छत्तीसगढ़ के रेल परियोजना मन बर केन्द्र ले मिलही भरपूर सहयोग: श्री सुरेश प्रभु

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अउ रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के संयुक्त बैठक
प्रदेश के प्रस्तावित अउ निर्माणाधीन परियोजना मन उपर विचार-विमर्श




रायपुर, 22 अप्रैल 2017। रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु हर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ल छत्तीसगढ़ म कई ठन रेल परियोजना मन के विकास अउ ओखर विस्तार म केन्द्र के तरफ ले भरपूर सहयोग के भरोसा देह हवंय। श्री प्रभु हर आज इहां मुख्यमंत्री निवास म डॉ. रमन सिंह अउ प्रदेश सरकार अउ रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मन के संयुक्त बैठक म राज्य बर स्वीकृत अउ निर्माणाधीन परियोजना मन उपर विस्तृत विचार-विमर्श करिन।
मुख्यमंत्री हर बैठक म कहिन कि केन्द्र अउ राज्य दुनों मिलके छत्तीसगढ़ के प्रस्तावित अउ निर्माणाधीन रेल परियोजना मन ल साल 2022 तक पूरा करे बर युद्ध स्तर म काम करहीं, ताकि साल 2022 म जब हमर देश अपन आजादी के 75वीं वर्षगांठ मनाही, ओ समय हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ल अउ देश ल ए परियोजना मन के सौगात दे सकबोन। डॉ. सिंह हर कहिन कि छत्तीसगढ़ म पाछू 160 साल म केवल लगभग 1280 किलोमीटर तक रेलवाही के निर्माण होए हे, जबकि राज्य सरकार हर केन्द्र के सहयोग ले अवइया 10 साल म 1380 किलोमीटर नवां रेल नेटवर्क के निर्माण के लक्ष्य तय करे हवय।
डॉ. रमन सिंह हर बैठक म रेल मंत्री ल छत्तीसगढ़ सरकार कोति ले कई प्रस्ताव दीन, जेमा राजनांदगांव शहर के बीच स्थित रेल्वे गुड्स शेड ल आन जघा ले जाए के प्रस्ताव घलोक सामिल हवय। श्री प्रभु हर रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष श्री मित्तल ल एखर खातिर मुख्य सचिव के संग मिलके सहीं जघा चिन्हांकित करे के निर्देश दीन। डॉ. सिंह हर रायपुर रेल्वे स्टेशन म शहर के दुसर कोति ले प्रवेश के सुविधा देहे, दुर्ग-रायपुर पैसेंजर ट्रेन ल मंदिर हसौद (नया रायपुर) तक बढ़ाए, विशाखापट्नम-जगदलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के किरंदुल तक विस्तार करे अउ छत्तीसगढ़ ले लखनऊ, पटना, पुणे, जम्मू, कन्याकुमारी अउ त्रिवेन्द्रम बर नियमित सुपरफास्ट ट्रेन के जरूरत बताइस। डॉ. सिंह हर राज्य म रेल्वे के संग संयुक्त उपक्रम बनाके रेल कॉरिडोर निर्माण बर शुरू करे गए कार्रवाई के बारे म घलोक बताइन। एमां 133 किलोमीटर के खरसिया-धरमजयगढ़ पूर्वी कॉरिडोर (प्रथम चरण) धरमजयगढ़ ले कोरबा 66 किलोमीटर के पूर्वी कॉरिडोर दूसर चरण, गेवरा रोड-पेन्ड्रा पूर्व-पश्चिम 170 किलोमीटर अउ सूरजपुर-परसा-कटघोरा-कोरबा (50 किलोमीटर) पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर संघरे हवय। इखंर निर्माण बर कई चरण मन म कार्रवाई प्रगति म हवय।
बैठक म दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल मार्ग निर्माण बर चलत कार्य के घलोक समीक्षा करे गीस। रेल मंत्री ल बताये गीस कि पहिली चरण म दल्ली-रावघाट 95 किलोमीटर के निर्माण कार्य म ले 17 किलोमीटर के निर्माण पूरा हो गए हावय, जऊन म पैंसेजर ट्रेन शुरू करइया हें। एखर बाद 18 से 42 किलोमीटर तक के हिस्सा म 55 प्रतिशत निर्माण पूरा हो गए हावय। ये वाले मार्ग दिसंबर 2017 म भानुप्रतापपुर तक अउ मार्च 2018 म केवटी तक पहुंच जाही। ए निर्माणाधीन रेल्वे लाईन के 43 ले 76 किलोमीटर के हिस्सा मई 2019 तक 76 ले 95 किलोमीटर तक हिस्सा साल 2020 तक पूरा करे के लक्ष्य हावय। बैठक म रायपुर ले झारसुगड़ा तक बलौदाबाजार होत स्वीकृत रेलमार्ग के बारे म घलोक चर्चा करे गीस, जऊन ल साल 2016-17 के बजट म सामिल करे गए हे। राज्य सरकार हर एला खरसिया ले रायपुर, दुर्ग होके बलौदाबाजार के रद्दा झारसुगड़ा होत सम्बलपुर तक जोड़े के प्रस्ताव दे हावय। अइसनहे बछर 2013-14 के रेल बजट म सामिल अम्बिकापुर-बरवाडीह (182 किलोमीटर) रेल लाईन के प्रस्ताव म घलोक बैठक म चर्चा करे गीस।
डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-कोटा-कटघोरा (270 किलोमीटर) रेल लाईन के प्रस्ताव म घलोक रेल मंत्री हर गंभीरता ले विचार करे के आश्वासन दीन।
मुख्यमंत्री हर श्री प्रभु ले कहिस कि छत्तीसगढ़ म रेल्वे लाईन मन के किनारे अउ रेल्वे के खाली पड़े जमीन म सघन वृक्षारोपण बर राज्य सरकार मनरेगा, जिला खनिज विकास निधि (डीएमएफ) अउ कैम्पा के मद मन ले सहयोग बर तैयार हावय। हमार तीर बहुत पौधा हावय। रेल्वे कहूं चाहय त अपन खाली जमीन म जल संचय बर तालाब मन के निर्माण करवा सकत हावय। रेल मंत्री हर कहिन कि रेल्वे ट्रैक के किनारे म जमीन क्षरण रोके म वृक्षारोपण एक बेहतर उपाय हो सकत हावय। रेल्वे स्टेशन मन के कचरा ले बिजली बनाए के संभावना मन म घलोक विचार करे गीस। बैठक म राजनांदगांव के लोकसभा सांसद श्री अभिषेक सिंह, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, रेल्वे बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए.के. मित्तल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, वाणिज्य अउ उद्योग अउ खनिज विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रजत कुमार अउ रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहिन। वाणिज्य अउ उद्योग विभाग के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह हर बैठक म छत्तीसगढ़ के प्रस्तावित, स्वीकृत अउ निर्माणाधीन रेल परियोजना मन के बारे म प्रस्तुतिकरण दीन।


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Centre to co-operate on all railway projects in Chhattisgarh: Suresh Prabhu
Chief Minister Dr. Raman Singh and Railway Minister confer on all proposals


Union Railway Minister Mr. Suresh Prabhu today assured Chief Minister Dr. Raman Singh of total co-operation in implementing the under-construction and pending railway projects in Chhattisgarh. Mr. Prabhu had detailed deliberations in a joint meet with Dr. Raman Singh along with senior officers of the State and Railway Ministry at official residence. Chief Minister said that State Government and Union Government will jointly complete the sanctioned and the pending projects by the year 2022 (75th year of Independence). The completion of all railway projects will be a gift to the nation and Prime Minister Mr. Narendra Modi.

Dr. Raman Singh said that during the past 160 years, only 1280 kilometer of railway tracks had been laid but in the next ten years about 1380 kilometer railway tracks will be laid in the State with the assistance of Union Railway Ministry. Chief Minister gave a list of proposals to be implemented in Chhattisgarh. He said that Railway goods shed at Rajnandgaon be shifted to some other designated place. Mr. Prabhu instructed Railway Board Chairman Mr. Mittal to have detailed discussions with State Chief Secretary and choose a place to shift the goods' shed. Other list of demands included another entry to Railway Station in the capital, extension of Durg-Raipur passenger train up to Mandir Hasud (Naya Raipur), Visakhapatnam-Jagdalpur Express train extension up to Kirandul, Chhattisgarh to Lucknow, Patna, Pune, Jammu, Kanyakumari and Travandrum trains.

Chief Minister Dr. Raman Singh spoke about railway corridor project. This includes 133 km Kharsia-Dharamjaigarh Corridor (First Phase), Dharamjaigarh -Korba 66 kilometer (Second phase) Gewra Road-Pendra East-West Corridor 170 kilometer and Surajpur-Parsa-Katgora Korba (50 kilometer) East-West corridor. The projects are under various stages of completion.

The detailed deliberations included Dallirajhara-Ravghat-Jagdalpur rail route construction. The Railway Minister was informed that 17 kilometer out of 95 kilometer of the first phase Dalli-Ravghat had already been laid. Passenger train had started operating also. Fifty-five per cent of the rest of the track had also been completed. The track will be laid till Bhanupratapur by December 2017 and Kewti by March 2018. There were talks over the Raipur-Jharsuguda via Balodabazar railway projects also. The State Government had given a proposal over extending it from Kharsia-Raipur, via Durg Balodabazaar-Jharsuguda to Sambalpur. Ambikapur-Baarwadih (182 kilometer) railway track was also discussed. Mr. Prabhu gave assurance of the proposal Dongarhgarh-Khairagarh-Kawardha- Mungeli-Kota-Katgora (270 km).

Chief Minister assured Mr. Prabhu that State Government will co-operate in the afforestation programme of the vacant lands across the railway tracks under the MGNREGA, Zilla Khanij Vikaas Nidhi (DMF) and Campa. There are enough saplings in Chhattisgarh. Railways Minister said plantation of saplings is a better proposal for protecting the lands across the tracks. Dr. Raman Singh and Mr. Prabhu discussed the generation of electricity from the waste material of Railways. MP Mr. Abhishekh Singh, Chief Secretary Mr. Vivek Dhand, Principal Secretary to Chief Minister Mr. Aman Kumar Singh, Commerce-Industry Secretary Mr. Subodh Kumar Singh, Naya Raipur Development Authority (N.R.D.A.) Chief Executive Officer Mr. Rajat Kumar and senior Railway Board officials were also present at the joint meeting
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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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