मुख्यमंत्री हर करिस ’युगपुरूष-महात्मा के महात्मा’ नाटक के शुभारंभ

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्रीमद राजचंद्र के 150वें जयंती बछर के 125 दिन मं होय नाटक के 250वां मंचन




रायपुर, 18 मार्च 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हर बीते रात इहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्रीमद राजचंद्र उपर केन्द्रित नाटक ’युगपुरूष-महात्मा के महात्मा’ के शुभारंभ करिस। नाटक के मंचन जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सभागृह मं करे गीस। आपमन जानते होहू कि श्रीमद राजचंद्र जी के 150वें जन्म जयंती बछर म 125 दिन के भीतर ए नाटक के ये ह 250वां मंचन रहिस। ये नाट्य के प्रस्तुति महाराष्ट्र के धरमपुर (जिला-बलसार) स्थित श्रीमद राजचंद्र मिशन के कलाकार मन दीन। मुख्यमंत्री हर ए अवसर म मिशन के संस्थापक श्री राकेश भाई ल सम्मानित करिस।
मुख्य अतिथि के आसंदी ले शुभारंभ सत्र ल सम्बोधित करत करत मुख्यमंत्री डॉ. सिंह हर कहिस कि एक बहुत बड़े अऊ पवित्र उद्देश्य ल लेके श्रीमद राजचंद्र मिशन ए नाटक के प्रस्तुति देश भर मं देवत हावे। उमन ए बात म खुशी जताईन कि नाटक के मंचन ले संस्था ल होवइया आमदनी ले दक्षिण गुजरात मं दू सौ बिस्तरों के अस्पताल के निर्माण करे जाही। मुख्यमंत्री हर कहिस कि ये छत्तीसगढ़ अऊ रायपुर बर सौभाग्य के बात हावे कि इहां हमन ल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आध्यात्मिक मार्गदर्शक श्री राजचंद्र जी के जीवन के अनछुए पहलु मन के बारे मं नाटक के माध्यम ले बहुत कुछ जानने के अवसर मिलीस। मुख्यमंत्री हर कलाकार मन ल अऊ श्रीमद राजचंद्र मिशन के संस्थापक श्री राकेश भाई ल बधाई अऊ शुभकामना दीन। कार्यक्रम मं मुख्यमंत्री के संग प्रदेश के कृषि अऊ जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री श्री राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर साहू, लोकसभा सांसद श्री रमेश बैस अऊ शदाणी दरबार के संत युधिष्ठिर लाल संग अड़बड़ झन प्रबुद्धजन उपस्थित रहिन।
आयोजक मन बताइन कि ’युगपुरूष-महात्मा के महात्मा’ नाट्य प्रयोग भारतीय इतिहास के एक अनकही कथा आए। ये मोहनदास ल महात्मा मं रूपांतरित करइया सत्य अऊ अहिंसा के सिंद्धात ले ऊंखर चरित्र के निर्माण करइया ऊंखर आध्यात्मिक मार्गदर्शक अउ गांधी जी के आध्यात्मिक संबंध उपर केन्द्रित हावे। श्रीमद राजचंद्र जी के जन्म 1867 मं होय रहिस हे। उहें महात्मा गांधी के जन्म दू अकटूबर 1869 मं होय रहिस। ए प्रकार राजचंद्र जी महात्मा गांधी ले सिरिफ दू साल बड़े रहिन। उमन बहुत प्रतिभावान संत, कवि अऊ दार्शनिक रहीन। मात्र 33 साल के युवा अवस्था मं सन् 1901 मं श्रीमद राजचंद्र जी के निधन हो गीस। नाटक मं महात्मा गांधी खुद उमन ले जुड़े अपन संस्मरण सुनात नजर आथे। उमन से गांधी जी के पहला परिचय मुम्बई मं सन् 1891 मं ओ समय होइस, जब ओ मन बैरिस्टर बनके इंग्लैंड ले लहुटिन। गांधी जी हर अपन आत्मकथा ’सत्य के प्रयोग’ मं घलोक उंखर उल्लेख करे हावे। अंदाजन एक घण्टा अऊ 20 मिनट के ए नाटक के लेखन श्री उत्तम गढ़हा हर अऊ दिग्दर्शन श्री राजेश जोशी हर करे हावे। संगीत निर्देशन श्री सचिन जिगर के हावे। आयोजक मन ये घलोक बताइन कि नाटक गुजराती अऊ कुछ आन भारतीय भाषा मन मं घलोक तैयार करे गए हावे। बेंगलुरू (कर्नाटक) विधानसभा मं 21 मार्च को अऊ मध्यप्रदेश विधानसभा (भोपाल) मं 23 मार्च को एखर मंचन करे जाही। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ह घलोक 15 अगस्त 2016 को स्वतंत्रता दिवस के अपन संदेश मं महात्मा गांधी के गुरू श्रीमद राजचंद्र जी के 150वें जन्म जयंती साल के उल्लेख करे रहिस हावे।


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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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