जलवायु बदलाव ले उष्णकटिबंधीय इलाका मन मं हो सकत हे जादा बरसा: नासा







भाषा, वाशिंगटन, 11 जून 2017। नासा के एक नवा अध्ययन मं चेतावनी देहे गए हे कि पृथ्वी के तापमान सरलग बाढ़त हे, अइसन मं एखर उष्णकटिबंधीय क्षेत्र मन मं बरसा के मात्रा मं बहुत वृद्धि होही।
नासा के जेट प्रोपलशन लैबोरेटरी के वैज्ञानिक हो गीस सू के नेतृत्व मं करे शोध के अनुसार, नासा के हाल के आकलन मन मं अइसे देखे गए हे कि अधिकतर वैश्विक जलवायु मॉडल मन मं उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र मन के उपर उंचा बादल मन के संख्या मं आए कमी ल कम करके आंके जात हे। वैश्विक तौर म बारिश सिरिफ वो बादल मन से नइ जुड़े हे, जऊन बारिश करवाए बर मिलथे। ये पृथ्वी के ‘‘उर्जा बजट’’- पृथ्वी ले निकलइया उष्मीय उर्जा के तुलना मं सुरुज ले आए उर्जा- से घलोक जुड़े हे। उंचाई म स्थित उष्णकटिबंधीय बादल वातावरण के गर्मी ल रोकके रखथे। कहूं भविष्य मं ए बादल मन के संख्या कम होत हे त उष्णकटिबंधीय वातावरण ठंडा हो जाही। हाल के दशक मं बादल मन मं आए बदलाव मन के आधार म निष्कर्ष निकालत अइसे लगत हे कि सतह के गर्मी बढ़े के कारण वातावरण मं उंचा बादल मन के निर्माण कम हो जाही। एखर से उष्णकटिबंधीय बारिश घलोक बढ़ही, जऊन बादल मन के कम होए ले पैदा होए ठंडक ल संतुलित करे बर हवा ल गरम करही।

Share on Google Plus

About gurturgoth.com

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment