केदार कश्यप डॉ. रमन सिंह महेश गागड़ा विक्रम उसेड़ी

अ.ज.जाति अऊ अ.जाति वर्ग के 22 समूह मन के उच्चारण विभेद मन ल मान्य करे के निर्णय

  • राज्य सरकार के दूसर बड़का निर्णय : डॉ. रमन सिंह
  • मुख्यमंत्री सामिल होइन अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति सम्मेलन म
  • बस्तर म अवइया युग कनेक्टिविटी के होही

रायपुर, 17 अप्रैल 2018। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ह कहिन हे कि अनुसूचित जनजाति के 22 समूह मन अऊ अनुसूचित जाति के पांच समूह मन के उच्चारण विभेद मन ल मान्य करे के फैसला उंखर सरकार के मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना लागू करे के फैसले के बाद दूसर बड़का निर्णय हे। उमन कहिन कि ए जाति समूह मन के उच्चारण विभेद मन ल मान्य करत राज्य सरकार ह अधिसूचना जारी कर देहे हे। एखर से अनुसूचित जनजाति अऊ अनुसूचित जाति वर्ग के 40 लाख मनखे मन ल फायदा होही, ऊंखर जाति प्रमाण पत्र बने म आसानी होही अऊ राज्य शासन के कई ठन योजना मन के लाभ मिलही। मुख्यमंत्री आज उत्तर बस्तर जिला के मुख्यालय कांकेर के नरहरदेव हाई स्कूल मैदान म आयोजित अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति वर्ग के सम्मेलन ल सम्बोधित करत रहिन। ये सम्मेलन अनुसूचित वर्ग के जाति समूह मन के उच्चारण विभेद ल मान्य करे के बर राज्य सरकार ऐतिहासिक फैसला के प्रति आभार प्रकट करे बर आयोजित करे गीस। मुख्यमंत्री ह कहिन कि बस्तर अंचल म सड़क अऊ रेल नेटवर्क के विस्तार, टेलीकॉम अऊ एयर कनेक्टिविटी बर व्यापक स्तर म काम करे जात हे। बस्तर म अवइया युग कनेक्टिविटी के युग होही।



आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ह कार्यक्रम के अध्यक्षता करिन। वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, लोक सभा सांसद श्री विक्रम उसेड़ी, विधायक श्री भोजराज नाग अऊ श्री मोहन मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष सुश्री लता उसेड़ी अऊ छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री जी.आर. राणा अऊ उपाध्यक्ष श्री विकास मरकाम विशेष अतिथि के रूप म कार्यक्रम म उपस्थित रहिन। मुख्यमंत्री ह कार्यक्रम के चालू म माँ दंतेश्वरी अऊ संविधान बनइया डॉ. भीमराव अम्बेडकर के फोटू म माल्यार्पण करिन। मुख्यमंत्री ह सम्मेलन ल सम्बोधित करत कहिन कि सिरिफ नारा लगाय ले नहीं, काम करे ले विकास होथे। विकास देखना हे त दंतेवाड़ा अऊ बीजापुर जाके देखे जा सकत हे। बस्तर अंचल के लइका पहिली शिक्षक बने ले बड़े कल्पना नइ करत रहिन। आज बस्तर के लइका आई.ए.एस. अऊ आई.पी.एस. बनना चाहत हें। बस्तर के लइका इंजीनियरिंग का हे नइ जानत रहिन। आज बस्तर के लइका भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) म पढ़ाई करत हें।
डॉ. सिंह ह सम्मेलन म कहिन कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के अंतर्गत प्रदेश के अनुसूचित जाति अऊ अनुसूचित जन जाति वर्ग के सबो परिवार ल योजना के पात्र हितग्राही मन म सामिल करे जाही। उमन 14 अप्रैल के दिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के बीजापुर जिला के जांगला गांव के दौरा के उल्लेख करत कहिन कि प्रधानमंत्री ह सविधान बनइया डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जयंती के अवसर म आयुष्मान भारत योजना के जांगला ले शुभारंभ करत हेल्थ केयर एण्ड वेलनेस सेन्टर के उद्घाटन करिन। ए योजना के दूसर चरण म गरीब परिवार मन ल पांच लाख रूपिया तक के निःशुल्क इलाज के सुविधा मिलही। ए योजना के माध्यम ले गरीब परिवार मन बर हृदय रोग, किडनी, कैंसर, लिवर अऊ नी-ट्रांसप्लांट जइसे इलाज कराना आसान हो जाही।



मुख्यमंत्री ह कहिन कि अवइया युग बस्तर के कनेक्टिविटी के होही। बस्तर अंचल म सड़क मन के जाल बिछाए जात हे, रेल नेटवर्क के विस्तार करे जात हे। जल्दीच जगदलपुर म एयर कनेक्टिविटी सेवा चालू होही। एखरे संगेच संग टेलीकॉम कनेक्टिविटी के बस्तर नेट के माध्यम ले विस्तार करे जात हे। उमन कहिन कि अवइया जून महिना तक कोनो अइसन पाराटोला या घर नइ होही जिहां बिजली के कनेक्शन नइ होवय। मुख्यमंत्री ह अनुसूचित वर्ग मन के कल्याण बर राज्य सरकार कोति ले संचालित योजना मन के जानकारी देवत कहिन कि आदिवासी बहुल बस्तर अऊ सरगुजा अंचल म वर्ग तीन अऊ वर्ग चार के शासकीय पद मन म स्थानीय मनखे मन के भर्ती के निर्णय राज्य सरकार कोति ले लेहे गए हे। अब तक ए पद मन म अंचल के 5800 युवा मन के भर्ती करे गए हे। मुख्यमंत्री ह कहिन कि अब अबूझमाड़ क्षेत्र म घलोक मनखे मोबाइल टॉवर के मांग प्रमुखता के संग करत हें। राज्य सरकार कोति ले स्काई योजना के तहत 55 लाख मनखे मन ल निःशुल्क स्मार्ट फोन देहे के योजना तैयार करे गए हे। मई महिना के तीसर हफ्ता ले बी.ए., बी.एस.सी. म पढ़इया शासकीय अऊ निजी महाविद्यालय मन के पढ़ईया लईका मन संग युवा, मजदूर, किसान अऊ तेन्दूपत्ता संग्राह अउ गरीबी लकीर के नीचे के 30 लाख मनखे मन ल निःशुल्क स्मार्ट फोन वितरित करे के काम शुरू कर दे जाही। मुख्यमंत्री ह कहिन कि ए फोन के मदद ले शासन के योजना मन ले जुड़ना आसान होही अऊ जीवन घलोक सरल होही। मुख्यमंत्री ह कहिन कि राज्य शासन के योजना मन ले मनखे मन के जीवन म सकारात्मक बदलाव आवत हे। सबो के सहयोग ले छत्तीसगढ़ अवइया समय म देश के अग्रणी राज्य मन म सामिल होही।


मुहाचाही:  अंबेडकर अस्पताल अऊ क्षेत्रीय कैंसर संस्थान ल मिलिस दू राष्ट्रीय पुरस्कार