हिन्द महासागर क्षेत्र म आतंकवाद : मुख्यमंत्री हर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये सम्मेलन ल करिस सम्बोधित

सुशासन ले ही खतम होही नक्सलवाद अउ आतंकवाद: डॉ. रमन सिंह




रायपुर, 15 मार्च 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हर आज राजधानी रायपुर स्थित अपन निवास कार्यालय ले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये नई दिल्ली म आयोजित ‘काउंटर टेररिज्म’ कॉन्फ्रेंस ल संबोधित करिस। ये सम्मेलन ‘हिन्द महासागर क्षेत्र म आतंकवाद‘ विसय म इंडिया फाउंडेशन ह आयोजित करे रहिस।
डॉ. रमन सिंह हर सम्मेलन ल सम्बोधित करत करत कहिस कि सुशासन ले ही नक्सलवाद अउ आतंकवाद खतम होही। एखर खातिर जनकल्याणकारी योजना अउ विकास कार्य मन के संग कानून व्यवस्था के मोर्चा म घलोक काम करत रहे ल परही। उमन छत्तीसगढ़ के नक्सल समस्या, विशेष रूप ले बस्तर संभाग म नक्सलवाद के उन्मूलन बर अपन सरकार के नीती मन उपर प्रकाश डालिन। उमन कहिन कि राज्य के सरगुजा इलाका ल नक्सल समस्या से मुक्‍त करे जा चुके हावय। अब हम आदिवासी बहुल बस्तर अंचल म सुशासन के जरिये बदलाव लाय बर जनता के सामाजिक-आर्थिक बेहतरी के दिशा म लगातार काम करत हावन। केन्द्र ले घलोक हमला अच्छा सहयोग मिलत हावय। मुख्यमंत्री हर कहिस कि हमन नक्सल प्रभावित इलाका मन म सुरक्षा, विकास अउ विश्वास के ताना-बाना बुने हावन। एखर ले बस्तर क्षेत्र म विकास ल नवा दिशा मिले हावय। नक्सलवाद कोति ले लोगन के मोहभंग होय हावय। ओ इलाका म सड़क, रेल मार्ग, संचार अउ बिजली के नेटवर्क बढ़ाए जात हावय। स्वास्थ्य अउ शिक्षा के संगें-संग रोजगार प्रशिक्षण के सुविधा मन म बढ़ोतरी करे गए हावय। उहां के युवा मन के कौशल उन्नयन म विशेष रूप ले बल देहे जात हावय।
डॉ. रमन सिंह हर कहिन कि प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण के दृष्टि ले हमन साल 2007 ले 2012 के बीच उहां चार नवा जिला नारायणपुर, बीजापुर, कोण्डागांव अउ सुकमा के गठन करे हावन। अब बस्तर संभाग म सात जिला हावय। सम्मेलन ल जम्मू कश्मीर के राज्यपाल श्री एन.एन. बोहरा, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, आंध्र अउ तेलांगाना के राज्यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्हन हर घलोक सम्बोधित करिन। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के संग सम्मेलन ल सम्बोधित करत-करत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हर कहिन कि आतंकवाद अउ नक्सलवाद सही म एके सिक्का के दू पहलू आय। लोकतंत्र आधारित शासन व्यवस्था ल कमजोर करना अउ आतंक फैलाके लूट खसोट करना नक्सलि मन के उद्देश्य हावय। छत्तीसगढ़ अउ देशभर ले ऊंखर चेहरा ले मसीहा के मुखौटा हट गए हे अउ ओ मन बेनकाब हो गे हावय। डॉ. रमन सिंह हर कहिस कि नवा छत्तीसगढ़ राज्य म जनता के संग निर्वाचित सरकार के आघू नक्सल प्रभावित इलाका मन म शांति अउ विकास के कल्पना ल साकार करना हवय। नक्सलि मन हर बस्तर के सुदूर इलाका मन म शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क अउ संचार सेवा मन ल ध्वस्त कर देवत हें।
उहां हम सरकार के योजना मन म जनता के भागीदारी अउ प्रशासन के पहुंच ले बस्तर क्षेत्र म विकास के नवा अध्याय लिखत हावन। उमन कहिन कि राज्य निर्माण के समय साल 2000 म प्रदेश म 16 जिला रहिस। प्रदेश सरकार हर शासन-प्रशासन ल सुदूर क्षेत्र मन म जनता तक आसानी ले पहुंचे खातिर साल 2007 ले 2012 के बीच ग्यारा नवा जिला मन के गठन करे हावन। अब राज्य म 27 जिला हावय। हमन विकास ल गति देहे अउ लोकतंत्र म आम जनता के भागीदारी बढ़ाए बर त्रि स्तरीय पंचायत मन के चुनाव करवाए हावन। राज्य सरकार ले बस्तर क्षेत्र म सड़क नेटवर्क के विकास अउ विस्तार बर 6000 करोड़ रूपये खर्च करे जात हावय। स्कूली शिक्षा बर पोटा केबिन अउ दंतेवाड़ा अउ सुकमा जिला म एजुकेशन सिटी के निर्माण करे हावन । दंतेवाड़ा जिला के एजुकेशन सिटी म अंदाजन 7000 लइका शिक्षा ग्रहण करत हे। जगदलपुर म शासकीय मेडिकल कॉलेज के स्थापना करे गए हे। एखर ले स्वास्थ्य सुविधा मन के विस्तार होय हावय। बीजापुर जिला म अस्पताल सुधार के नवा मॉडल अपनाके निजी क्षेत्र के चिकित्स मन के सेवा लेहे जावत हावय। नक्सल प्रभावित क्षेत्र मन के बच्चा मन ल शिक्षा के बेहतर वातावरण देहे बर मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना शुरू करे गए हावय। एखर अंतर्गत राज्य के जम्‍मो पांच संभागीय मुख्यालय - रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर (सरगुजा), जगदलपुर (बस्तर) अउ दुर्ग म प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित करे जात हावय। प्रयास आवासीय विद्यालय म पढ़के आईआईटी , मेडिकल अउ इंजीनियरिंग के प्रवेश परीक्षा मन म लईका मन सफल होए हावय। बस्तर क्षेत्र के सात जिला मन म मोबाईल फोन अउ इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाए बस्तर नेट प्रोजेक्ट शुरू करे गए हावय। मुख्यमंत्री हर कहिन कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के पहल म शुरू करे गए जिला खनिज न्यास योजना के खनिज संसाधन मन ले भरपूर छत्तीसगढ़ राज्य म सकारात्मक असर देखे ल मिलत हावय। दंतेवाड़ा जिला म 200 करोड़ रूपया के अउ कोरबा जिला म 400 करोड़ रूपया के विकास के काम चलत हावय।
डॉ. सिंह हर कहिन कि पूरा प्रदेश म वनवासि मन बर तेंदूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक 1500 रूपए प्रति मानक बोरा ले बढ़ाके 1800 रूपया कर देहे गए हावय। बस्तर क्षेत्र म मक्का के खेती अउ उद्यानिकी फसल मन के खेती ल बढ़ावा दे गए हावय।


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Terrorism in Indian Ocean: Chief Minister addresses sammelan via video-conference : Good governance will end Naxalism and terrorism: Dr. Raman Singh

Chief Minister Dr. Raman Singh today addressed '' Counter-Terrorism'' conference held in New Delhi through video-conferencing from his official residence here. The theme was '' Terrorism in Indian Ocean Region'' organized by the India Foundation. Dr. Raman Singh said that effective and good governance will spell the death-knell of Naxalism and terrorism. The State Government had been implementing social welfare schemes, development works and focus is on the law order front. He threw light on the State policy on naxalites in general and in Bastar division in particular. The Left-Wing Extremism had been brought to an end in Surguja division. The authorities are working on the socio-economic front in Bastar division and the results will be known soon. The Union Government had been co-operating in all its endeavours. The common citizens are averse to naxalism . The network of roads, rail, communications and electricity are being expanded at a brisk pace. Education, health and skills' up-gradation facilities had been provided to the citizens.

Dr. Raman Singh added that as a part of decentralization of power four new districts had been carved out between 2007-2012-Narayanpur, Bijapur, Kondagaon and Sukma. There are seven districts in Bastar Division. The conference was addressed by Jammu-Kashmir Governor Mr. N. N. Vohra, Chief Minister Ms. Mahbooba Mufti, Andhra -Telengana Governor Mr. E. S. L. Narasimhan also.

Dr. Raman Singh while addressing the New Delhi Conference via video-conference said that naxalism and terrorism are two sides of the same coin. The main target of Naxalites is to weaken the administrative system based on democratic aspirations and loot the society by spreading terror. The mask on the faces of 'messiahs of the poor' had been unveiled and their true faces had been exposed. The Left-Wing Terrorists had destroyed education, health, roads and communications links in the far-flung regions of Bastar.

Chief Minister added that new chapters of development are being written with the people's participation in the development parameters. There were 16 districts in the year 2000 when the new State had been carved out and now there are 27 districts. Elections are held to the three-tier panchayat raj system to take decisions at the door step of the villagers. Roads' network worth Rs 6, 000 crore are being laid in the remote regions. Pota Cabins and Education City had been established in Dantewada and Sukma districts. There are about 7000 children studying in the Education City in Dantewada district. Government Medical College had been established in Jagdalpur. Medical services are being expanded in Bijapur district under the new innovative model. Five Prayas Residential schools had been opened in Raipur, Bilaspur, Ambikapur (Surguja), Jagdalpur (Bastar) and Durg Divisions to cater to the educational needs of children in the Naxalites' violence affected districts. The students from these schools had been admitted to the prestigious medical, engineering and other institutions. Bastar Net Project had been started to spread the network of mobile phones and Internet Connectivity in the seven districts of Bastar Division. Additional funds of Rs 200 crore for Dantewada and Rs 400 crore for Korba had been allocated under the Prime Minister Narendra Modi's District Minerals' Trust Project. It had created a positive environment in the regions. Dr. Raman Singh said that the wages of Tendu patta procurers had been hiked from Rs 1500 a bag to Rs 1800 a bag.


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ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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