, मोटर वाहन, पान मसाला, तम्बाकू उत्पाद आदि को छोड़कर शेष वस्तुओं की खरीदी का भुगतान डिजिटल मोड से करने पर उपभोक्ताओं को कर की दर में आधा प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस छूट की राशि का समायोजन विक्रेता व्यवसायी उसके द्वारा देय कर के विरुद्ध कर सकेगा। यह व्यवस्था जी.एस.टी. प्रणाली लागू होने तक जारी रहेगी। इससे यद्यपि लगभग 3 करोड़ की वार्षिक राजस्व क्षति अनुमानित है, किन्तु इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। उनमें बिल लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी तथा कर-अपवंचन पर नियंत्रण होगा।
अध्यक्ष महोदय,
जैसा कि मैंने प्रारंभ में कहा कि हमारी सरकार के समस्त प्रयास राज्य की प्रगति को समर्पित हैं। मैं राज्य की जनता के विश्वास एवं लोककल्याणकारी राज्य में उनकी आस्था के साथ वर्ष 2017-18 का बजट अनुमान सदन के समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।

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ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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