राजिम म क्रांति सेना के जबर गोहार






राजिम के जबर गोहार के भीड़ ला देख के अइसे लागत रिहिस कि अब छत्तीसगढिया क्रांति सेना अऊ महिला मनके छत्तीसगढिया क्रांति सेना अपन नाम ला अऊ काम ला देखा के रहिहीं। मै तो ग्यारा बजे आश्रम मा पहुँच गे रहेंव, जबर गोहार के जानबा होइस तभे नदिंया ला लबालब भर दिस। अऊ अपन करनी ला देखाय बर खाली परे रिहिस वो जगा मे काली मिस्तिरी बला के नींव देवात रिहिस सीढ़िया बनवावत रिहिस इही मेर दिखगे ऊंकर करनी हा। रैली बारा बजे के बाद निकलिस सबो झन बर परसाद बने रिहिस, पेट भर खा पी के निकलिन कोनो नेता सांसद अपन चेहरा देखाय बर नइ अइन।
कृष्णा रंजन महाराज अइस, वहू हमर राजिम के बड़े सियान कवि भागवताचार्य हरे। दीवान जी ले जादा सियान हे अस्सी साल के हो ही, महराज ला खुल्ला गाड़ी मां बइठारिन छाता ओढा के, आश्रम ले निकल के सुंदरलाल शर्मा चौक आयेन फेर फिंगेसर रोड शिवाजी चौक गेन, फेर वापिस आके, गरियाबंद रोड, फेर सुंदरलाल शर्मा चौक में पत्रकार अउ दूरदर्शन के न्यूज चैनल वाले मन धला आय रहिन, भेंट वार्ता होइस। संगी मन अपन अपन मन के भडास ला निकालिन।
मोरो ले पत्रकार मन पूछिन नदिया के बारे म, कि मेला के बाद कइसे रहिथे। मंय कहेंव मेला के बाद चारो केाती गंदगी फइले रहिथे, अऊ नंदिया मुरूम मा पटा गेहे। हमला अइसन नंदिया नही, पहिली असन नंदिया चाही। सबो मिला के कार्यक्रम सफल रिहिस, पांच बजे तक रेहें हंव बाद में हमर कवि गोष्ठी धला होइस।


केंवरा यदु 'मीरा', जबर जबर गोहार राजिम ले

फोटो, तुकाराम कंसारी के मोबाईल ले




Share on Google Plus

About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment