सहकारिता म प्रदेश के आर्थिक तस्वीर बदले के ताकत: डॉ. रमन सिंह​

मुख्यमंत्री ह करिस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन के शुभारंभ
प्रदेश के सबो 1333 प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मन म होही माइक्रो एटीएम के सुविधा

रायपुर, 23 सितम्‍बर 2017। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह कहिन हे कि सहकारिता क्षेत्र म प्रदेश के आर्थिक तस्वीर बदले के ताकत हे। सहकारिता के माध्यम ले कुटीर अऊ छोटे-छोटे व्यवसाय चालू करके लाखों मनखे मन ल रोजगार प्रदान करे जा सकत हे। मुख्यमंत्री आज इहां इंडोर स्टेडियम म प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मन के नव-निर्वाचित सहकारी पदाधिकारि मन के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह सम्मेलन ल सम्बोधित करत रहिन। उमन सहकारिता ध्वज फहराके सम्मेलन के शुभारंभ करिस।



डॉ. सिंह ह मुख्य अतिथि के आसंदी ले सम्मेलन म सहकारिता क्षेत्र के प्रतिनिधि मन ल सम्बोधित करत कहिन – प्रदेश म नवनिर्वाचित सहकारी पदाधिकारी मन बर संभागीय मुख्यालय मन के स्तर म दू दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के आयोजन करे जाही। ए शिविर मन के माध्यम ले सहकारी प्रतिनिधि मन ल धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद, बीज वितरण के अलावा आन छोटे-छोटे व्यवसाय मन के क्षेत्र म काम करे बर तैयार करे जाही। सहकारी प्रतिनिधि मन ल स्थानीय स्तर म संभावना वाले व्यवसाय बर छोटे-छोटे समूह मन के गठन, व्यवसाय बर ओ मन ल आर्थिक संसाधन देवाए, व्यवसाय मन के सुचारू संचालन अऊ समूह मन के उत्पाद मन के विपणन म सहयोग बर प्रशिक्षण दे जाही।
मुख्यमंत्री ह कहिन कि प्रदेश के स्कूल म अध्ययनरत करीबन 52 लाख लइका मन ल गणवेश वितरित करे जात हे। कहूं सहकारिता के माध्यम ले गणवेश मन बर कपड़ा के बुनाई, सिलाई अऊ वितरण के संगठित अऊ सुव्यवस्थित तरीका ले करे जाए तो ए माध्यम ले हजारों बुनकर मन अऊ महिला समूह मन ल रोजगार मिल सकत हे। मुख्यमंत्री ह बताइस कि बस्तर म 15-16 समिति मन काजू प्रसंस्करण के क्षेत्र म आगू आए हे। अइसनहे 50 समूह कड़कनाथ मुर्ग पोल्ट्री म तैयार करके ओखर विपणन करते हे। अइसन समूह मन ल सहकारिता के माध्यम ले प्रोत्साहित करे जाना चाही। उमन कहिन कि मत्स्य उत्पादन म छत्तीसगढ़ आज देश म पांचवा स्थान म हे। मत्स्य पालन, छोटे वनोपज के व्यवसाय संग दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र म घलोक सहकारिता के माध्यम ले काफी काम करे जा सकत हे। उमन ये घलोक बताइन कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश म दू चरण म 95 प्राथमिक सहकारी समिति मन ल रसोई गैस वितरण के जिम्मेदारी दे जात हे। एखर बर समिति मन ल बैंक ले करजा, गोदाम बनाए बर 15 लाख रूपिया के सहायता घलोक देहे जात हे।