मुख्यमंत्री के विभाग के अनुदान मांग मन सदन म ध्वनिमत से पारित

छत्तीसगढ़ के गांव मन जीत लीन अंधियार ल अउ अब अंजोर बनिस ऊंखर ताकत: डॉ. रमन सिंह

प्रति मनखे औसत बिजली खपत मं छत्तीसगढ़ बनिस देश के नम्बर वन राज्य

विद्युत पम्प कनेक्शन मन के संख्या 87 हजार ले बाढ़के 4.50 लाख ले जादा

रायपुर, 23 मार्च 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हर ए अवसर म कहिन कि छत्तीसगढ़ अब शत्-प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण के नजदीक पहुंच गए हावे। डॉ. सिंह आज विधानसभा मं अपन विभाग मन से संबंधित आगामी वित्तीय साल 2017-18 के बजट अनुदान मांगों म होए चर्चा के जवाब देवत रहिन।  मुख्यमंत्री के वक्तव्य के बाद सदन मं ऊंखर विभाग मन के 8956 करोड़ रूपया 55 लाख 63 हजार रूपया के अनुदान मांग मन ल आज सर्वसम्मति ले पारित कर दे गीस। एमा सामान्य प्रशासन, वित्त, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स अऊ सूचना प्रौद्योगिकी, जनसम्पर्क अउर विमानन विभाग के बजट प्रस्ताव सामिल हावे।

ऊर्जा विभाग के बजट अनुदान प्रस्ताव मन म चर्चा के जवाब मं मुख्यमंत्री हर कहिन्- एक समय रहिस जब अंधेरा तमाम विसंगति अऊ असमानता मन के चिनहा माने जात रहिस अऊ उजाला जीत के चिनहा होत रहिस। अब हमार गांव के मनखे मन सचमुच अंधेरा जीत ले हावे, उजाला उंखर ताकत बन गए हावे।

मुख्यमंत्री हर कहिन  - प्रति मनखे बिजली के औसत वार्षिक खपत के मामला मं छत्तीसगढ़ देश के नंबर-वन राज्य बन गए हावे। हमार इहां बिजली के प्रति मनखे औसत वार्षिक खपत 1790 यूनिट पहुंच गे हावे, जबकि राष्ट्रीय औसत 900 यूनिट के हावे। डॉ. सिंह हर कहिन् - साल 2003 मं विद्युतीकृत बसाहट के संख्या 13 हजार 889 थी, जऊन साल 2017 के स्थिति मं पांच गुना बढ़कर 64 हजार 421 हो गए हावे। मुख्यमंत्री हर कहिन कि वर्ष 2003 के स्थिति मं राज्य मं विद्युतीकृत गांवों के संख्या 17 हजार 329 रहिस, जऊन साल 2017 मं बढ़के 19 हजार ले जादा अऊ विद्युत पम्प कनेक्शन मन के संख्या 87 हजार ले बढ़के चार लाख 50 हजार ले जादा हो गए हावे। राज्य के 676 अविद्युतीकृत गांव मन मं ले मार्च 2017 तक 194 गांव विद्युतीकृत हो जाही अऊ शेष 482 गांव मन के विद्युतीकरण मार्च 2018 तक पूरा करे के लक्ष्य हावे। आखरी छोर के गांव अऊ आखरी छोर के मजरे-टोला तक बिजली पहुंचाए बर सरकार तत्परता ले काम करत हे।

जनसंवाद परियोजना ले जुड़हीं 26 लाख मनखे

डॉ. सिंह हर प्रदेश मं आम जनता ल टेलीफोन अऊ मोबाइल फोन म शासकीय योजना मन के जानकारी दे बर जनसंवाद परियोजना शुरू करे घोषणा करिस अऊ कहिस कि इलेक्ट्रॉनिक्स अउ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के ए परियोजना मं 26 लाख लोगन ल मोबाइल फोन अऊ टेलीफोन ले जोड़के उन मन ले दू पाइत बात करे जाही। एखर प्रकार 52 लाख फोन कॉल्स लगाए जाही अऊ योजना मन के बारे मं ऊँखर प्रतिक्रिया लेहे जाही संगे-संग ऊँखर संतुष्टि के स्तर के बारे मं घलोक पूछे जाही। ये परियोजना सुशासन बर काफी कारगर होगी। उमन कहिन - सूचना प्रौद्योगिकी ए युग मं बिजली ले तेज रफ्तार चलइया टेक्नोलॉजी हावे। जनसंवाद परियोजना के संचालन बर कॉल सेंटर बनाए जाही, जेमां दो सौ मनखे काम करहीं।

संचार क्रांति योजना मं 45 लाख परिवार ल

स्मार्ट फोन म मिलही 71 सरकारी योजनाओं के जानकारी

डॉ. सिंह हर ‘मुख्यमंत्री संचार क्रांति योजना’  के तहत प्रदेश के 45 लाख परिवार मन ल स्मार्ट फोन देहे अउ अपन सरकार के कार्ययोजना के जानकारी देहे के उल्लेख करिन। उमन कहिन कि ए योजना के तहत गांव अऊ शहर मं गरीबी रेखा श्रेणी के परिवार अउ प्रदेश के कॉलेज स्तर के विद्यार्थि मन ल स्मार्टफोन दे जाही, जेमां सरकार के 71 जनकल्याणकारी योजना मन के जानकारी होही। डॉ. सिंह हर कहिन - छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र  मं सिरिफ 29 प्रतिशत घर मन मं मोबाइल फोन हावे। ए योजना ले मोबाइल फोन धारक परिवार के संख्या बढ़ही अऊ ओ मन ल खेती-किसानी संग शासन के हर गतिविधि के जानकारी मिल सकही।

युवा स्वावलंबन योजना मं 30 हजार युवा मन ल मिलही प्रशिक्षण

डॉ. रमन सिंह हर सदन ल बताइस कि राज्य शासन ले इलेक्ट्रॉनिक्स अउ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री युवा स्वावलंबन योजना के तहत एक अइसन युवा शक्ति तैयार करे के निर्णय ले हावे, जऊन रोजगार देवाये वाले पढ़ाई करे। एखर खरीर ऊंखर कौशल उन्नयन म जोर दे जात हावे। ये वाले योजना तीन साल मं क्रियान्वित होगी। ए साल 30 हजार युवा मन ल चुनके ओ मन ल प्रशिक्षण दे के लक्ष्य हावे।

अनुसूचित जाति-जनजाति के किसान मन ल सिंचाई बर पूरा बिजली मुफ्त

मुख्यमंत्री हर ऊर्जा विभाग के अनुदान मांग ऊपर चर्चा के जवाब देवत कहिस - कृषक जीवन ज्योति योजना के अंतर्गत राज्य मं अनुसूचित जाति अऊ जनजाति वर्ग के एक लाख 06 हजार ले जादा किसान मन ल सिंचाई बर सम्पूर्ण बिजली निःशुल्क देहे जात हावे। इंखर बिजली बिल मन म प्रदेश सरकार से 533 करोड़ रूपए के अनुदान देहे जात हावे। मुख्यमंत्री हर विधायक मन ले अपन-अपन क्षेत्र मन मं ए योजना के बारे मं जादा ले जादा मनखे तक जानकारी पहुंचाए के अनुरोध करिस। उमन ये घलोक बताइन कि वित्तीय साल 2017-18 के बजट मं किसान मन ल बिजली से संबंधित सुविधा दे बर 2171 करोड़ रूपए के प्रावधान करे गए हावे। ओ मन ल निःशुल्क बिजली के अलावा पम्प कनेक्शन बर अतिरिक्त लाईन विस्तार के जरूरत होए म प्रति कनेक्शन एक लाख 50 हजार रूपए के अनुदान राज्य शासन ले दे जात हावे। डॉ. सिंह हर बताइस - कृषक जीवन ज्योति योजना मं तीन हार्स पावर के पम्प म 6 हजार यूनिट अऊ तीन ले पांच हार्स पावर के पम्प मन म 7500 यूनिट बिजली मुफ्त दे जात हावे।

सौर सुजला योजना : तीन साल मं 2179 करोड़ खर्च होही

मुख्यमंत्री हर बताइस कि सौर सुजला योजना के तहत किसान मन ल काफी कम कीमत म सोलर सिंचाई पम्प दे जात हावे। साल 2016-17 ले चालू ए योजना मं साल 2017-18 तक 51 हजार किसान मन ल सोलर पम्प वितरित करे के लक्ष्य हावे। ए हिसाब म तीन साल मं कुल 2179 करोड़ रूपए खर्च होही। ये काम म 854 करोड़ रूपया आगामी वित्तीय साल 2017-18 मं खर्च करे जाही। मुख्यमंत्री हर बताइस कि  ए योजना मं तीन हार्स पावर के सिंचाई पम्प, जेकर अनुमानित लागत तीन लाख 50 हजार रूपया हावे, वो अनुसूचित जाति-जनजाति के किसान मन ल सिरिफ सात हजार रूपए मं, अऊ पिछड़े वर्ग के किसान मन ल सिरिफ 12 हजार रूपए मं अऊ सामान्य वर्ग के किसान मन ल केवल 18 हजार रूपए मं दे जात हावे। अइसनहे पांच हार्स पावर के सोलर पम्प, जेकर अनुमानित कीमत चार लाख 50 हजार हावे, वो अनुसूचित जाति-जनजाति के किसान मन ल सिरिफ 10 हजार रूपया मं, अऊर पिछड़े वर्ग के किसान मन ल सिरिफ 15 हजार रूपया मं अऊ सामान्य वर्ग के किसान मन ल सिरिफ 20 हजार रूपया मं दे जात हावे।
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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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