प्रधानमंत्री गृह योजना के उल्लेखनीय उपलब्धि : ‘‘घुरवा के दिन बहुरथे‘‘

कोण्डागांव 05 जूलाई 2017। वइसे तो एक आम आदमी के पूरा जिदंगी रोटी कपड़ा अऊ मकान के तीर-तीर घूमथे। एक ठन मुड़ तोपे के छांधी के संउख हरेक मनखे ल रहिथे फेर ये बात अलगे हे के कभू-कभू ये सपना कोनो के पूरा होथे त कोनो के नइ हो पावय।‘‘ फेर जिला कोण्डागांव के बड़ेकनेरा के खतकुड़ीन बाई के नवा मकान के सपना सोरा आना पूरा होए हे।  
बड़े कनेरा गांव के रहइया 70 साल के निराश्रित महिला खतकुड़ीन बाई ह कभू नइ सोचे रहिस होही कि एक दिन वो ह सुविधा वाले पक्की मकान के मालकिन बनही। अपन आधा ले जादा जिदंगी ओ हर अपन ओदरत कुंदरा म गुजारे हे। एक अइसे कुंदरा जिहां मौसम के मार ल सहना एक नियति बन गे रहिस हे, साल के हर मौसम कोनो ना कोनो मुसीबत लेके आत रहिस। बरसा के मौसम सबले जादा दुखदायी होत रहिस, ओद्दा धरती, भीथिया के दर्रा ले रिसत पानी, टपकत छांधी, जेमा बरसा रोके बर लगाए गए प्लास्टिक के पन्‍नी घलोक  पानी के झिपार ल रोकेच नइ सकय। ये सब ल झेलइ खतकुड़ीनबाई बर दुखदाई रहिस, हालत अइसे रहिस के हर साल मकान के मरम्मत करइ मजबूरी बन जात रहिस उपर ले ओ म होवइया खरचा बांचे-खोंचे कसर ल पूरा कर देय। इही स्थिति जाड़ अउ गरमी म घलोक रहय जऊन आन-तान आफत लेके आवत रहय, गरीबी के हालत म पक्का मकान बनवइ तो वो ह सोंचे नइ सकत रहिस। कुल मिलाके बेसहारा खतकुड़ीन बाई अपन जुन्‍ना-फुन्‍ना कुंदरा म जइसे तइसे जीवन काटत रहिस फेर घुरवा के दिन तो बहुरथे कथें ना,  तइसनहे ओखर दिन के बदलाव म सहायक होइस शासन के कुछ कल्याणकारी योजना मन। जऊन अइसनहे जरुरतमंद मनखे बर सही म वरदान सिद्ध होवत हे, ए सबद ल चरितार्थ कररे हे प्रधानमंत्री गृह योजना। जेखर तहत निराश्रित अउ बेघर मनखे बर घर बनावाए जात हे।   
डोकरी दाई खतकुड़ीन बाई के हालात गांव म कोनो ले छिपे नइ रहिस, अइसन म पंचायत के कुछ युवा उत्साही पंच -प्रकाश चुरगिया, जयराम कश्यप, ग्राम सचिव महेश्वर पाण्डे ह योजना के तहत खतकुड़ीन बाई के नाम सूची म दर्ज करवाके ओखर खातिर एक सुविधायुक्त मकान बनाए के बीड़ा उठाइन। पंचायत तकनीकी सहायक विरेन्द्र साहू, ह 18 अपरेल 2017 को मकान के लेआउट तैयार करे के संगेच नवा मकान बनाए के काम चालू कर दीस। पंचायत प्रतिनिधि मन के व्यक्तिगत रूचि अउ मेहनत ले आज के तारीक म दू ले ढ़ाई महिना के अंदर एक पक्का डेढ़ लाख रूपिया के लागत के एक सुविधायुक्त मकान तैयार कर देहे गीस। अपन नवा मकान के डेहरी म खड़े मगन खतकुड़ीन बाई ल देखके अइसे लागत हे कि इही रहिस ओखर सपना के घर अऊ ओ हर अपन सपना ल साकार होत देखत हे। 
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About Sanjeeva Tiwari

ठेठ छत्तीसगढ़िया. इंटरनेट में 2007 से सक्रिय. छत्तीसगढ़ी भाषा की पहली वेब मैग्‍जीन और न्‍यूज पोर्टल का संपादक. पेशे से फक्‍कड़ वकील ऎसे से ब्लॉगर.
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