काली के भूपेश-मिश्रा बहस उप्‍पर छत्तीसगढ़ विधानसभा म जोरदार हंगामा





रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस भूपेश बघेल अउ जल संसाधन सचिव गणेश शंकर मिश्रा के बीच काली विधानसभा म होए जोरदरहा झड़प के पाछू आज विधानसभा म जोरदार हंगामा होइस। कांग्रेस ह प्रश्नकाल ल चलनेच नइ दीस। प्रश्नकाल शुरू होते कांग्रेस सदस्य नारेबाजी करे लागिन। भूपेश ह विधानसभा अध्यक्ष ल विशेषाधिकार हनन के सूचना दीस। ए दौरान भूपेश ह कहिस, हम जब सवाल पूछथन त अधिकारी सदनेच म हमला धमकाथे, हमर उपर दबाव बनाथे। अइसन म, हम सवाल कइसे पूछबोन। भूपेश बघेल हर कहिस कि सरकार ह अधिकारी मन ल खुला छूट दे दे हावय जऊन करना हावय करव। नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव ह कहिस कि अधिकारी मन हमरेच मुंह म ताला लगाय के उदीम झन करव। उमन ककहिन कि देश म 0.1 परसेंट आई.ए.एस. बनथे, आई.ए.एस. के का अइसन आचरण होना चही? सिंहदेव ह साफ कहिस कि अइसन अफसर मन के संग हम काम नइ कर सकन। भूपेश सदन के वरिष्ठ सदस्य आए, पूर्व कैबिनेट मंत्री आए। जी.एस. मिश्रा ल ओकर से माफी मांगनी चाही।
हंगामा अउ नारेबाजी के बीच स्पीकर गौरीशंकर अग्रवाल हर कहिस कि कांग्रेस के विशेषाधिकार हनन के सूचना मिले हे। हर एक विधायक के सम्मान जरूरी हे, ए बीच संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर, राजेश मूणत अउ प्रेमप्रकाश पाण्डेय के बीच सदनेच म मंत्रणा होइस। दू-तीन मिनट के बातचीत के पाछू सरकार कोति ले प्रेमप्रकाश खड़े होइस। अउ कहिस कि हमू चाहथन के सदस्य मन के मान-सम्मान के रक्षा होवय। ए मसला म जऊन संभव होही, सरकार उचित कार्रवाई करही। मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय हर आश्वासन दीस कि कोनो अधिकारी होवय जउन सदस्य मन के अपमान करही ओखर खिलाफ कार्रवाई करे जाही। आसंदी कोनो माध्यम ले चर्चा करा लेवय, हम चर्चा बर तैयार हावय।
ए बात म भूपेश बोलिस कि घटना के बाद कोनो संसदीय सचिव के फोन आइस अउ ना ही प्रेमप्रकाश जी के। इहां सीएस अउ तीन-तीन एसीएस बइठे हावय। काखरो तो मोला फोन आतिस कि ये गलत होय हावय। अइसन लगत हावय, इहां सबला छूट मिले हावय, जेला जऊन मन आए करव। एखर बाद विपक्ष सदन ले वाकआउट कर दीस।
दुबारा प्रश्नकाल चालू होए म स्पीकर ह कहिस कि जी.एस. मिश्रा ले जवाब माँगे जाही। जवाब आए के बाद ऊंखर खिलाफ करवाई करे जाही। नेता प्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव हर कहिस कि का अब आई.ए.एस. अधिकारी हमार मुँह म ताला लगाहीं। हमला बोले ले रोकहीं, प्रोटोकाल म विधायक के दर्जा का हे? ये घलोक नइ पता। सदन के कार्यवाही अइसन म कइसन चलही। पूरा संरक्षण दुसर तरफ हावय। सत्तापक्ष के तरफ ले ये संकेत आनी चाही कि ए विसय म खेद हावय, फेर अब तक कोनो हर खेद नइ जताए हे। ए बात म अध्यक्ष ह कहिस कि सदन विशेषाधिकार हनन के खातिर सजग हावय। मैं एमा लउहे व्यवस्था दूंहूं।


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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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