बबई राम के जीवन म आईस खुशहाली

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रायपुर, एक जून 2017। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना कोति ले डबरी बने म श्री बबई राम के जीवन म खुशहाली आए हावय। बैकुण्ठपुर विकासखण्ड के गांव अमहर निवासी श्री बबई राम सिरिफ डेढ़ एकड़ के छोट कन जमीन म गहूं अउ सरसों के मिंझरा फसल लेत रहिस। पहिली ओला खेती म सिरिफ बारिश के पानी के सहारा एक फसल के अनाज मिलय। कहूं बरसा असमय हो जावय त साल भर खाए के अनाज मिले मुश्कल हो जावय। एक दिन श्री बबईराम अपन ग्राम पंचायत के एक सभा म पहुंचिस त ओला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरंटी योजना के तहत बनइया पांच प्रतिशत पानी संरक्षण के फार्मूला सुने ल मिलीस। ग्राम पंचायत सरपंच अउ सचिव मेर बातचीत करके वो ह अपन खेत म ढाल के दिशा म डबरी बनाए बर आवेदन पुस्तुत करिस। ग्राम सभा में वोकर प्रस्ताव स्वीकृत हो गीस अउ श्री बबई राम ल ओखर पत्नी श्रीमती सीता बाई के नाम से डबरी बनाए के प्रशासकीय स्वीकृति मिल गीस। डबरी निर्माण कार्य म काम करके श्री बबई राम के कुटुंब ल 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार घलोक मिलीस अउ उमन एक स्थायी संपत्ति के मालिक घलोक बने गंय।
श्री बबई राम बताथे कि जोरदरहा बारिश म डबरी पूरा डबडब ले भर जाथे। धान के खेती के बेरा वो ह उन्नत बीज लगाके रोपा के तैयारी करिस अउ डबरी ले बेरा म भरपूर पानी मिले से रोपा लगाइस। श्री बबई राम हर बताइस कि ए बखत धान के बंपर पैदावार होइस अउ 47 क्विंटल अनाज मिलीस। आधा फसल ल वो ह सहकारी साख समिति ल बेंचके 38 हजार रूपए के लाभ कमाए हावय। एखर अलावा वो ह पहली पइते अपन खेत म 50 किलो गेंहू के बीज घलोक बोइस। श्री बबई राम उत्साहित हावय कि ओ मन ल ए पइत कम से कम 15 क्विंटल गेंहू घलोक जरूर मिलही। इही नहीं, वो ह मछली विभाग ले पचास प्रतिशत अनुदान म दू किलो मछली बीज लेके डबरी म डाल दे हावय। आजीविका के स्तर उठे ले श्री बबई राम के कुटुंब खुश हावय। श्रीमती सीता बाई अउ बबई राम के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरंटी योजना ले जुड़के आगू आए के कहानी अब गांव मन म प्रेरणा के काम करत हे।








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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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