रंगारंग पटना किन्‍नर महोत्‍सव : गमकिस देस भर म

पटना, 25 जून 2017। । बिहार के राजधानी पटना के रविन्द्र भवन म कला संस्कृति अउ युवा विभाग के तरफ ले आयोजित 'द्वितीय किन्नर महोत्सव' काल संम्‍पन्‍न होईस। ये महोत्‍सव बिहार म दूसरईया पईत होइस। ए अवसर म पश्चिम बंगाल के रूद्र पलास, केरल के ओएसिरा नृत्य, दिल्ली के राधा-कृष्ण नृत्य, मणिपुर के सानामाचा अऊ बिहार के लोकगीत 'बधाई' आदि के प्रस्तुति होइस। श्रुति मेहरोत्रा के लिखे अउ आशुतोष मेहरोत्रा के निर्देशन म शॉर्ट फिल्म 'वीरा : एक अनकही कहानी' के सीडी के विमोचन घलोक ए अवसर म होइस। 17 मिनट के ए फिल्म म वीरा नाम के एक किन्नर के कहानी दिखाए गए हे, जेमा ओखर संघर्ष के कहानी हे। ये पटना के एक किन्नर के कहानी हे जऊन ल पढ़ाई के फीस बर सड़क म भीख मांगे परय अऊ पइसा जमा होवय तहां असामाजिक तत्व मन ओखर पइसा ल झटक लंय। तभो ले वीरा के वीरता कमजोर नइ होइस अऊ वो ह अच्छा कॉलेज म नामांकन कराराईस।
ये अवसर म 'किन्नर अखाड़ा उज्जैन' के संस्थापक लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ह मांग करे हे कि जइसे पीएम ह जीएसटी बिल ल पास करे हे वइसनहे किन्‍नर समुदाय के मांग मन ल पास करय। उमन कहिन कि मैं ह कभू सपना म घलोक नइ सोचे रहेंव कि किन्नर मन ल अपन अधिकार बर कोर्ट के दरवाजा खटखटाए बर परही। हमर जीत हो फेर बने होईस, हम सीखेन, हमर जीत होईस अऊ कोर्ट ह हमार पक्ष म फैसला दीस। हमर संस्कृति रामायण काल ले चले आवत हे। मुगलकाल के बाद ले हमर पतन होना चालू हो गईस। हमू आन के जइसे मनखे हन। हमू ल जीए के आजादी हे, फेर समाज अऊ सरकार हमला उपेक्षित करत आवत हे। आन मन के जइसे हमला घलोक अपन अधिकार चाही। एखर खातिर हमन ल काफी संघर्ष करना परत हे। किन्नर अखाड़ा स्थापित करे म घलव मोला काफी संघर्ष करे बर परिस। धरम के पतन झन होवय एखर कारन मोला अखाड़ा स्थापित करना परिस।'
सुकरवार ले चालू ये कार्यक्रम म कला संस्कृति मंत्री शिवचंद्र राम, कला संस्कृति विभाग के निदेशक सत्यप्रकाश मिश्र, कला संस्कृति के प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, 'किन्नर अखाड़ा उज्जैन' के संस्थापक लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, प्रभारी जिलाधिकारी अजय कुमार, ममता मेहरोत्रा, आइपीएस आशुतोष वर्मा आदि उपस्थित रहिन। 
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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