पुरातत्‍व

सिरपुर म पचास हजार साल जुन्ना हाथी दांत मिलीस

रायपुर, 22 मई 2018। छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल सिरपुर म अभी कुछेक दिन पाछू एक ग्रामीण के घर के नींव के खुदाई म अड़बड़ अकन हाथी के दांत मिले हे। पद्मश्री अरूण कुमार शर्मा ह बताइस कि सिरपुर म मिले ये दांत करीबन 50000 साल जुन्ना हे। उमन बताइन के खोदाई म मिले ये हाथी के खाए के दांत ये। उमन ये घलोक बताइन के पहिली सिरपुर म हाथी के देखाय वाले साबूत दांत घलोक मिले हे अऊ हाथी दांत ले बने चूड़ी घलोक मिले हे। इमन ये घलोक कहिन कि छठनां सेंचुरी बीसी म छत्तीसगढ़ ले हाथी दांत ले बनाय गए चूड़ी घलोक विदेश मन म निर्यात होत रहिस।
पद्मश्री अरुण कुमार शर्मा के कहना हे कि ये क्षेत्र कई सदियों ले हाथी मन के प्रजनन क्षेत्र रहे हे। छत्तीसगढ़ ले जल जहाज के माध्यम ले हाथी के निर्यात अरब देश मन म होत रहिस। इंकर कहना हे के छत्तीसगढ़ ले हाथी के संबंध कई शताब्दि ले हे। पुरातत्वीय स्थल मन के उत्खनन ले एखर प्रमाण मिलत हे। सरगुजा अऊ आन स्थल मन के खोदाई कहूं करे जाही त एखर अऊ प्रमाण अवश्य मिलही।
गोठ बात म इनम इहू बताइन के सिरपुर म एक बड़ाका मदिरा आसवन संयंत्र घलोक मिले रहिस हे जेखर से पता चलथे के सिरपुर म मदिरा के व्यापार होत रहिस।

रायपुर, 22 मई 2018। छत्तीसगढ़ के पुरातात्विक स्थल सिरपुर में अभी पिछले दिनों एक ग्रामीण द्वारा घर की नींव की खुदाई में काफी मात्रा में हाथी के दांत मिले हैं। पद्मश्री अरूण कुमार शर्मा नें बताया कि सिरपुर में मिले ये दांत लगभग 50000 वर्ष पुराने हैं। उन्‍होंनें बताया कि खुदाई में मिले ये हाथी के खाने के दांत हैं। उन्‍होंनें यह भी बताया कि सिरपुर में हाथी के दिखाने वाले साबूत दांत भी मिले हैं और हाथी दांत से निर्मित चूडि़यां भी प्राप्‍त हुई है। इन्‍होंनें यह भी कहा कि सिस्‍थ सेंचुरी बीसी में छत्‍तीसगढ़ से हाथी दांत से बनाई गई चूडि़या भी विदेशों में निर्यात होते थे।
पद्मश्री अरुण कुमार शर्मा का कहना है कि यह क्षेत्र सदियों से हाथियों का प्रजनन क्षेत्र रहा है। छत्‍तीसगढ़ से जल जहाजों के माध्‍यम से हाथियों का निर्यात अरब देशों को होता था। इनका कहना है कि छत्‍तीसगढ़ से हाथी का संबंध कई शताब्दियों से है। पुरातत्‍वीय स्‍थलों के उत्‍खनन से इसके प्रमाण मिल रहे हैं। सरगुजा और अन्‍य स्‍थलों की खुदाई यदि की जायेगी तो इसके और प्रमाण अवश्‍य मिलेंगें।
चर्चा के दौरान इन्‍होंनें यह भी बताया कि सिरपुर में एक बड़ा मदिरा आसवन संयंत्र भी प्राप्‍त हुआ है जिससे पता चलता है कि सिरपुर में मदिरा का व्‍यापार होता था।