जल संसाधन विभाग के नवा सचिव श्री सोनमणि बोरा ह लीस विभाग के पहली बैठक

रायपुर, 07 नवम्बर 2017। जल संसाधन विभाग के नवा सचिव श्री सोनमणि बोरा ह विभाग के पहली बैठक म अधिकारी मन ल अवइया 06 महीना बर विशेष वर्किंग प्लान बनाए के निर्देश दीन हे। श्री बोरा ह आज इहां मंत्रालय स्थित अपन कक्ष म विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मन के बैठक म कहिन कि विभागीय विकास अऊ निर्माण काम मन बर 06 महिना विशेष महत्व के हे। निर्माण काम मन म गति लाय बर अधिकारी अपन क्षेत्र मन म चलत काम मन के सतत निगरानी करव। एखर बर कार्यस्थल मन के नियमित दौरा करना जरूरी हे। श्री बोरा ह निर्माण कार्य मन म गतिशीलता अऊ गुणवत्ता लाय बर हर हफ्ता एक दिन गुणवत्ता दिवस कार्यक्रम बनाए के निर्देश दीन। निर्माण म गुणवत्ता के विशेष ध्यान रखे जाय। उमन कहिन कि ए दिन सबो अधिकारी काम के जघा म पहुंचके निर्माण काम मन के निरीक्षण करहीं। बैठक म प्रमुख अभियंता श्री एच. के. कुटारे, विभाग के संयुक्त सचिव श्री खेस्स, ओ.एस.डी. श्री डी.के. झा, श्री मूले संग मुख्य अभियंता अऊ अधीक्षण अभियंता उपस्थित रहिन।
श्री बोरा ह बैठक म सबले पहिली विभागीय कार्य प्रणाली के जानकारी लीन। उमन छत्तीसगढ़ के सिंचाई जलाशय मन के क्षमता के संबंध म विस्तार ले चर्चा करे के बाद कहिन कि  विभागीय सिंचाई जलाशय मन के क्षमता के शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करे बर ए जलाशय मन म कहूं कोनो प्रकार के निर्माण काम करे जाना होही तो उंखर विस्तृत रपट तैयार करे जाय। एखर बर सबो परियोजना क्षेत्र मन के स्थल निरीक्षण करना जरूरी हे। उमन कहिन कि निर्माण कार्य स्थल मन म अधिकारी मन के नियमित दौरा होए ले निर्माण एजेंसी के संग बेहतर समन्वय होही। श्री बोरा ह सिंचाई योजना मन के प्रगति, उपलब्धि, गतिविधि अऊ आन निर्माण कार्य मन के जानकारी आम मनखे मन तक पहुंचाए बर सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग म जोर दीन। उमन एखर बर सुव्यवस्थित विभागीय वेबसाइट विकसित करे के निर्देश घलोक दीन। श्री बोरा ह प्रदेश के सिंचाई जलाशय मन के आस पास इकोटूरिज्म विकसित करे बर व्यापक कार्य योजना बनाए बर घलोक अधिकारी मन ल निर्देशित करिस।
सचिव श्री बोरा ह बैठक म सिंचाई सुविधा मन के विकास बर निर्माणाधीन अऊ नवा परियोजना मन के अपडेट स्थिति के विस्तृत रिपोट तैयार करे के निर्देश अधिकारी मन ल दीन। श्री बोरा ह कहिन कि जुन्ना योजना मन ल पूरा करे के संगेच नवा सिंचाई योजना मन ल शुरू करे के काम प्राथमिकता ले करे जाए। श्री बोरा ह वित्तीय साल 2017-18 म स्वीकृत नवा योजना मन के बारे म विस्तार ले जानकारी लीन। उमन छत्तीसगढ़ के जल नीति म चर्चा करते कहिन कि जल नीति ल एक नियमित अंतराल म अपग्रेड करे जाना चाही। सिंचाई बर भविष्य के जरूरत मन के संगे-संग औद्योगिक विकास अऊ नवा बसाहट मन के पेयजल व्यवस्था बर मास्टर प्लान तैयार होना चाही। ए प्लान ल छत्तीसगढ़ के जल नीति म सामिल करे जाए। एखर संगेच भू-जल के संरक्षण अउ संवर्धन बर विशेष कार्य-योजना बनाके जल नीति के प्रावधान मन ले जोरे जाय।
श्री बोरा ह जल संरक्षण के विशेष महत्व ल देखत छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव म जल संरक्षण बर घलोक अलंकरण देहे जाय के प्रस्ताव बनाए के निर्देश अधिकारी मन ल दीन। जल संरक्षण अऊ जल संवर्धन के दिशा म उल्लेखनीय काम करइया मनखे अऊ संस्था ल अलंकरण देहे के प्रावधान करे जा सकत हे। उमन विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मन ल प्रोत्साहित करे के उद्देश्य ले विभाग म घलोक पुरस्कार योजना शुरू करे बर प्रस्ताव बनाए के निर्देश दीन। ए योजना के तहत हर साल राज्य स्तर म उत्कृष्ट काम करइया अधिकारी-कर्मचारी मन ल पुरस्कृत करे के प्रावधान करे जाए। श्री बोरा ह विभाग के जलाशय मन के जमीन संग आन जमीन मन ल विभाग के नाम म दर्ज कराए बर अभियान चलाय के निर्देश घलोक अधिकारी मन ल दीन। उमन बैठक म विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मन के वित्तीय या आन प्रकरण मन के निराकरण पूरा संवेदनशीलता के संग करे बर घलोक निर्देशित करिस।