साहित्यकार स्व. श्री सुशील यदु ल दे गीस विनम्र श्रद्धांजलि

प्रांतीय छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति के संस्थापक अध्यक्ष स्व. श्री सुशील यदु ल ए हप्‍ता के तीन तारीख के दिन इहां समिति कोति ले आयोजित कार्यक्रम म विनम्र श्रद्धांजलि अर्पितकरे गीस। राजधानी रायपुर के ब्राम्हणपारा स्थित सोहागा मंदिर परिसर म स्वर्गीय श्री यदु के दशगात्र के अवसर म श्रद्धांजलि सभा आयोजित करे गीस। सभा म ओ मन ल श्रद्धासुमन अर्पित करे बर दूधाधारी मठ के प्रमुख अऊ पूर्व विधायक राजेश्री महंत रामसुन्दर दास के संग बड़ संख्या म स्थानीय साहित्यकार अऊ प्रबुद्धजन एकत्रित होइन। उमन छत्तीसगढ़ी भाखा अऊ साहित्य के विकास अउ नवा-जुन्ना साहित्यकार मन के कृति मन ल प्रकाशित करवाए बर स्व. श्री सुशील यदु कोति ले समय-समय म करे गए सार्थक प्रयास ल विशेष रूप ले सुरता करे गइस।
वक्ता मन ह कहिन कि स्व. श्री यदु खुद एक अच्छा साहित्यकार रहिन। उमन करीबन 35 साल पहिली 1982 म आंचलिक कवि मन अऊ लेखक मन ल संगठित करके छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति के स्थापना करे रहिन अऊ समिति के माध्यम ले उमन समय-समय म राज्य स्तरीय कई सम्मेलन घलोक आयोजित करत रहिन। एखर से छत्तीसगढ़ी भाखा अऊ साहित्य बर राज्य म एक नवा अऊ उत्साहजनक वातावरण निर्मित होइस। श्रद्धांजलि सभा म डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र अऊ डॉ. जे.आर. सोनी संग सर्वश्री प्रभात मिश्र, आशीष सिंह, दुर्गा पारकर, लक्ष्मण मस्तुरिया, श्रीमती निरूपमा शर्मा, श्रीमती शकुन्तला तरार, श्रीमती सुमन शर्मा अऊ आन बहुत अकन कवि, लेखक अऊ पत्रकार उपस्थित रहिन। आप मन जानतेच हव कि श्री सुशील यदु के पाछू महीना के 24 तारीक के दिन रायपुर स्थित उंखर निवास म निधन हो गए रहिस। ओ मन छत्तीसगढ़ी भाखा के सुपरिचित गीतकार अऊ हास्य व्यंग्य कवि रहिन। उमन छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति के माध्यम ले साल 1994 ले सरलग प्रदेश के कई ठन जिला मन म छत्तीसगढ़ी साहित्यकार मन के राज्य स्तरीय सम्मेलन के आयोजन करे रहिन। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मन के जीवनगाथा उपर आधारित पुस्तक ’छत्तीसगढ़ के सुराजी बीर’ के उमन लेखन, सम्पादन अऊ प्रकाशन करे रहिन। एखर अलावा उमन कई पुस्तक मन के रचना के अऊ बहुत अकन कृति मन के सम्पादन करे रहिन।