Ujwal Deepak आलेख

एक अऊ एक ग्यारा

सन्दर्भ : मोदी जी के छत्तीसगढ़ प्रवास

कई बछर पहिली जून के भरे गर्मी के ये बात मोला घेरी- बेरी सुरता आथे। ओ समय अविभाजित मध्य प्रदेश रहिस। कक्षा बारहवीं के पुनर्मूल्यांकन काम बर मोला तब भोपाल जाना परे रहिस। वो मोर जीवन के पहली रेल यात्रा रहिस अऊ रायपुर ले बाहिर कोनो बड़े शहर म जाय के पहली अनुभव रहिस। सरकारी दफ्तर म ये समझ म आइस के अविभाजित मध्य प्रदेश के ए क्षेत्र (वर्तमान छत्तीसगढ़) ले आये मनखे मन के संग राज्य के राजधानी भोपाल म बईठे अधिकारी मन अड़बड़ सौतेला व्यहवार करत रहिन। मन म बस एके सवाल आइस के दूरिहा-दूरिहा ले आये ग्रामीण अपन समस्या मन ले कइसे निजात पात होहीं!!
उमर छोटे रहिस अऊ जाने के चुलुक बड़का। मैं पहली पइत बड़ा ताल, मुख्यमंत्री निवास, राज भवन, विधानसभा भवन, मंत्रालय अऊ आन महत्त्वपूर्ण सरकारी इमारत मन ल देखेंव, साफ़, सुन्दर हरियर भोपाल देखेंव, चौड़ा-करिया सड़क मन ल देखेंव। इही बखत म हम ओ समे “मिनी बॉम्बे” के नाम ले मशहूर, इंदौर शहर घलोक गयेन। जाय के कारण रहिस IAS बनने के आस। मौका कम रहिस अऊ संउंख जादा। कहूँ ओ समय पढ़ईया लईका मन ल सिविल सेवा के परीक्षा के तैयारी करना होत रहिस त येती कोठारी इंस्टीटयूट जइसे कोनो कोचिंग संस्थान नइ रहिस। मैं अखबार म विज्ञापन देखे रहेंव के प्रेस काम्प्लेक्स म कोठरी इंस्टीटयूट ह एक कॉलेज खोले हे अऊ उहाँ ले स्नातक करत सिविल सेवा के परीक्षा के तैयारी संग म करे जा सकत हे। हम उहाँ गयेन जरूर, फेर कॉलेज के फीस, हॉस्टल आदि के खरचा सुन के निराश हो के वापस लहूट आयेन।
खैर, उपर के बात मन ल सुरता करे के मकसद एके हे कि रायपुर म रहइया हम युवा मन बर ये एक अचरज वाले अनुभव रहिस। अइसन सुविधा अउ विकास ल देखके आँखी चुंधिया गीस। एके राज्य के दू बड़े शहर मन ल देखके इरखा के अनुभव होवत रहिस अऊ अफसोस घलोक के अइसन कोनो शहर छत्तीसगढ म विकसित काबर नइ हो सकीस जबकि ओ दौर म मध्य प्रदेश के राजस्व के करीबन 40 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ ले जात रहिस। दिल म टीस उठत रहिस के राज्य के तीसर बड़का शहर रायपुर के संग अतीक सौतेला व्यवहार के कारण का रहिस होही। बिजली अऊ खनिज ले भरपूर ए हिस्सा के दोहन तो करे जात रहिस फेर जम्‍मो विकास भोपाल अऊ इंदौर जइसे बड़े शहर मन म समटा जात रहिस। बस्तर अऊ सरगुजा जइसे क्षेत्र मन के विकास ले दशकों अछूता रहे के सेती नक्सल समस्या घलोक जर जमा ले रहिस। ओ समय कामचोर, नाकाबिल, भ्रष्ट अऊ अनुशासनहीन अधिकारी मन ल सजा के तौर म बस्तर म तैनात कर दे जात रहिस। थोकुन सोंचव! सबले उपेक्षित, गरीब अऊ विकासहीन क्षेत्र मन ल सबले नाकाबिल अधिकारी मन सँभालत रहिन। आप मन घलोक सहमत होहू के नक्सल समस्या के बाढ़े के असली कारण ये व्यवस्था घलोक रहिस। आज मैं ओ समय ल सुरता करथंव त एक दुखदाई सपना कस लागथे।
ए दौर तक अलग छत्तीसगढ़ राज्य के आंदोलन उफान म आ गए रहिस। बिना खूनखराबा के पूरा शांति के संग छत्तीसगढवासी नवा राज्य के अवाज बुलंद करत रहिन। राज्य के वरिष्ठ पत्रकार, बुद्धिजीवी वर्ग अऊ कुछ राजनेता बेरा-बेरा म अलग राज्य के मांग, आलेख अऊ बयान मन के जरिये उठात रहिन। स्व. खूबचंद बघेल अउ स्व. विद्याचरण शुक्ल जी ह अलग छत्तीसगढ़ राज्य बर आंदोलन जरूर करे रहिन जेमां ओ मन ल आम जनता के समर्थन धलोक हासिल होए रहिस।
फेर एक दिन भगवान ह कहूं हम गरीब मन के सुनिच लीस। देश म माननीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के सरकार बनिस त लगिस के अब कोनो चमत्कार होही। अउ एक नवम्बर सन 2000 के दिन छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण होइस। आज हम श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी बर कतको कृतज्ञता प्रकट करन, वो कमती हे। उंखर दूरदृष्टि ह मोर जइसे लाखों युवा मन के किस्मत बदल दीस अऊ उम्मीद ल घलोक बढा दीस। पाछू 15 बछर म विकास के जऊन प्रतिमान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सरकार ह खडे करे हे, वो गौरवशाली हे। आज दूसर राज्य मन बर छत्तीसगढ के विकास-यात्रा अनुकरणीय हे। छोटे राज्य मन के महत्ता का हो सकत हे, ये हमन साबित कर देखायेन।
ये हमर सौभाग्य ही हे के मोदी जी पाछू तीन साल म पांचवा पइत अऊ दू महिना म दुसरा पइत हमार राज्य म पधारत हें। माननीय प्रधानमंत्री जी के सुरू ले उदीम रहिस के आदिवासी अउ ग्रामीण क्षेत्र मन ल देश के विकास के नवा धूरी के तौर म विकसित करे जाए जेखर सर्वश्रेष्ठ उदाहरण राजनांदगाँव ज़िला के डोंगरगढ़ ले रूरबन योजना के शुरुआत करना होवय या बीजापुर जइसे नक्‍सल प्रभावित ज़िला ले महत्वकांक्षी आयुषमान भारत के शुरुआत होवय। प्रधानमंत्री मोदी के छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष लगाव महज एक संयोग नइ हे! करीबन 18 साल पहिली जब ओ मन छत्तीसगढ़ राज्य के प्रभारी रहिन त पूरा राज्य के दौरा उमन जमीनी स्तर म करत रहिन। उमन आदरणीय अटल बिहारी बाजपेयी जी के विशाल सभा बस्तर म आयोजित कराए रहिन अऊ एखर से जुड़े बहुत अकन उंखर किस्सा वरिष्ठ कार्यकर्ता मन सुरता करत रहिथें। बहुत ही सहज अऊ सरल ढंग ले उमन बस्तर म संगठन स्तर म काम करे रहिन, वरिष्ठ कार्यकर्ता मन ल उमन उंखर नाम ले जानथें अऊ छत्तीसगढ़ के माटी ले ओ मन जुड़े हें।
सन 2000 म जब उमन राज्य के स्थिति देखे रहिन होहीं अऊ आज जब ओ मन इहां होए विकास ल देखत होहीं, निश्चित तौर म ओ मन ल गर्व के अनुभूति होत होही।
केंद्र म श्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमन्त्री बनइय, छत्तीसगढ़ राज्य बर दुगुना सौगात लेके आए हे। अऊ कहूं इही कारण हे के राज्य के जतका विकास पाछू 4 बछर म होय हे, वोतका आज़ादी के बाद कभू नइ होय रहिस। सन 2003 म डॉ रमन सिंह के मुख्यमंत्री बने के बाद पहिली कुछ साल तो जुन्ना गड्ढा भरे म लगिस। केरल जइसे बड़े राज्य के बराबर बस्तर जिला ल 7 नवा जिला मन म विभक्त करना अऊ कुल 11 नवा जिला बनाके डॉ रमन सिंह ह भूगोल बदलके इतिहास रचाए हें। पहिली छत्तीसगढ़ राज्य अऊ फेर ए नवा जिला मन के निर्माण के फैसला ह अभूतपूर्व क्रांति के शुरुवात करिस। पहिली 16 बड़े जिला मन म 16 कलेक्टर अऊ एसपी रहिन उमन ल अब 27 छोटे जिला मन म 27 कलेक्टर, एसपी प्रभावी ढंग ले अपन भूमिका के निर्वहन करत हें। प्रशासन मनखे मन के अऊ तीर आए हे। जिला मन के नक़्शा तो जरूर छोटे होइस, फेर मनखे मन के जीवन म बड़का बदलाव होइस। पहिली जऊन काम बर दूरस्थ, वनांचल छेत्र ले मनखे मन ल रात भर यात्रा करके जिला मुख्यालय आना परत रहिस, उमन अब कुछेक घंटा म वो अपन काम निपटा के वापस संझा तक अपन घर पहुँच सकत हे। नवा जिला मुख्यालय मतलब वोतनेच नवा जिला चिकित्सालय, जमीन के रजिस्ट्री बर वोतनेच नवा कार्यालय, वोतनेच नवा अधिकारी, पटवारी अऊ आन सुविधा। सर्वांगीण विकास बर ये एक जरूरी कदम रहिस अऊ ए जिला मन के अलग-अलग सफलता के कहानी एकर प्रमाण हे। आज ए नवा जिला मन म अधिकतर युवा अधिकारी कुछ कर गुजरे के चाहत लिए अपन सेवा देवत हें।
सन 2012 म “खाद्य सुरक्षा कानून” बनइया पहिली मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह हे, जऊन ल केंद्र सरकार ह घलोक मॉडल-स्टेट के तौर म अपनाइस। छत्तीसगढ़ के योजना ल समझे के बादेच केंद्र ह अपन कानून पूरा देश म लागू करे रहिस। राज्य म अब कोनो भूख ले नइ मरय। आम आदमी खाए के चिंता छोड़के अब शिक्षा अऊ रोजगार म ध्यान दे पावत हें। अब ऊंखर तीर ये अधिकार हे के भूख ले विवश होके कोनो काम, कोनो भी दर म झन करंय अऊ सम्मान के संग अपन काम खुद अपन मर्जी ले चुनय। मुख्यमंत्री जी खुद डॉक्टर हें ए खातिर उमन आम आदमी ल ‘स्वास्थ्य बीमा कार्ड’ देके सेहतभरी जिंदगी के रद्दा खोले हें। कवर्धा म गरीब मन के नि:शुल्क इलाज करत उमन उंखर दुख-दरद ल तीर ले देखे हें अऊ ए दिशा म एक अभूतपूर्व कदम उठात राज्य के बहुत गरीब वर्ग ल सहूलियत पहुंचाए हें। स्वास्थय योजना म पहिली 30 हजार अऊ अब 50 हजार के बीमा राशि के प्रावधान करे गए हे। सोना म सोहागा ये के प्रधानमंत्री मोदीजी नवा योजना के मुताबिक पांच लाख के बीमा करत हें।
स्पष्ट हे कि छत्तीसगढ़ राज्य नित नवा कीर्तिमान गढ़त हे। प्रधानमंत्री आवास योजना म पूरा देश म हमर राज्य क्रियान्वयन म पहिली स्थान म हे। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत दूरस्थ वनांचल क्षेत्र मन के ग्रामीण महिला मन ल गैस-चूल्हा मिलीस त उमन धुगिया ले मुक्ति पाये हें। छत्तीसगढ़ म 3 स्मार्ट सिटी, रायपुर, बिलासपुर अऊ नवा रायपुर आकार लेवत हे। नवा रेल लाइन के स्वीकृति मिले हे अऊ तमाम बड़े परियोजना मन, जऊन आर्थिक या राजनैतिक कारण मन ले अटके रहिन, सबो ल स्वीकृति मिलत हे। प्रधानमंत्री मोदी अउ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बेहतरीन जुगलबंदी ह ये विश्वास छत्तीसगढिया मन म जगाए हें कि हम जऊन मांगबोन, वो केन्द्र ले मिलत हे। पहिली जइसे सौतेला व्यवहार नइ होवत हे। तमाम सामाजिक सूचकांक इंगित करत हे के हमन उत्तरोत्तर प्रगति करे हवन अऊ आगू बढ़त हवन। कुछ विषय मन म तो हमन बड़का राज्य मन ल घलोक पाछू छोड़ देहे हवन। अऊ ये सब प्रधानमंत्री श्री मोदी के विशेष लगाव ही हे जऊन हमार आत्मविश्वास ल सरलग बढ़ावत हे।
प्रधानमंत्री मोदी के डॉ रमन सिंह के संग प्रगाढ़ता समय समय म परिलिक्षित होथे जब ओ मन लाखों मनखे मन के आघू मुक्‍त कंठ ले ऊंखर काम मन के प्रशंसा करथें अऊ आन राज्य मन ले आग्रह करथें के ओ मन ल छत्तीसगढ़ राज्य आके इहां के योजना मन ल समझके अपन राज्य म लागू करना चाही। नवाचार म हम बाकी राज्य मन ले घलोक आगू हवन अऊ ये प्रमाण हमर योजना मन ल समझे अवइया दुसर राज्य के अधिकारी मन खुदे देवत हें।
प्रधानमन्त्री मोदी देश के दूसर प्रधान मंत्री हे जऊन भिलाई स्टील प्लांट आवत हें। पाछू पईत स्व. जवाहरलाल नेहरू जब प्रधानमंत्री रहिन त भिलाई आये रहिन। श्री मोदी के ये प्रवास ए खातिर घलोक महत्त्वपूर्ण हे के ओ मन “उड़ान” योजना के तहत रायपुर-जगदलपुर उड़ान सेवा के शुभारम्भ तको करहीं। ए ऐतिहासिक घडी के पूरा राज्य ल बेसब्री ले इंतजार हे काबर के ये सुविधा बस्तर ल देश ले हवाई सेवा ले जोड़े के शुभारम्भ करही। जगदलपुर म नवा एयरपोर्ट बने के बाद बस्तर देशेच नहीं भलुक अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपन उडान भरे के साहस रख सकही।
राज्य बने के पहिली जऊन क्षेत्र मन म विधायक या राज्य के मंत्री के आना घलोक अपन आप मन म एक अचंभा होवत रहिस उहाँ राज्य बने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जी के दौरा अऊ केंद्र म भाजपा सरकार आए के बाद आज उही क्षेत्र मन म प्रधानमंत्री जी के पहुँचइ एक नवा व्यवस्था ल जनम देवत हे जेमां प्रधानमंत्री ल शासक नहीं सेवक के रूप म देखे जा सकत हे। विकास यात्रा के माध्यम ले मुख्यमंत्री जी ह घलोक दूरस्थ क्षेत्र मन म दौरा करके पूरा प्रदेश ल समान रूप ले विकसित करे के अपन संकल्प ल भलीभाँति परिभाषित करे हें। केंद्र म सरकार बने के बाद प्रधानमंत्री जी के पाँचवाँ दौरा ऊंखर “सबका साथ सबका विकास” के संकल्प ल अऊ मज़बूती ले स्थापित करे हे।
सन 2000 म तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी के छत्तीसगढ़ निर्माण के निर्णय, सन 2003 म डॉ. रमन सिंह जी के मुख्यमंत्री बनइ अउ सरलग 15 बछर तक विकास के नवा कीर्तिमान गढ़इ अउ सन 2014 म मोदी जी के प्रधानमन्त्री बनइ, हम छत्तीसगढिया मन बर कोनो वरदान ले कम नइ हे। पाछू 15 बछर म हम बहुत आगू बढे हवन अऊ अवइया समय म हम नित नवा उचाई ल छूबोन।
प्रधानमंत्री जी के प्रति जनता के अनुराग अऊ स्वीकार्यता ल देखत “मोदी लहर” ल “विकास लहर” के नाम देवइ कहूं कोनो अतिशयोक्ति नइ होही। आज विश्व पटल म भारतवर्ष के प्रभुत्व हर हिंदुस्तानी के दिल म गर्व के अहसास ल अऊ मज़बूती प्रदान करे हे। “विकास लहर” के स्वागत करे “विकास के बौछारें” पहिलिच ले तइयार हे। प्रधानमंत्री जी के छत्तीसगढ़ आगमन के स्वागत करे बर मानसून ह छत्तीसगढ़ के धरती म पहिलिच दस्तक दे देहे हे। आशा हे के प्रदेश के ख़ुशहाली अऊ प्रगति म ए साल दुनोंच अपन किरदार ल सुघ्‍घर निभाहीं।
केंद्र म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अऊ प्रदेश म मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह जी के संघरा उदीम ह साबित कर देहे हे के जब संकल्प पावन होही अऊ पूरा हिरदे ले प्रयास होही त “एक अऊ एक दो” नहीं भलुक “एक अऊ एक ग्यारह” होथे जेखर प्रभाव प्रदेश के जनता दिन दुगना रात चउगुना विकास के रूप म महसूस करत हें।
छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता के आत्मविश्वास कुंलांचा मारत हे,
जय छत्तीसगढ़।

मुहाचाही:  छत्‍तीसगढ़ के न्‍यूज वेबसाईटों की एलेक्‍सा रैंकिंग

उज्ज्वल वीरेंद्र दीपक