प्रदेश के प्रमुख सिंचाई जलाशय मन म औसत रूप ले 44 प्रतिशत जल भराव

पाछू साल के तुलना म 18 प्रतिशत जादा पानी भरिस
रायपुर, 07 जुलाई 2017। पाछू दिनन म प्रदेशभर म होए मानसून के पहली बरसा के फलस्वरूप राज्य के प्रमुख सिंचाई जलाशय मन म औसत रूप ले 44.12 प्रतिशत जल भराव हो गए हे। बीते साल के तुलना म आज के स्थिति म ए जलाशय मन म औसत 18.20 प्रतिशत जादा जल भराव हे। साल 2016 म 7 जुलाई ल औसतन 25.92 प्रतिशत पानी भरे रहिस। ए जलाशय मन के जलभराव क्षमता 6 हजार 267 मिलियन घन मीटर हे। एखर क्षमता के विरूद्ध 37 जलाशय मन म लगभग दू हजार 765 मिलियन घन मीटर पानी के भराव हो गए हे। जल संसाधन विभाग के स्टेट डाटा सेंटर के रिपोट के अनुसार आज भिनसरहा तक कबीरधाम जिला के सुतियापाट जलाशय सबले जादा 93.72 प्रतिशत भर गए हे। 
प्रदेश के सबले बड़े सिंचाई जलाशय मिनीमाता बांगो बांध 62.68 प्रतिशत, रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) 17.76 प्रतिशत, तांदुला जलाशय 13.15 प्रतिशत, दुधावा जलाशय 44.09 प्रतिशत, सिकासेर जलाशय 41.36 प्रतिशत, खारंग जलाशय 18.30 प्रतिशत, सोढूंर जलाशय 26.82 प्रतिशत, माड़मसिल्ली जलाशय 57.53 प्रतिशत, कोडार जलाशय 24.94 प्रतिशत, मनियारी जलाशय 62.21 प्रतिशत, खरखरा जलाशय 11.88 प्रतिशत, गोंदली जलाशय 31.77 प्रतिशत, कोसारटेडा जलाशय 44.35 प्रतिशत, परालकोट जलाशय 2.90 प्रतिशत, छिरपानी जलाशय 58.89 प्रतिशत, पिपरियानाला जलाशय 77.81 प्रतिशत, बल्लार जलाशय 8.82 प्रतिशत अउ मोंगरा बैराज जलाशय 22.22 प्रतिशत भरे हे। 
इही प्रकार मरोदा जलाशय म क्षमता के 60.58 प्रतिशत, सरोदा जलाशय म 25.87 प्रतिशत, घोंघा जलाशय म 28.72 प्रतिशत, मटियामोती जलाशय म 4.49 प्रतिशत, खम्हारपाकुट जलाशय म 35.11 प्रतिशत, केशवा जलाशय म 3.03 प्रतिशत, कर्रानाला जलाशय म 49.92 प्रतिशत, केदारनाला जलाशय म 5.99 प्रतिशत, किनकारीनाला जलाशय म 2.27 प्रतिशत, बेहारखार जलाशय म 57.84 प्रतिशत, खपरी जलाशय म 31.51 प्रतिशत, बरनई जलाशय म 53 प्रतिशत, पेंड्रावन जलाशय म 15.36 प्रतिशत, रूसे जलाशय म 48.47 प्रतिशत, पुटकानाला जलाशय म 4.51 प्रतिशत, मयाना जलाशय म 5.98 प्रतिशत अउ धारा जलाशय म क्षमता के 24.21 प्रतिशत जल भराव हो गए हे।
Share on Google Plus

About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment