अनियमित वित्तीय कंपनी मन के विरूद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करे जाय: डी.जी.पी.

अनियमित वित्तीय कंपनी अऊ पुलिस विसय म एक दिन के कार्यशाला संपन्न

रायपुर, 12 सितम्‍बर 2017। पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय ह आज सिविल लाइन्स स्थित सभागार म ‘अनियमित वित्तीय कंपनी अऊ पुलिस’ विसय म आयोजित एक दिन के कार्यशाला के शुभारंभ करिस। ए कार्यशाला म प्रदेश के सबो जिला मन ले आये पुलिस अधिकारी मन अऊ लोक अभियोजक मन ल सम्बोधित करत पुलिस महानिदेशक ह कहिन कि अनियमित वित्तीय कंपनी मन के काम सुरू करतेच पुलिस उंखर केस स्टडी कर लेवय त वो कंपनी अपन कारोबार चालू नइ कर सकही। पुलिस के जानकारी के बिना ओ क्षेत्र म कोनो अनियमित वित्तीय कारोबार संभव नइ हे। उमन कहिन कि राज्य म कोनो अनियमित वित्तीय कंपनी पंजीकृत नइ हे। पुलिस ल ये जानना जरूरी हे कि कोनो नवा कंपनी अपन कारोबार चालू करत हे, वो कोन काम बर पंजीकृत हे, अऊ कइसन वित्तीय काम चालू करत हे। पुलिस महानिदेशक ह ये घलोक कहिन कि यदि कोनो कंपनी या संस्था बैंक ले जादा ब्याज देहे या कम समय म धन दुगुना करे के प्रलोभन देवत हे तो पहिली दृष्टि म ही ये स्पष्ट हे कि ये वाले कंपनी धोखा देना चाहत हे।



ए प्रकार अनियमित कारोबार बहुत बड़े अपराध के श्रेणी म आथे। उमन उदाहरण प्रस्तुत करत कहिन कि कोनो ग्रामीण या सेवानिवृत अधिकारी-कर्मचारी झांसे म आके अपन जीवन भर के कमाई गवां बइठथे अऊ ओखर पूरा कुटुंब ए सदमा म टूट जथे। तेखर सेती ए प्रकार के अनियमित कारोबार करइया कंपनी मन ल रोके अऊ ऊंखर विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करे बर पुलिस ल हर संभव कानूनी कार्यवाही करना चाही। पुलिस महानिदेशक श्री उपाध्याय ह ए कंपनी मन के विरूद्ध आम नागरिक मन के बीच जनजागरूकता अभियान चलाय के निर्देश दीन। उमन ए प्रकार के कार्यशाला मन के आयोजन राज्य के आन भाग मन म आयोजित करे के निर्देश दीन। पुलिस महानिदेशक ह ए अवसर म पुलिस मुख्यालय के अपराध अनुसंधान विभाग कोति ले प्रकाशित पुस्तिका के विमोचन घलोक करिस।