ब्राह्मण युवा पहल संस्था के एम्बुलेंस अऊ शव वाहन सेवा के बृजमोहन हर करिस लोकार्पण

बृजमोहन हर कहिस ब्राह्मण समाज के युवा मन के सेवाकार्य प्रेरणादायक






रायपुर, 23.04.2017। प्रदेश के धर्मस्व, कृषि अउ सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल हर आज ब्राह्मण युवा पहल संगठन कोति ले सर्व समाज के सेवा करे बर संचालित होवईया एम्बुलेंस अऊ शव वाहन सेवा के लोकार्पण करिस। ए अवसर म अपन उद्बोधन मं उमन कहिन कि ब्राह्मण समाज हमसा ले हमला रद्दा देखवत आए हे। समाज के युवा मन जउन सेवा के क्षेत्र मं करत हें वो ह आन मन बर प्रेरणादायक हे। ए अवसर म उमन एम्बुलेंस अऊ शव वाहन सुचारू रूप ले चलत रहे एखर खातिर पहल संस्था ल दू लाख रुपया के सहयोग करे के बात कहिन।
पंडित सुंदरलाल शर्मा स्कूल, सुन्दर नगर मं आयोजित ए लोकार्पण कार्यक्रम के शुभारंभ भगवान् परसुराम के तैलचित्र म दीप प्रज्वलित कर के करे गीस। ए अवसर म बृजमोहन हर कहिस कि आज के बहुत अकन युवा अपन माँ-बाप तक के सेवा नइ करंय अइसन मं ब्राह्मण समाज के युवा मन के ये उदीम ऊंखर बर प्रेरणा के काम करही।
उमन कहिन कि सेवा के काम मं सक्रियता के जरुरत जादा रहिथे ते खातिर सजगता अऊ तत्परता जरूरी हे। आप मन एम्बुलेंस सेवा प्रदान करत हव त ये घलोक सुनिश्चित करव कि जरुरतमंद ल लउहे अस्पताल पहुंचाए जा सकय , एखर खातिर हमेशा तैयार रहव। संगें-संग उमन कहिन कि पहल के युवाजन गौसेवा के क्षेत्र मं घलोक काम करना चाहंय तो ओ मन ल सुविधा मुहैया कराए जा सकत हावे। ए अवसर म उपस्थित समाज के वरिष्ठजन मन ले बृजमोहन हर कहिस कि नौजवान साथी मन हरेक समाज के सेवा के जऊन बीड़ा उठाए हव वोमा आप मन ल मोर संग आन सब के सहयोग अऊ मार्गदर्शन घलव मिलत रहिही, ताकि तुमन उत्साह के संग सेवाकार्य कर सकव।
ए अवसर म राजिम विधायक संतोष उपाध्याय, श्रम कल्याण मंडल उपाध्यक्ष सुभाष तिवारी, आरडीए उपाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, वनौषधि बोर्ड अध्यक्ष जेपी शर्मा, आकाश दुबे, पहल के अध्यक्ष राहुल शर्मा आदि मन उपस्थित रहिन।

संस्कार के क्षरण ल रोकना जरुरी
बृजमोहन अग्रवाल हर कहिस कि आज जम्‍मो समाज मन मं संस्कार मन के आभाव देखे ल मिलत हे। युवा परिवार ले दूरिहात जात हवे। नइ जान कतका त्याग कर माँ-बाप अपन लइका मन ल पढ़ाथें-लिखाथें फेर जब सहारा बने के बेरा आथे तब अपन माँ-बाप के आँखीं के वो तारा वेमन ले दूर होए लागथे। मै पाछू 25 बछर ले जनता के प्रतिनिधित्व करत हंव। अइसन सैकड़ों पीड़ित पालक मन ल जानत हंव जऊन ए दुःख मं जीवन जीयत हें। बहुत झन तो वृद्धाश्रम मं शरण लेहे ल मजबूर हें। कहूं-कहूं ये वाले बात समाज के भीतर होवत संस्कार मन के क्षरण ले हमला अवगत करात हे। आन के पीरा ल देख अऊ समझके हमला अपन भविष्य के निर्माण करना हे। एखर खातिर पारिवारिक संस्कार मन म जोर दे के जरुरत हे।


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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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