बृजमोहन अग्रवाल

पति-पत्नी म झन होवय अहम के टकराव- बृजमोहन

रायपुर, 30 अप्रैल 2018। प्रदेश के कृषि अउ सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ह कहिन के विवाह के बंधन बड़ नाजुक होथे। अहम के थोरक टकराव म संबंध बिखर जाथे। एक पल के नासमझी म पूरा जीवन तबाह हो जाथे। ते खातिर जरूरी हे कि पति-पत्नी एक दूसर ल बने सहिन समझ-बूझ के चलंय। समझदारी ले ही जीवन ल सुखमय बनाए जा सकत हे। उमन ये बात ब्राइट फाउंडेशन कोति ले रंग मंदिर रायपुर म आयोजित विधवा, विधुर अउ तलाकशुदा मनखे मन के परिचय सम्मेलन अउ सामूहिक विवाह के बेरा म कहिन। ए अवसर म विवाह के बंधन म बंधइया जोड़ा मन ल उमन सुखी अउ सफल वैवाहिक जीवन के शुभकामना दीन।




बृजमोहन अग्रवाल ह कहिन कि असमय जिंकर पति या पत्नी के मृत्यु हो गए हे, ऊंखर बर सामाजिक जीवन म, बिना संगी के पूरा जीवन जीना मुश्किल होथे। जिंकर लइका होथे उंखर पीरा तो अऊ जादा होथे। अइसन म पति ल पत्नी या पत्नी ल पति मिल जाए ले जादा बड़े बात लइका मन ल माँ-बाप के मिले के हे। ऊंखर सुखद भविष्य ल देखते दुबारा विवाह जादा जरूरी होत जात हे।
उमन कहिन कि हालांकि विवाह के बंधन म बंधत सिरिफ पति-पत्नी दिखथें फेर येकर से पूरा कुटुंब के जुड़ाव होथे। तकलीफ आथे त पूरा कुटुंब सफर करथे। ए खातिर जरूरी हे कि एक पति-पत्नी एक दूसर के भावना मन के सम्मान करत चलंय। कहू कोनो बात तकलीफ देत हे त ओ बेरा ओला थोकुन सहन कर लेवंय। थोकन सहनशक्ति आप मन के पूरा कुटुंब ल खुशहाल रखही। हर मनखे म कुछु ना कुछु कमी-बेसी जरूर होथे। हमीच श्रेष्ठ, ये वाले भाव पति-पत्नी के बीच नइ आना चाही। ब्राइट फाउंडेशन के सराहना करत श्री अग्रवाल ह कहिन कि मनखे मन के कुटुंब बसाना नेक काम हे।
एखर अवसर म संस्था के प्रदीप सितुत, माधव यादव, मनीष वोरा, राधा राजपाल, चेतन चंदेल, सत्येंद्र मिश्रा, छइंहा राय, योगेश चौहान आदि मौजूद रहिन।



विकलांग युवक-युवती परिचय सम्मेलन अउ विवाह समारोह म बृजमोहन दीन शुभकामना
हरिबोल निराश्रित अउ विकलांग उत्थान संस्थान कोति ले महाराष्ट्रीयन तेली समाज भवन अश्वनी नगर म आयोजित विकलांग युवक युवती परिचय सम्मेलन अउ विवाह समारोह म कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सामिल होइन। ए अवसर म उमन नवविवाहित 5 जोड़ा ल शगुन भेट करके सफल अउ सुखमय वैवाहिक जीवन बर शुभकामना दीन। ए अवसर म बृजमोहन ह कहिन कि कोनो दिव्यांग अपन आप ल कमजोर झन समझव। भगवान कुछ कमी देथे त कुछ अकतहा अइसन शक्ति देथे जऊन दूसर म नइ रहय। ये खातिर हम मानथन के दिव्यांग मन मुकाबला म कोनो ले कम नइ हें। श्री अग्रवाल ह हरिबोल संस्था के सराहना करत कहिन कि दिव्यांग भाई-बहन मन के विवाह कराए जइसे नेक काम करइया ए संस्था के सबो सदस्य बधाई के पात्र हें। उंखर ये पुनीत काम आन संस्था मन बर प्रेरणादायक हे।


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