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खनिज न्यास निधि ले देवाए गीस प्लास्टिक इंजिनियरिंग कोर्स म प्रवेश

जशपुरनगर, 04 जुलाई 2018। खनिज न्यास निधि संस्थान डहर ले यशस्वी जशपुर के अंतर्गत जिला के ग्रेजूएट युवक युवति मन ल रोजगार देवाए बर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के संग 5 युवति मन अउ एक युवक ल प्लास्टिक इंजिनियरिंग के 12 महीना के कोर्स अउ 6 महीना के प्रशिक्षण बर पाछू साल अगस्त 2017 म रायपुर भेजे गए रहिस, जेमां ले चन्द्रकान्त सिंह अउ कुमारी राजेश्वरी टोप्पो ल साक्षात्कार के बाद पुणे म 15000 रुपए मासिक के नौकरी मिल गए हे। संगेच आन 4 युवति मन ह घलोक नोयडा के एक कम्पनी म इंटरव्यू देहे हें। जेमां सफलता मिले के पूरा उम्मीद हे। राजेश्वरी अऊ आन युवति मन ह कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ले मिलके ओ मन ल धन्यवाद कहिन। कलेक्टर डॉ. शुक्ला ह ओ मन ल बधाई दीन अऊ आगू मेहनत अऊ ईमानदारी के संग काम करे के सलाह दीन।




प्लास्टिक इंजिनियरिंग के कोर्स अउ ट्रेनिंग के बाद अब हर महीना 15000 रुपिया कमावत युवक-युवति मन म कुनकुरी जनपद के ग्राम हर्राडांड निवासी कुमारी राजेश्वरी टोप्पो पिता श्री लोवश टोप्पो ह बताइस कि ऊंखर परिवार म कुल 6 सदस्य हे। ओ हर बताइस कि परिवार म माता पिता ह हमेंशा पढ़ाई बर प्रोत्साहित करत रहिस। जेखर से ओ हर बीएससी करिस। ओ ह बताइस कि वो हमेशा ले नौकरी करके अपन परिवार के मदद करना चाहत रहिस। जेन कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के मार्गदर्शन म आज पूरा होय हे। राजेश्वरी बताइस के ओ ल गर्ल्स कॉलेज जशपुर म ए कोर्स के बारे म जानकारी दे गे रहिस हे। जानकारी मिले के बाद ओ ह उदीम करिस अऊ रायपुर म प्लास्टिक इंजिनियरिंग के कोर्स करे 2 अगस्त 2017 को गीस। जिहां ओ ल 12 महीना के कोर्स म प्रवेश दे गीस। जेखर बाद वो पूणे म ट्रेनिंग बर इंटरव्यू ले चुने गीस जिहां ओला 15 हजार रुपए के संग रहना खाना घलोक देहे जाही। राजेश्वरी ह बताइस कि ओ ह कभू नइ सोचे रहिस, के वो अपन दूरस्थ गांव ले बाहिर सीधा पूणे म नौकरी करही। ओ हर बताइस के वो कभू जिला ले बाहिर नइ गए रहिस। अऊ आज जिला प्रशासन के ए पहल ले वो अपन गांव ले दूसर राज्य म जाके नौकरी करइया हे एखर से वो बहुत खुश हे।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ले मिले आए फरसाबहार जनपद के ग्राम तुम्बा निवासी कुमारी अंकिता मिंज के पिता श्री गोवरधन मिंज एक कृषक हे। अंकिता के परिवार म कुल 6 सदस्य हे। इनर परिवार म आय के एकमात्र साधन कृषि हे। अंकिता ह बताइस कि कृषि के माध्यम ले ही ओखर सबो भाई अउ बहिनी के पढ़ाई होथे। अंकिता ह बताइस कि वो नोयडा के एक कम्पनी म इंटरव्यू देहे गे रहिस, जेमां चयन होतेच ओला नौकरी मिल जाही। अपन नौकरी ले अर्जित आय ले वो अपन माता पिता बर कुछ करना चाहत हे। दुलदुला जनपद के सिरिकेला निवासी कुमारी खुलेश्वरी सिंह पिता नारायण सिंह ह बताइस कि ओ हर बीएससी करे हे। परिवार म सबले बड़े होए के संग ओखर घर म आय के साधन एक मात्र कृषि हे। जेखर से ओला समय के संग अपन परिवार के घलोक मदद करना रहिस। फेर हाथ म कुछ अलग हुनर नइ होए सेती ओला काम नइ मिलत रहिस। ओ ह बताइस कि वो बाहिर जाके पढ़ना चाहत रहिस। फेर परिवार के आर्थिक स्थिति के सेती अपन सपना ल दबाए बइठे रहिस। फेर कलेक्टर मैडम के संग यशस्वी जशपुर के अंतर्गत ये मौका ओला मिलीस अऊ रायपुर म कोर्स करे के बाद ओला नोयडा के कम्पनी म ट्रेनिंग करे के अवसर मिलीस।
कुनकुरी के घुईटांगर निवासी कुमारी ममता कुजूर पिता अंतरेस कुजूर ह बताइस कि ओखर परिवार म कुल 5 सदस्य हे जेखर आय के एकमात्र साधन कृषि ही हे। ओखर बड़े बहिनी ह स्नातक तक के पढ़ाई पूरा करे हे अऊ 2 भाई अभी कॉलेज म हे। ओ हर बताइस कि उंखर पढ़ाई बहुत मुश्किल ले पिताजी ह कराए हे। ओखर छोटे भाई इंजीनिरिंग करना चाहत रहिस फेर आर्थिक स्थिति कमजोर होए के सेती नइ कर सकीस। अब वो अपन परिवार के आर्थिक सम्बल बनना चाहत हे। ममता ह यशस्वी जशपुर के माध्यम ले कोर्स करिस अऊ अब ट्रेनिंग बर नोयडा म इंटरव्यू घलोक देहे हे। नौकरी के बाद वो अपन माता पिता अऊ भाई के मदद करना चाहत हे। सबो युवति मन ह कलेक्ट्रेट आके कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ले मिलके ओ मन ल धन्यवाद दीन।



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