ग्रामीण महिला मन अब वैज्ञानिक तरीका ले बनावत हें सेनेटरी नेपकिन


  • स्वास्थ्य अउ स्वच्छता खातिर जागरूक अउ आर्थिक रूप ले होवत हें सशक्त

  • कबीरधाम अउ धमतरी ले होइस शुरूआत चालीस महिला मन ल देहे गीस प्रशिक्षण


रायपुर 12 जून 2017। स्वच्छ भारत मिशन के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के विज्ञान अउ प्रौद्योगिकी विभाग हर छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिला के ग्राम सिर्री अउ कबीरधाम जिला के ग्राम ठाठापुर (रामपुर) म चुने गए 40 महिला मन ल सेनेटरी नेपकिन बनाए के दू महिना के प्रशिक्षण देहे गए हे। ये प्रशिक्षण 2 फरवरी ले 3 अपरेल 2017 तक दे गीस। पहिली चरण म 10 दिवसीय प्रशिक्षण के समय 40 महिला मन म से चार महिला मन ल मास्टर प्रशिक्षक के रूप म चुने गीस। आन 36 महिला मन के 2 महिना के प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखे गए हे। ये प्रशिक्षण प्रियांशि ऐजुकेशनल एण्ड सोशल सोसायटी, भोपाल के तकनीकी सहयोग ले देहे गीस हावय।
अइसन के प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्‍य ये रहिस कि कि महिला मन के ज्ञान के स्तर म वृद्धि होवय अउ उमन जानय के माहावारी के समय ओ मन ल जऊन शारीरिक अउ मानसिक कठिनाई से गुजरना परय, वो अब येकर उपयोग ले नइ होवय। प्रशिक्षण अवधि म महिला मन हर माहावारी के समय सेनेटरी नेपकिन के उपयोग के बारे म जानकारी पाईन जिहां उमन ल सिखाए गीस कि सेनेटरी नेपकिन के उपयोग करव अउ स्वास्थ्य अउ स्वच्छ रहव। ए अवसर म ओ मन ल ये घलोक बताए जात हवय कि सेनेटरी नेपकिन के इस्तमाल करे ले, कपड़ा ले होवईया, संभावित बीमारी मन ले घलोक मुक्ति मिलही। सेनेटरी नेपकिन प्रशिक्षण से महिला मन के स्वास्थ्य अउ जागरूकता के स्तर तो बढ़तेच हावय संगेच सेनेटरी नेपकिन उत्पाद ल बाजार म बेचे ले महिला मन ल रोजगार घलोक मिलत हावय।
विज्ञान अउर प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित प्रशिक्षण संस्थान ल प्रशिक्षण अउ उपकरण देहे गए हे, जेखर अंतर्गत हर एक महिला ल एक-एक सेनेटरी नेपकिन तैयार करे के मशीन, पूरा समूह बर दू सीलिंग मशीन अउ एक स्टेरलाईंजिंग मशीन अउ अवइया 6 महिना बर नेपकिन निर्माण के कच्चा माल देहे गीस। प्रशिक्षण के समय नेपकिन निर्माण अध्ययन पुस्तिका घलोक प्रदाय करे गीस जऊन महिला मन बर बहुत ही लाभकारी अउ उपयोगी हावय। अधिकारी मन प्रशिक्षण के समय बताइन कि नेपकिन पैड के लागत करीबन एक रूपिया 20 पैसे आथे अउ आठ पैड के एक पैकेट तैयार करके प्रशिक्षण के अवधि म स्थानीय ग्रामीण महिला मन ल ए नेपकिन के उपयोगिता के संबंध मे जागरूक करे के उद्श्य से निशुल्क देहे जात हावय। अधिकारी मन बताइन कि सेनेटरी नेपकिन अउ निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य आदिवासी महिला मन ल अपन स्वास्थ्य अउ स्वच्छता के प्रति जागरूक करके उनला आर्थिक रूप ले घलोक सशक्त बनाना हावय। ए अवसर म प्रशिक्षण म मौजूद सब्बो छात्रा अउ महिला मन ह अपन-अपन अनेकों शारीरिक समस्या मन के बारे म अपन बात घलोक साझा करिन अउ ऊंखर समाधान घलोक पूछिन।
प्रशिक्षण के समय ये घलोक बताय गीस कि माहावारी के अवधि म ओ मन ल का-का सावधानी रखना चाही अउ वो समें म ओ मन ल कपड़ा के जघा सेनेटरी नेपकिन के ही उपयोग काबर करना चाही, एखर उपयोग के का महत्व हावय, आदि के जानकारी देहे गीस। अउ कहा गीस कि एला खुद उपयोग करव अउ अपन अनुभव सब्बो से बांटे। प्रशिक्षण पश्चात बहुत अकन बहनों हर इसका उपयोग करे गीस अउ बताय कि कपड़े के तुलना म नेपकिन हर दृष्टि से उत्तम हावय। सब्बो हितग्राहियों ल ये वाले घलोक बताय के उत्पादन करनें के बाद लागत व लाभ कऊन प्रकार निकालना चाही अउर बचत करे के उपायों के साथ ही आदि विषयों के बारे म बताय गीस। सब्बो महिला मन ल उत्पादन के संगें-संग विपणन, प्रबंधन के जानकारी घलोक देहे गीस अउ ओ सब्बो विषय मन के जानकारी एक संग ऊंखर तीर हमेसा रहय ए खातिर ओ मन ल एक-एक पुस्तिका घलोक बांटे गीस अउ संगेच हर एक महिला ल मशीन के संगें-संग एक-एक किट घलोक देहे गीस।
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About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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